Fri Sep 11, 2026 | 08:23 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

क्या गर्भवती महिला के लिए 34वें सप्ताह में डिलीवरी करना सेफ होता है? डॉक्टर से जानें इसके जोखिम

Is It Safe To Deliver At 34 Weeks In Hindi: गर्भवती महिला के लिए 34वें सप्ताह में डिलीवरी को सेफ माना जा सकता है। फिर भी इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि इसके साथ कुछ जटिलताएं जुड़ी रहती हैं।

Can You Give Birth At 34 Weeks Pregnant In Hindi: प्रेग्नेंसी का सफर जितना उतार-चढ़ाव से भरा होता है, डिलीवरी उतनी ही जटिलताओं से भरी होती है। अक्सर महिलाओं के मन में प्रेग्नेंसी के बाद डिलीवरी को लेकर कई तरह के सवाल उठते हैं। यहां तक कि ज्यादातर प्रेग्नेंट महिलाएं डिलीवरी के बारे में सोचते ही डर जाती हैं, क्योंकि प्रसव पीड़ा काफी तीव्र और असहनीय होती है। बहरहाल, ज्यादातर महिलाएं चाहती हैं कि उनकी नॉर्मल डिलीवरी यानी वजाइनल डिलीवरी हो और निश्चित समय पर हो। ऐसे में यह संशय हर महिला के मन में रहता है कि आखिर शिशु के जन्म के लिए कौन-सा सप्ताह उपयुक्त होता है और क्या 34वें सप्ताह में शिशु का जन्म सामान्य माना जाता है? यानी क्या 34वें सप्ताह में डिलीवरी होना सेफ होता है? आइए, जानते हैं सीधे Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता से- (kya 34 week me delivery ho sakti hai)

क्या 34वें सप्ताह में डिलीवरी को सेफ माना जाता है?- Is 34 Weeks Pregnant Safe To Give Birth In Hindi

Is 34 weeks pregnant safe to give birth 01 (6)

आमतौर पर शिशु का जन्म 37वें से लेकर 42वें सप्ताह के बीच के अंतराल को सही माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार 37वें सप्ताह के बाद शिशु का पूर्ण रूप से विकास हो जाता है। ऐसे बच्चे प्रीटर्म डिलीवरी के दौरान जन्मे शिशुओं की तुलना में ज्यादा स्वस्थ होते हैं। इनकी इम्यूनिटी भी बेहतर होती है। जहां तक सवाल इस बात का है कि 34वें सप्ताह में डिलीवरी होना सुरक्षित है या नहीं? इस बारे में डॉक्टर का कहना है, ‘34वें सप्ताह डिलीवरी के लिए बिल्कुल सुरक्षित माना जा सकता है। हालांकि, शिशु के बाद स्वस्थ होता है, फिर भी इसे प्रीटर्म डिलीवरी कहते हैं।’ विशेषज्ञ आगे समझाते हैं, ‘जो बच्चे 34वें सप्ताह में जन्म लेते हैं, उनके सर्वाइवल की संभावना कम होती है और आमतौर पर ये बच्चे लंबे समय तक बीमार रहते हैं। इन्हें हर समय स्पेशल केयर की जरूरत होती है। यहीं नहीं, 34वें सप्ताह में जन्मे शिशुओं को कई बार एनआईसीयू में विशेष निगरानी में रखा जाता है।’ कुल मिलाकर, आप कह सकते हैं कि 34वें सप्ताह में जन्मे शिशु को स्पेशल केयर की जरूरत होती है। इसलिए, इस अवधि को पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता है।

इसे भी पढ़ें: 34th Week Pregnancy: प्रेग्नेंसी के 34वें सप्ताह के लक्षण, सावधानियां और जरूरी बातें

34वें सप्ताह में शिशु के जन्म से जुड़े जोखिम- What Are The Risks Of Having A Baby At 34 Weeks In Hindi

