अगर कोई व्यक्ति हफ्ते में तीन बार से कम मल त्याग करता है और उसे मल त्याग के दौरान ज्यादा जोर लगाना पड़ता है, तो यह माना जाता है कि उसे कब्ज है। मेरे दादाजी को कब्ज की शिकायत थी। उन्हें मल त्याग करने में काफी परेशानी होती थी। वह खाने के भी शौकीन थे, कुछ भी खाने के बाद उन्हें पेट में मरोड़ होने लगती और जब मल त्याग करने की कोशिश करते तो असफल होते थे। मेरे दादाजी को हर समय पेट भारी महसूस होता था, उन्हें लगता था जैसे फ्रेश होने के बाद भी पेट पूरी तरह से साफ नहीं हुआ है। तब मेरी दादी ने उन्हें एक चूर्ण बनाकर दिया जिसमें सौंफ, अजवाइन, त्रिफला जैसी प्राकृतिक सामग्रियां थींं।
कब्ज का इलाज जानने से पहले यह समझ लेते हैं कि आखिर कब्ज होता क्यों है? जब शरीर में पानी या फाइबर की कमी होती है, तो कब्ज हो सकता है। मल रोककर रखने की आदत, कुछ खास दवाओं का सेवन जैसे एंटीडिप्रेसेंट, हार्मोनल असंतुलन के कारण भी कब्ज की समस्या हो सकती है। कई लोग कब्ज को दूर करने के लिए घरेलू नुस्खों का प्रयोग करते हैं, कोई अजवाइन खाता है, तो कोई त्रिफला या इसबगोल, लेकिन कब्ज को दूर करने के लिए सबसे अच्छी चीज क्या है? इस सवाल का जवाब हम आगे एक्सपर्ट से जानेंगे कि कब्ज में इसबगोल ज्यादा असरदार है या त्रिफला?
त्रिफला से कब्ज बढ़ सकता है- Triphala Can Cause Constipation

Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana ने बताया कि त्रिफला (Triphala) में मौजूद आंवला, हरड़ और बहेड़ा तीनों ही एस्ट्रिंजेंट (Astringents) हैं। इनके कारण कब्ज की समस्या होती है। लोगों को लगता है कि कब्ज के लिए त्रिफला का सेवन करना चाहिए क्योंकि इससे पेट साफ हो जाता है, लेकिन यह एक तरह का मिथ है। कब्ज में त्रिफला का सेवन नहीं करना चाहिए। त्रिफला को अगर हाई डोज में लेंगे, तो कब्ज हो जाएगा। Dr. Shrey ने बताया कि उन्होंने कई ऐसे मरीज देखे हैं, जो रोज त्रिफला का सेवन करते हैं और फिर भी कब्ज की समस्या दूर नहीं होती। त्रिफला लेने से वात दोष बढ़ जाता है और कब्ज की समस्या होती है। त्रिफला एक रसायन है, यह डायबिटीज, त्वचा रोग, चर्म रोग, समय से पहले एजिंग जैसी समस्याओं में काम करता है।
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कब्ज में इसबगोल है फायदेमंद- Consume Isabgol In Constipation
अश्वगोल एक पौधा है जिससे इसबगोल शब्द आया। यह आंतों में जाकर कब्ज को दूर करता है। डायरिया में भी इसबगोल असरदार है। इसबगोल (Isabgol Or Psyllium Husk) एक वॉटर सॉल्यूबल फाइबर है जो पानी सोखकर मल को भारी और नर्म बनाता है ताकि मल त्याग में आसानी हो।
निष्कर्ष:
इसबगोल एक तरह का फाइबर है जिससे कब्ज की समस्या दूर होती है और दूसरी ओर त्रिफला एक तरह का एस्ट्रिंजेंट है जिससे कब्ज की समस्या हो सकती है इसलिए त्रिफला का सेवन न करें। इसबगोल कब्ज और डायरिया दोनोंं में फायदेमंद है।
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Feb 23, 2026 11:03 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Feb 23, 2026 11:03 IST
Modified By : Yashaswi MathurFeb 23, 2026 11:03 IST
Modified By : Yashaswi MathurFeb 23, 2026 11:03 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Shrey Sharma