हर छोटी बात पर होती है आपको टेंशन? आपके बॉडी में इन 4 विटामिन्स की हो सकती है कमी

अगर आपको बात-बात पर चिड़चिड़ापन, गुस्सा और स्ट्रेस होता है तो, आपको इन विटामिन से भरपूर चीजों को लेना चाहिए। ये मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाते हैं। 

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Nov 03, 2021 13:18 IST
हर छोटी बात पर होती है आपको टेंशन? आपके बॉडी में इन 4 विटामिन्स की हो सकती है कमी

हमारी खराब होती लाइफस्टाइल और डाइट का असर हमारे शरीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी होता है। इसी तरह शरीर में कुछ विटामिन की कमी होने पर भी हमारा मेंटल और इमोशनल हेल्थ प्रभावित होता है। दरअसल, शरीर में कुछ विटामिन की कमी चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग्स, एंग्जायटी, डिप्रेशन और ध्यान की कमी पैदा करती है। ऐसे में लोग छोटी-छोटी बातों पर चिढ़ जाते हैं या हमेशा बुरे मूड में रहते हैं और ओवर रिएक्ट कर जाते हैं।  इसके अलावा विटामिन की कमी के कारण भी कुछ लोग ज्यादा टेंशन लेने वाले होते हैं। इसी बारे में हमने डेलनाज चंदूवाडिया (Delnaaz Chanduwadia), चीफ डायटिशियन, जसलोक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर से बात की। उन्होंने हमें कुछ उन विटामिन के बारे में बताया जिनकी कमी के कारण भी लोगों को स्ट्रेस  (deficiency of vitamin and stress) होता है। तो, आइए जानते हैं इन विटामिन के बारे (vitamins to beat stress) में और फिर जानेंगे कुछ ऐसे फूड्स के बारे में जो कि इन विटामिन की कमी को दूर कर सकते हैं।

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इन विटामिन की कमी वाले लोगों को ज्यादा होता है स्ट्रेस-Vitamins to beat stress

1. विटामिन बी (Vitamin B)

विटामिन बी के कई प्रकार हैं और ये सभी मेंटल हेल्थ को प्रभावित करते हैं। जैसे कि विटामिन बी के सभी प्रकार स्ट्रेस और एंग्जायटी को कम करता है और मूड को बेहतर बनाने में एक प्रभावी भूमिका निभाते हैं। उदाहरण के लिए, जर्नल ऑफ फंक्शनल फूड्स में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोगों विटामिन बी से युक्त खाद्य पदार्थ खाते हैं वे कम स्ट्रेस कम करते हैं और उनमें एंग्जायटी कम होती है। साथ ही विटामिन B12 की कमी से चिंता और अवसाद बढ़ जाता है। पर इसके अलावा भी विटामिन बी के ऐसे कई प्रकार हैं जो कि मेंटल हेल्थ में अलग-अलग भूमिका निभाते हैं। जैसे कि 

विटामिन B1 (थियामिन)

विटामिन बी1 शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल करने में मदद करता है। इस तरह ये हर व्यक्ति में ब्लड शुगर में स्पाइक्स को कम करके ब्रेन फॉग और एंग्जायटी को कम करने में मदद करता है। 

विटामिन B2 (राइबोफ्लेविन)

विटामिन बी 2 शरीर में कार्बोहाइड्रेट के प्रोसेसिंग को विनियमित करने में मदद करता है। कार्बोहाइड्रेट सीधे मूड और ऊर्जा को प्रभावित करते हैं।

विटामिन B3 (नियासिन)

विटामिन बी3 शरीर में सेरोटोनिन के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। सेरोटोनिन सीधे मानसिक स्थिरता और मनोदशा को प्रभावित करता है।

विटामिन B5 (पैंटोथेनिक एसिड)

विटामिन बी5 शरीर की एडर्नेल ग्लैंड्स को रेगुलेट करने में मदद करता है। ये कोर्टिसोल को रेगुलट करता है, जो कि एक स्ट्रेस हार्मोन है और एडर्नेल ग्लैंड इसे संतुलित करने में मदद करता है।

विटामिन B6 (पाइरिडोक्सिन)

विटामिन बी 6 शरीर के सेरोटोनिन और नॉरपेनेफ्रिन के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। दोनों सीधे मानसिक स्थिरता, मनोदशा और तनाव से निपटने की क्षमता को प्रभावित करते हैं। विटामिन बी6 शरीर के मैग्नीशियम के स्तर को भी नियंत्रित करता है और महिलाओं में PMS के लक्षणों को कम करता है।

विटामिन B9 (फोलेट)

विटामिन बी9 शरीर में फोलिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। डिप्रेशन के मरीजों में विटामिन बी9 के स्तर में कमी पाई गई है। फोलिक एसिड एक नेचुरल एंटीडिप्रेंट है।