प्रीटर्म बर्थ

34वें सप्ताह में जन्मे शिशु को प्रीटर्म डिलीवरी के रूप में देखा जाता है। जो बच्चे समय पूर्व जन्म ले लेते हैं, उन्हें कई तरह की तकलीफों का जोखिम बना रहता है, जैसे सांस लेने में दिक्कत, डेवेलपमेंट में समस्याएं, दूध पीने में परेशानी, पेट से जुड़ी समस्याएं बने रहने की तकलीफ हो सकती है। यही नहीं, इन बच्चों में सेरेब्रल पाल्सी (एक तरह की न्यूरोलॉजिकल डिस्ऑर्डर) नजर कमजोर होना और हियरिंग प्रॉब्लम भी हो सकती है।

विकास में बाधा

34वें सप्ताह तक शिशु पूरी तरह विकसित हो जाता है। लेकिन, अब भी शिशु इतना कमजोर होता है कि वह गर्भाशय के बाहर सर्वाइव करने के लिए फिट नहीं होता है। 34वें सप्ताह में जिन शिशुओं का जन्म होता है, उनके लंग्स काफी कमजोर होते हैं, जिस वजह से अक्सर उन्हें सांस लेने में दिक्कतें बनी रहती हैं।

इसे भी पढ़ें : 33th Week Pregnancy: प्रेग्नेंसी के 33वें सप्ताह के लक्षण, सावधानियां और जरूरी बातें

एनआईसीयू केयर

34वें सप्ताह में जन्मे शिशु को एनआईसीयू की जरूरत भी पड़ती है। असल में, 34वें सप्ताह के बाद जन्मे शिशु इतने कमजोर होते हैं कि उन्हें हर समय स्पेशल केयर और डॉक्टर्स की देखरेख की आवश्यकता होती है। एनआईसीयू में रहते हुए जब तक यह सुनिश्चित न हो जाए कि शिशु पूरी तरह स्वस्थ है और बाहरी पर्यावरण में वह सामान्य बच्चों की सर्वाइव कर सकेगा, तब तक उसे एनआईसीयू से शिफ्ट नहीं किया जाता है। ऐसे बच्चों को समय-समय पर मां के पास दिया जाता है ताकि वे ब्रेस्टफीड करा सकें।

अन्य स्वास्थ्य समस्याएं

34वें सप्ताह में जन्मे शिशुओं को भवष्यि में भी कई समस्याएं होने का रिस्क रहता है। इसमें संक्रमण, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं आदि शामिल हैं। अगर 34वें सप्ताह के बाद शिशु को प्रॉपर केयर मिले और उन्हें किसी तरह की गंभीर समस्या न हो, तो समय के साथ-साथ वे स्वस्थ और सामान्य बच्चों की तरह ग्रो करते हैं। बच्चा कितना स्वस्थ होगा, यह उसके डेवलेपमेंट पर निर्भर करता है।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या 34 वीक डिलीवरी के लिए सेफ है?

    आमतौर पर 34वें सप्ताह को डिलीवरी के सेफ माना जा सकता है। लेकिन, इन बच्चों को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। कभी-कभी इन्हें एनआईसीयू में भी रखना पड़ता है।
  • क्या 34 सप्ताह के 9 महीने की गर्भवती माना जाता है?

    34वें सप्ताह को नौ महीने की गर्भवती माना जा सकता है। लेकिन डिलीवरी के लिए 37वा सप्ताह उपयुक्त होता है।
  • 9वां महीना लगने के कितने दिन बाद डिलीवरी होती है?

    नौवां महीना लगने के बाद कभी भी डिलीवरी हो सकती है। कभी-कभी 40वें सप्ताह और इसके बाद भी भी डिलीवरी हो सकती है।

Read Next

क्या अर्ली प्रेग्नेंसी में ऐंठन होना सामान्य है? जानें ऐसा होने पर क्या करें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 27, 2025 07:05 IST

    Modified By : Anurag Gupta
  • Oct 27, 2025 07:05 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Oct 27, 2025 07:05 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Oct 27, 2025 07:05 IST

    Modified By : Anurag Gupta
  • Oct 27, 2025 07:05 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content