Fri Sep 11, 2026 | 08:19 PM IST

Doctor Verified

गर्मियों में फायदेमंद है गोंद कतीरा, गुलकंद और सब्जा का मिश्रण, जानें सेवन का सही तरीका

गर्मियों के मौसम में शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है, जिससे लू लगना, सिरदर्द, एसिडिटी, पेट की जलन, नकसीर और थकावट जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। यहां जानिए शरीर को ठंडा रखने के लिए क्या करें?

दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में इस समय भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है, जिससे लू, थकान, सिरदर्द, एसिडिटी, पेशाब में जलन, त्वचा पर रैशेज और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। ऐसे में शरीर को बाहर से ही नहीं, अंदर से भी ठंडा रखना बेहद जरूरी हो जाता है। आयुर्वेद में कई ऐसी प्राकृतिक चीजें बताई गई हैं, जो शरीर की गर्मी को संतुलित कर सकती हैं और गर्मियों में राहत दे सकती हैं। इन्हीं में से प्रमुख हैं गोंद कतीरा, गुलकंद और सब्जा बीज। ये तीनों चीजें न सिर्फ शरीर को ठंडक देने में मदद करती हैं, बल्कि पाचन तंत्र को भी सुधारती हैं और गर्मी से होने वाली एसिडिटी, पेशाब की जलन और पेट की जलन को भी दूर करती हैं। खास बात यह है कि ये सभी चीजें आसानी से घर पर उपलब्ध हो सकती हैं। इस लेख में रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉक्टर श्रेय शर्मा (Ayurvedic doctor Shrey Sharma from Ramhans Charitable Hospital) से जानिए, गोंद कतीरा में गुलकंद और सब्जा के बीज मिलाकर खाने के फायदे और तरीका क्या है?

1. गोंद कतीरा के फायदे

गोंद कतीरा एक प्रकार की प्राकृतिक गोंद है, यह बिना स्वाद और गंध के होता है, लेकिन पानी में भिगोने पर जैली की तरह फूल जाता है। आयुर्वेद में इसे शीतल, बलवर्धक और वात-पित्त शांत करने वाला (gond katira ke fayde) माना गया है। यह शरीर में पानी की कमी को दूर करता है, पेशाब की जलन कम करता है और लिवर को भी डिटॉक्स करता है। खासकर गर्मियों में सुबह खाली पेट गोंद कतीरा लेने से शरीर को ठंडक और एनर्जी दोनों मिलती है।

इसे भी पढ़ें: गोंद कतीरा खाली पेट खाना चाहिए? आयुर्वेदाचार्य से जानें सही तरीका

2. गुलकंद के फायदे

गुलाब की पंखुड़ियों और मिश्री से तैयार गुलकंद आयुर्वेद में पित्तनाशक माना गया है। यह न केवल शरीर को ठंडक देता है, बल्कि एसिडिटी, सीने की जलन, कब्ज और मुंह के छालों जैसी समस्याओं (gulkand khane ke fayde) को भी दूर करता है। गुलकंद का नियमित सेवन आंखों की रोशनी को बेहतर बनाता है और त्वचा को भी निखारता है। गर्मियों में गुलकंद का प्रयोग विशेष रूप से शीतलता प्रदान करने और पाचन तंत्र को संतुलित रखने के लिए किया जाता है।

इसे भी पढ़ें: गोंद कतीरा और गोंद बादाम में क्या अंतर है? आयुर्वेदाचार्य से जानें

3. सब्जा बीज के फायदे

सब्जा बीज, जिसे तुलसी के बीज भी कहा जाता है, आयुर्वेद में पाचन के लिए उपयोगी माना गया है। यह बीज शरीर की गर्मी को शांत करता है, आंतों की सूजन को कम करता है और गैस व एसिडिटी की समस्या को दूर करता है। सब्जा बीज फाइबर से भरपूर होता है और यह भूख को भी कंट्रोल करने में सहायक होता है। इसे पानी में भिगोकर फूलाया जाता है और फिर सेवन में लाया जाता है।

Gond Katira With Gulkand and Sabja

गोंद कतीरा के गुलकंद और सब्जा के बीज का उपयोग - How to mix Gond katira with Gulkand and Sabja