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विटामिन B12 (कोबालिन)

विटामिन बी12 शरीर के फोलिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। विटामिन बी12 एक स्वस्थ तंत्रिका तंत्र को भी बढ़ावा देता है। तंत्रिका तंत्र एडर्नेल ग्लैंड को नियंत्रित करता है, जो बदले में शरीर के कोर्टिसोल के स्तर को नियंत्रित करता है।

बी विटामिन की कमी को दूर करने के लिए आप विटामिन बी से भरपूर फूड्स का सेवन कर सकते हैं। जैसे कि अनाज, मांस, अंडे, डेयरी उत्पाद, पत्तेदार साग और फलियां खा सकते हैं। बता दें कि  शरीर को सुचारू रूप से चलाने में मदद करने में प्रत्येक बी विटामिन की अपनी भूमिका होती है। इस तरह विटामिन बी का ये पूरा समूह आपके तंत्रिका तंत्र, कोशिका चयापचय, रेड ब्लड सेल्स और भोजन को ऊर्जा में परिवर्तित करने के लिए जरूरी है।

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2. विटामिन सी  (Vitamin C)

विटामिन सी (Vitamin C) एक इम्यूनिटी बूस्टर विटामिन है पर मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में भी ये मददगार है। ये चिंता को कम करने में मदद करता है। दरअसल, इसनमें कुछ जरूरी एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो कि सेंट्रल नर्वस सिस्टम में होमोस्टैसिस के काम काज को संतुलित करने में मदद करते हैं। इसके अलावा जर्नल ऑफ न्यूट्रीशनल बायोकैमिस्ट्री में पाया गया है कि विटामिन सी की कमी व्यापक रूप से तनाव से संबंधित बीमारियों से जुड़ी हुई है और जब शरीर में ये पर्याप्त मात्रा में होता है तो ये मूड में सुधार करता है और चिंता को कम करता है। इसके अलावा, इसकी कमी एंग्जायटी भी बढ़ाती है।  साथ ही इसकी कमी कोर्टिसोल को बढ़ाता है और स्ट्रेस पैदा करता है। इसलिए कोर्टिसोल के स्तर को बेहतर ढंग से संतुलित करने के लिए विटामिन सी से भरपूर फूड्स लें। जैसी कि खट्टे फल और रंगीन सब्जियां, जैसे लाल शिमला मिर्च, टमाटर और नींबू आदि।

3.  विटामिन डी (Vitamin D)

विटामिन डी की कमी आपके मानसिक स्वास्थ्य को बहुत प्रभावित करती है।  विटामिन डी की कमी चिंता और अवसाद का कारण बनती है। साथ ही ये मूड स्विंग्स और इससे जुड़े गंभीर बीमारियों का कारण बनता है। साथ ही वियामिन डी आपके नींद और बॉडी क्लॉक के लिए भी काम करती है। इसकी कमी होने पर नींद की कमी हो जाती है, बार-बार मूड स्विंग्स होते हैं और रह-रह कर आप खुद को परेशान और बेचैन महसूस करते हैं।तो, आपको अगर स्ट्रेस फ्री रहना है तो

  • -सबसे पहले सुबह जल्दी उठें क्योंकि सुबह जल्दी उठने के फायदे कई हैं और उनमें सबसे बड़ा फायदा ये है कि सुबह की धूप आपके मानसिक स्वास्थ्य पर एक गहरा प्रभाव डालती है।
  • -मछली, जैसे सैल्मन या सार्डिन
  • -अंडे
  • - दूध
  • -साबुत अनाज
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4. विटामिन ई (Vitamin E)

मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य सहित स्वास्थ्य के कई पहलुओं में विटामिन ई का भी एक बड़ा हाथ है। विटामिन ई के एंटीऑक्सीडेंट गुण ऑक्सीडेटिव तनाव से मस्तिष्क को होने वाले नुकसानों को कम करते हैं। इससे  संज्ञानात्मक व्यवहारों में बदलाव आता है। जब आप पर्याप्त मात्रा में विटामिन ई लेते हैं तो, ये डिप्रेशन और डिमेंशिया के लक्षणों से बचाता है। साथ ही ये मेमोरी बूस्ट करता है और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसके लिए आपको विटामिन ई से भरपूर फूड्स का सेवन करना चाहिए। जैसे कि सूरजमुखी के बीज और सोयाबीन ऑयल, मेवे जैसे बादाम और मूंगफली, हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक और ब्रोकली।

इस तरह ये 4 विटामिन आपको स्ट्रेस से बचाने में मदद कर सकते हैं। पर अगर आपमें इनकी ज्यादा कमी है तो आपको इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए। वे आपको सप्लीमेंट्स दे सकते हैं। साथ ही कोशिश करें कि एक्सरसाइज करें और एक अच्छी डाइट लें।

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