गिरने या एक्सीडेंट होने पर हड्डियां फ्रैक्चर हो सकती हैं। आमतौर पर अधिक उम्र के लोगों में इसका जोखिम ज्यादा रहता है, वहीं जिनके शरीर में विटामिन डी की कमी होती है या हड्डियों से जुड़ी बीमारी होती है जैसे अर्थराइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस आदि उनमें भी गिरने से हड्डियां टूटने का डर रहता है। इस तरह की स्थिति में मरीज को तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए, क्योंकि हड्डियों को जोड़ने के प्लास्टर लगाया जाता है। कई लोग प्लास्टर चढ़ाने के बाद डॉक्टर की सलाह पर नियमित रूप से विटामिन डी भी लेते हैं। ऐसे में यह सवाल जरूर उठता है कि क्या वाकई हड्डी टूटने पर विटामिन डी लिया जाना चाहिए? आइए, जानते हैं इस बारे में इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल और हिलिंग टच क्लीनिक के ऑर्थोपेडिक सर्जन और स्पोर्ट्स इंजरी स्पेशलिस्ट डॉ. अभिषेक वैश की क्या राय है?
क्या वाकई हड्डी टूटने के बाद विटामिन डी लेना जरूरी होता है?
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वैसे तो फ्रैक्चर के बाद विटामिन डी लेना है या नहीं, इसकी संपूर्ण जानकारी डॉक्टर देते हैं। हां, यह तय है कि हड्डी टूटने के बाद हर व्यक्ति को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके शरीर में विटामिन डी की कमी न हो। इस बारे में डॉ. अभिषेक वैश बताते हैं, ‘फ्रैक्चर के बाद विटामिन डी लेना जरूरी है, क्योंकि यह कैल्शियम के अवशोषण के लिए आवश्यक तत्व है। विटामिन डी हड्डियों के दोबारा जुड़ने में भी मदद करता है। हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि हड्डी टूटने के बाद सबके लिए विटामिन डी लेना आवश्यक है। यह बात व्यक्ति दर व्यक्ति निर्भर करता है।’ एनसीबीआई की एक रिपोर्ट से भी इस बात की पुष्टि होती है कि हड्डी टूटने के बाद विटामिन डी लिया जाना चाहिए। हालांकि, इसके पोर्शन साइज को लेकर लापरवाही नहीं की जानी चाहिए।
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विटामिन डी की दैनिक आवश्यकता (अनुमानित सामान्य मात्रा)
| आयु समूह | दैनिक आवश्यकता (IU में) | फ्रैक्चर के संदर्भ में महत्वपूर्ण नोट |
| 0-12 महीने | 400 IU | बच्चों में हड्डियों के विकास के लिए जरूरी। |
| 1-18 साल | 600 IU | युवावस्था में हड्डियों की मजबूती के लिए। |
| 19-70 साल | 600 - 800 IU | सामान्य वयस्कों के लिए। |
| 70 साल से ऊपर | 800 - 1000 IU | गिरने और फ्रैक्चर का जोखिम अधिक होने के कारण। |
हड्डी टूटने के बाद इन बातों का रखें ध्यान
हड्डी टूटने के बाद लोग अक्सर काफी ज्यादा रेस्ट करने पर जोर देते हैं। हालांकि, आपको अपनी डाइट पर भी विशेष जोर देना चाहिए, जैसे-
- अपनी डाइट में कैल्शियम और विटामिन डी को ज्यादा से ज्यादा शामिल करें। इसके लिए, दूध और दूध से बने प्रोडक्ट जैसे दही, हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं।
- हड्डी टूटने के बाद विटामिन सी को भी अपनी डाइट का हिस्सा बनाना जरूरी है। विटामिन सी कोलाजन प्रोडक्शन में मदद करता है, जिससे बोन टिश्यूज का आधार तैयार करता है। इसके लिए खट्टे फल, बेल पेपर और ब्रोकली खाएं।
- फ्रैक्चर के बाद प्रोटीन को भी डाइट में शामिल करें। यह बोन मैट्रिक्स बनाने में मदद करता है। बोन मैट्रिक्स हड्डी का ठोस, निर्जीव अंतरकोशिकीय पदार्थ है, जो हड्डी के अधिकांश द्रव्यमान का निर्माण करता है और उसे ताकत तथा कठोरता देता है। प्रोटीन के लिए आप अंडे, दालें आदि का सेवन करें।
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निष्कर्ष
वैसे तो गंभीर एक्सीडेंट होने पर हड्डियां किसी भी टूट सकती है। इसका इलाज घर में नहीं किया जा सकता है। इसलिए, फ्रैक्चर होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं और अपना प्रॉपर ट्रीटमेंट करवाएं। हां, फ्रैक्चर होने के बाद विटामिन डी लेना जरूरी पोषक तत्व हो जाता है। इसका सेवन किया जाना चाहिए। हालांकि, आपको इसका सेवन कितनी मात्रा में करना है, संबंध में डॉक्टर की राय लेना न भूलें।
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FAQ
टूटी हड्डी जल्दी जोड़ने के लिए क्या खाएं?
हड्डी टूटने के बाद जुड़ने में एक निश्चित समय लगता है। हड्डियों को आप तुरंत नहीं जोड़ सकते हैं। हां, टूटने के बाद आपकी हड्डियों की हीलिंग प्रोसेस में सुधार हो, इसके लिए सही डाइट फॉलो करें, जैसे कैल्शियम, विटामिन डी, और प्रोटीन से भरपूर चीजें खाएं।अगर हम रोजाना विटामिन डी की गोलियां लेते हैं तो क्या होता है?
विटामिन डी की कमी होने पर आप डॉक्टर की सलाह पर यह सप्लीमेंट ले सकते हैं, लेकिन इसका सेवन रोजाना किया जाना सही नहीं है। विटामिन डी की अधिकता से रक्त में कैल्शियम का जमाव हो सकता है। इसे हाइपरकैल्सीमिया कहते हैं। इसकी वजह से पेट खराब होना, उल्टी होना, कमजोरी और बार-बार पेशाब आना जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं।क्या विटामिन डी की कमी से हड्डियों में दर्द होता है?
विटामिन डी की कमी एक आम समस्या है, जिससे हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द हो सकता है।
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Mar 06, 2026 17:57 IST
Modified By : Meera Tagore Mar 06, 2026 17:57 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Abhishek Vaish