Psyllium Husk for Constipation: खराब लाइफस्टाइल और डाइट का असर हमारे हाजमे पर भी होता है। इतना ही नहीं, जब आप स्ट्रेस में रहते हैं तो इसका असर भी आपके मेटाबॉलिज्म पर होता है। आसान भाषा में समझें तो खराब लाइफस्टाइल, डाइट और स्ट्रेस, तीनों ही पाचन क्रिया को खराब करती है और मेटाबॉलिज्म को स्लो कर देती है। इससे आंतों की गति लगातार प्रभावित होती है बॉवेल मूवमेंट प्रभावित हो जाता है और यही कब्ज की समस्या का कारण बन जाता है। ऐसे में आप फाइबर और रफेज से से जानें 1 दिन में कितना खाएं और कैसे भरपूर चीजों को खाएं तो इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है जैसे कि इसबगोल। पर सवाल ये है कि इसे लेने का सही तरीका क्या है? जानते हैं इस बारे में आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा (Ayurvedic Dr. Chanchal Sharma, Director and Gynecologist, Asha Ayurveda) से ।
पेट साफ करने के लिए इसबगोल कैसे लेना चाहिए?
डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि पेट साफ करने के लिए इसबगोल का इस्तेमाल लंबे समय से हो रहा है। इसे आयुर्वेद में भी कब्ज का बेहद असरदार उपाय माना गया है। इसबगोल का इस्तेमाल मुख्य रूप से एक घुलनशील डाइटरी फाइबर के तौर पर किया जाता है, जिसे छोटी आंत सोखती नहीं है और स्टूल को साफ करने में मददगार है। कब्ज में आप इसे दही में मिलाकर या गुनगुने पानी में मिलाकर ले सकते हैं। तो आपको करना ये है कि
- 1 गिलास गुनगुने पानी में एक या दो चम्मच इसबगोल मिलाएं और सोने से ठीक पहले पी लें।
- खाना खाने के तुरंत बाद दही या ठंडे दूध में 1 से 2 चम्मच इसबगोल मिलाकर पी सकते हैं।
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1 दिन में कितनी मात्रा में लें इसबगोल?
डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि एक दिन में आप 1 या 2 चम्मच से ज्यादा इसबगोल न लें। ये शरीर से अतिरिक्त पानी को सोखता है और मल में थोक जोड़ता है और अगर आपने इसे ज्यादा मात्रा में ले लिया तो डिहाइड्रेशन की स्थिति हो सकती है जिससे आपता हाजमा खराब हो सकता है।
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कब्ज में इसबगोल लेने के फायदे
साल 2019 में International Journal of Molecular Sciences में प्रकाशित शोध के अनुसार इसबगोल (Psyllium Husk) का उपयोग लंबे समय से कब्ज के इलाज के लिए किया जाता रहा है। इसबगोल मल में पानी की मात्रा (faecal water content) को बढ़ा देता है, जिससे मल नरम हो जाता है और उसे त्यागने में आसानी होती है। यह पाचन तंत्र के माध्यम से मल के गुजरने के समय को कम करता है जिससे मल तेज गति से पास हो जाता है।
गट बैक्टीरिया के लिए फायदेमंद है इसबगोल
इसबगोल में Faecalibacterium और Phascolarctobacterium होते हैं जो गट बैक्टीरिया के लिए फायदेमंद है। ये बैक्टीरिया शॉर्ट-चेन फैटी एसिड (SCFAs) जैसे कि एसीटेट और ब्यूटायरेट का उत्पादन करते हैं, जो आंतों के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी माने जाते हैं।
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लैक्सेटिव है इसबगोल
डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि इसबगोल का मुख्य इस्तेमाल लैक्सेटिव के तौर पर होता रहा है इसलिए इसे ऐसे लें कि इसका डाइटरी फाइबर कम न हो यानी ज्यादा पानी के साथ। ये यह पानी सोखता है और बाद में मल को नरम बनाता है इसलिए आपको इसे ज्यादा पानी में मिलाकर लेना चाहिए ताकि इसबगोल शरीर का पानी न खींच लें और इससे दोबारा कब्ज की स्थिति न हो जाए।
निष्कर्ष:
कब्ज के लिए ये बेहद सुरक्षित उपाय है। बस ध्यान रखें कि ज्यादा मात्रा में इसके सेवन से बचें क्योंकि ज्यादा फाइबर भी आंतों की सेहत को प्रभावित करती है और पेट से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकती है जैसे कब्ज की समस्या हो सकती है, पेट खराब हो सकता है। इसके अलावा अगर आपका हाजमा कमजोर रहता है यानी कभी कब्ज और कभी पेट खराब होने की स्थिति बनी रहती है तब भी इसे लेने से बचें। अगर प्रेग्नेंसी है तो इस स्थिति में भी इसबगोल लेने से बचें। साथ ही बिमा डॉक्टर से बात किए अपने मन से रेगुलर इसबगोल न लें। दरअसल, डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि कोई भी इंसान अगर रेगुलर इसबगोल लेता है जो कि एक प्रकार का लैक्सेटिव है तो इससे पाचन एंजाइम्स खराब हो जाते हैं। पेट का नेचुरल हाजमा खराब हो जाता है और हर कुछ दिनों पर कब्ज की स्थिति बनी रहती है इसलिए बिना डॉक्टर की राय के अपने मन से रगुलर इशे न लें। अगर आपको लगातार कब्ज की समस्या रहती है तो डॉक्चर को दिखाएं, ये एक मेडिकल कंडीशन हो सकती है लेकिन कोई भी लैक्सेटिव लंबे समय तक न लें।
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FAQ
इसबगोल कब नहीं खाना चाहिए?
इसबगोल पेट दर्द, ब्लीडिंग या अपेंडिक्स की समस्या होने पर न लें। अगर आपकी कोई पेट की दवा चल रही है तब भी आपको इसबगोल लेने से बचना चाहिए।प्रेगनेंसी में इसबगोल ले सकते हैं क्या?
प्रेगनेंसी में इसबगोल नहीं लेना चाहिए खासकर कि बिना डॉक्टर से पूछे। इस दौरान होने वाला कब्ज पेट में पल रहे बच्चे की वजह से होता है न कि डाइट की वजह से इसलिए पहले डॉक्टर को दिखाएं फिर इसबगोल लें।
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Aug 19, 2026 18:23 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr Chanchal Sharma
