akhana Milk: भारत में दूध की मिलावट बहुत ही गंभीर समस्या बनी हुई है। हाल ही में गुजरात की एक डेयरी में जब छापा मारा गया, तो वहां करीब दो हजार लीटर मिलावटी दूध और एक हजार से ज्यादा लीटर मिलावटी छाछ मिली। डेयरी में यूरिया, कास्टिक सोडा से लेकर डिटर्जेंट पाउडर मिला। इस तरह की खबरें दूध की क्वालिटी पर सवालिया निशान लगाती है। इस तरह की मिलावट से पेट की दिक्कतों से लेकर हार्ट की बीमारियां तक हो सकती है। इसलिए आजकल लोग दूध के नए विकल्प खोजने लगे हैं और इसी में मखाने से बनने वाला दूध काफी पॉपलुर हो रहा है। मखाने के दूध के फायदे और बनाने की विधि जानने के लिए हमने फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल के सीनियर आयुर्वेदिक पंचकर्मा कंसल्टेंट डॉ. चेतन शर्मा (Dr. Chetan Sharma, Sr. Ayurveda Panchakarma Consultant, Sarvodaya Hospital, Faridabad & Noida) से बात की। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद के अनुसार, मिलावटी दूध की इस मार्केट में लोगों को मखाने के दूध जैसे नेचुरल ऑप्शन्स भी देखने चाहिए जो पेट के लिए काफी फायदेमंद होते हैं।
मखाने के दूध के फायदे
डॉ. चेतन कहते हैं, “आयुर्वेद के अनुसार, मखाने में मधुर रस, शीत वीर्य और गुरु गुण होता है, जो पित्त और वात को बैलेंस करता है। जिन लोगों को नींद की कमी, बार-बार पेशाब आना, वीर्य कमजोरी और जोड़ों में ड्राइनेस महसूस हो, तो मखाने काफी फायदा देता है। शाकाहारी लोगों के लिए मिलावटी दूध से बचने के लिए मखाना का दूध पौष्टिक ड्रिंक है। यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए बहुत फायदेमंद है।” IJSDR के मुताबिक, मखाने का इस्तेमाल भारत और चीन में ट्रेडिशनल मेडिसन के तौर पर किया जाता है। इससे कई तरह की बीमारियां जैसे पेट से जुड़ी, सांस से जुड़ी और फर्टिलिटी की समस्याएं शामिल है। मखाने को बेरीबेरी, डायरिया और जोडो़ं के दर्द जैसी समस्याओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

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- मजबूती और एनर्जी के लिए बेस्ट - मखाना धातु पोषण देता है, जो शरीर को एनर्जी देता है। जिन लोगों को कमजोरी महसूस होती है, उनके लिए मखाने का दूध बेस्ट है।
- डाइजेशन के लिए अच्छा - जिन लोगों को दूध से गैस और भारीपन महसूस होता है, उनके लिए मखाने का दूध काफी अच्छा ऑप्शन है। मखाने का दूध अग्नि को कम किए बिना शरीर को न्यूट्रिशन देता है।
- हड्डियों और जोड़ों के लिए फायदेमंद - कैल्शियम और माइक्रो न्यूट्रिशन के कारण मखाने का दूध हड्डियों को मजबूती देता है।
- नींद और मेंटल हेल्थ के लिए मददगार - मखाने का दूध शीतल और चिकना होता है, जो मन को शांत करता है और नींद लाने में मदद करता है।
- पुरुषों के लिए अच्छा - आयुर्वेद में मखाने के दूध को शुक्र धातु बढ़ाने वाला माना जाता है, जो फर्टिलिटी में मदद करता है।
मखाने का दूध बनाने की विधि
डॉ. चेतन कहते हैं कि घर पर मखाने का दूध बनाना बहुत ही आसान है। इस दूध को सुबह खाली पेट या रात को सोने से पहले लिया जा सकता है।
सामग्री
- मखाना - 1 कप
- गुनगुना पानी - 2-3 कप
- मिश्री या खजूर - स्वादानुसार
- भिगे हुए बादाम - 2-3 (ऑप्शनल)
- इलायची - एक चुटकी
विधि -
- सबसे पहले मखानों को हल्की आंच पर बिना घी के सूखा भूनें। कुरकुरे होने तक मखानों को भूनते रहें।
- भूनने के बाद मखानों को कम से कम दो से तीन घंटे तक गुनगुने पानी में भिगोकर रख दें।
- इसके बाद भीगे हुए मखाने, बादाम और थोड़ा पानी मिलाकर मिक्सर में पीस लें।
- बाद में इस मिश्रण को छानकर अपनी सुविधानुसार पानी मिला लें। अगर गाढ़ा दूध चाहिए, तो कम पानी और थोड़ा पानी वाला चाहिए तो ज्यादा पानी मिला सकते हैं।
- आखिर में, स्वाद के लिए मिश्री या खजूर और इलायची डालकर मिला लें।
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निष्कर्ष
डॉ. चेतन कहते हैं कि जिन लोगों का डाइजेशन धीमा है या बहुत ज्यादा कफ बनता है, उन्हें मखाने का दूध कम लेना चाहिए। डायबिटीज के मरीजों को एक्स्ट्रा मीठा नहीं डालना चाहिए। इसके साथ यह भी ध्यान रखना चाहिए कि मखाने का दूध शुरू करने से पहले आयुर्वेदाचार्य से जरूर सलाह लें क्योंकि हर इंसान की प्रकृति अलग होती है। मखाने का दूध शुद्ध, नेचुरल और पौष्टिक ऑप्शन हो सकता है।
FAQ
मखाने कब और कैसे खाना चाहिए?
मखाना खाने के लिए सुबह का समय होता है और इसे शाम को स्नैक्स में भी शामिल किया जा सकता है।1 हफ्ते तक मखाना खाने से क्या होता है?
मखाने में मैग्नीशियम और पोटेशियम होता है, जो ब्लड प्रेशर और हार्टबीट को कंट्रोल करती है।मखाने के नुकसान क्या हैं?
ज्यादा मखाने खाने से डाइजेशन की समस्याएं हो सकती हैं। इसमें पेट फूलना, गैस और एसिडिटी शामिल है।
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Feb 21, 2026 07:01 IST
Modified By : Aneesh Rawat Feb 21, 2026 07:01 IST
Modified By : Aneesh RawatFeb 21, 2026 07:01 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Chetan Sharma