Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

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गर्मियों में गोंद कतीरा एक दिन में कितना खाना चाहिए? आयुर्वेदाचार्य से जानें

गर्मियों में गोंद कतीरा शरीर को ठंडक देने, पाचन बेहतर रखने और कब्ज की समस्या को कम करने में मदद करता है। इसलिए एक दिन में कितना खाना चाहिए, यह व्यक्ति कि स्थिति, प्रकृति और लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है। 

भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से राहत पाने के लिए गोंद कतीरा का सेवन बेहद फायदेमंद माना जाता है। गर्मियों के मौसम में गोंद कतीरा का सेवन करना लोगों को काफी पसंद होता है। भले ही इसका कोई अपना स्वाद न हो, लेकिन नींबू पानी, शरबत या दही में मिलाकर खाने से न सिर्फ स्वाद बढ़ता है, बल्कि ये सेहत के लिए भी काफी लाभकारी बन जाता है। हालांकि, किसी भी औषधि या खाद्य पदार्थ का फायदा तभी मिलता है, जब इसका सेवन सही मात्रा में किया जाता है तभी फायदा मिलता है। इसलिए, आइए हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं कि एक दिन में कितना गोंद कतीरा खाना चाहिए?

गोंद कतीरा 1 दिन में कितना खाना चाहिए?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि गोंद कतीरा एक दिन में कितना खाना चाहिए, ये मौसम, व्यक्ति की अग्नि के हिसाब से, उम्र के हिसाब से और बीमारी की स्थिति के हिसाब से और शरीर में आम (Toxins) की स्थिति पर निर्भर करता है। यानी हर उम्र, मौसम और बीमारी में इसकी खुराक अलग-अलग हो सकती है, जैसे-

मौसम के अनुसार

गर्मियों के मौसम में यानी जून और जुलाई में गोंद कतीरे का सेवन आप 20 से 25 ग्राम ले सकते हैं। वहीं, सर्दियों के मौसम में इसकी मात्रा बहुत कम रखनी चाहिए, क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है तो ज्यादा मात्रा में इसे लेने से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।

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उम्र के अनुसार

उम्र के अनुसार भी गोंद कतीरा का सेवन सही मात्रा में करना बहुत जरूरी है। इसलिए, 10 साल से कम उम्र के बच्चे को सिर्फ 1 से 2 ग्राम गोंद कतीरा देना चाहिए, जबकि वयस्क व्यक्ति को सामान्य तौर पर 20 से 25 ग्राम तक दिया जा सकता है, जो गर्मी के मौसम में शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद कर सकता है।

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प्रकृति के अनुसार

व्यक्ति के शरीर की प्रकृति के अनुसार भी गोंद कतीरा का सेवन सही मात्रा में करना बहुत जरूरी होता है। इसलिए, पित्त प्रकृति वाले लोगों के शरीर में गर्मी ज्यादा होती है, जिस कारण वे एक दिन में 30 से 40 ग्राम भी डॉक्टर की सलाह पर ले सकते हैं। वहीं, वात-कफ प्रकृति वाले लोग, जिनकी पाचन अग्नि कम है, उन्हें दिनभर में 10 से 15 ग्राम से ज्यादा नहीं लेना चाहिए।

जीवनशैली और फिजिकल एक्टिविटी के हिसाब से

जो लोग अच्छा वर्कआउट करते हैं और जिनकी पाचन अग्नि मजबूत होती है, वे ज्यादा मात्रा में गोंद कतीरे का सेवन कर सकते हैं यानी 20 से 25 ग्राम के करीब। वहीं, जो लोग सिटिंग जॉब करते हैं या कम एक्टिव हैं उन्हें एक दिन में ज्यादा से ज्यादा 10 ग्राम ही गोंद कतीरा लेना चाहिए।

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निष्कर्ष

एक हेल्दी व्यक्ति दिनभर में 15 से 20 ग्राम गोंद कतीरा का सकते हैं, लेकिन आप इसकी खुराक अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर की सलाह पर बढ़ा या घटा सकते हैं। इसके साथ ही अगर किसी को जुकाम या कफ जैसी समस्या है तो उसे इसका सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है, जो कफ को बढ़ा सकता है।

Image Credit: Freepik

FAQ

  • सुबह खाली पेट गोंद कतीरा खाने से क्या होता है?

    खाली पेट भिगोया हुआ गोंद कतीरा खाना शरीर को ठंडक देता है, पाचन में सुधार करता है और कब्ज की समस्या से राहत दिला सकता है।
  • गोंद कतीरा खाने का सही तरीका क्या है?

    गोंद कतीरा को हमेशा भिगोकर खाना चाहिए। 1-2 छोटे चम्मच गोंद कतीरा को एक गिलास पानी में 6 से 8 घंटे या रातभर भिगोकर रख दें। इसके बाद जब ये जेली जैसा बनकर फूल जाए तो इसे सीधे खाने के स्थान पर नींबू पानी, शरबत, लस्सी या दही में मिलाकर खाएं।

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Disclaimer

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    May 06, 2026 15:53 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • May 06, 2026 15:53 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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