  • रात को 1 चम्मच गोंद कतीरा और 1 चम्मच सब्जा बीज को अलग-अलग पानी में भिगो दें।
  • सुबह गोंद कतीरा और सब्जा बीज को एक कटोरी में निकालें।
  • इसमें 1 से 2 चम्मच गुलकंद मिलाएं और अच्छे से घोल लें।
  • चाहें तो थोड़ी इलायची स्वाद के लिए डाल सकते हैं।
  • यह मिश्रण खाली पेट या नाश्ते के बाद लिया जा सकता है।

किन लोगों को इससे बचना चाहिए? - Who Should Avoid Gond Katira

  • यदि किसी को बार-बार जुकाम, खांसी या साइनस की समस्या रहती है, तो उसे इस मिश्रण से परहेज करना चाहिए। अत्यधिक ठंडक देने के कारण यह मिश्रण सांस की समस्याओं को बढ़ा सकता है।
  • जिनका पाचन कमजोर है, उन्हें गोंद कतीरा और सब्जा बीज भारी पड़ सकते हैं।
  • गुलकंद में चीनी की मात्रा अधिक होती है, इसलिए डायबिटीज पेशेंट डॉक्टर से सलाह लेकर सेवन करें।

अगर आपकी तासीर गर्म है, आप बाहर धूप में काम करते हैं और आपको बार-बार एसिडिटी, नकसीर या सीने में जलन जैसी समस्याएं होती हैं, तो यह मिश्रण गर्मी के मौसम में रोज सुबह कुछ सप्ताह तक लिया जा सकता है। हालांकि किसी भी चीज का अत्यधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए 2-3 हफ्ते के बाद कुछ दिन का ब्रेक लेना बेहतर होता है।

निष्कर्ष

गोंद कतीरा, गुलकंद और सब्जा का यह मिश्रण गर्मी में शरीर को ठंडक देता है, एनर्जी बनाए रखता है और पाचन तंत्र को मजबूत करता है। यह न सिर्फ ठंडक देता है बल्कि शरीर में वात-पित्त-कफ का संतुलन बनाकर समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • गोंद कतीरा खाने के क्या फायदे हैं?

    गोंद कतीरा शरीर को ठंडक देता है, जो खासतौर पर गर्मियों में अत्यधिक लाभकारी होता है। यह शरीर को हाइड्रेट रखता है और लू से बचाता है। गोंद कतीरा पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है, कब्ज और एसिडिटी से राहत देता है तथा मूत्र संबंधित जलन को कम करता है। यह शरीर की कमजोरी को दूर कर एनर्जी बढ़ाने में भी सहायक होता है। आयुर्वेद में इसे वात और पित्त दोष को संतुलित करने वाला माना गया है।
  • गुलकंद खाने के फायदे क्या हैं?

    गुलकंद गुलाब की पंखुड़ियों और मिश्री से बनाया जाता है। यह शरीर की गर्मी को कम करता है और पित्त दोष को संतुलित करता है। गुलकंद खाने से एसिडिटी, पेट की जलन, कब्ज, मुंह के छाले और नकसीर जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। यह आंखों के लिए भी लाभकारी है और थकान को कम करता है। गर्मियों में गुलकंद का सेवन शरीर को ठंडक देने और मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है।
  • सब्जा पीने से क्या फायदा होता है?

    सब्जा बीज, जिसे तुलसी के बीज भी कहा जाता है, आयुर्वेद में ठंडक प्रदान करने वाले प्राकृतिक तत्वों में गिना जाता है। गर्मियों में इसका सेवन शरीर को अंदर से ठंडा रखता है और लू से बचाव करता है। सब्जा पेट की गर्मी, एसिडिटी और कब्ज को दूर करने में मदद करता है। यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और भूख को कंट्रोल कर वजन घटाने में सहायक होता है।

Read Next

यूरिन की दिक्कतों में राहत देती है सौंफ, जानें फायदे और सेवन का तरीका

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    May 17, 2025 15:55 IST

    Published By : Akanksha Tiwari

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content