बच्‍चों को मोटापे और बीमार‍ियों से बचाने में मदद करती है खाने की सही खुराक, जानें पोर्शन साइज तय करने का तरीका

बच्‍चों के ल‍िए खाने की सही मात्रा आपको जरूर जाननी चाह‍िए, इसके ल‍िए पढ़ें पूरा लेख  

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Apr 06, 2022Updated at: Apr 06, 2022
बच्‍चों को मोटापे और बीमार‍ियों से बचाने में मदद करती है खाने की सही खुराक, जानें पोर्शन साइज तय करने का तरीका

कई बार माता-प‍िता बच्‍चों को ज्‍यादा खाना ख‍िला देते हैं ज‍िसके चलते उनकी तबीयत ब‍िगड़ सकती है या ओवरडोज के कारण बच्‍चे मोटापे का श‍िकार हो सकते हैं। आप बच्‍चे को एक द‍िन में 3 छोटे मील, म‍िल्‍क और फल दे सकते हैं। बच्‍चे की उम्र के मुताब‍िक उसका पोर्शन साइज तय होता है। अगर आपका बच्‍चा और खाना मांगता है तो आप उसे फल या सब्‍जी खाने के ल‍िए दें। जूस और म‍िल्‍क भी एक सीम‍ित मात्रा में दे सकते हैं। एक साल से कम उम्र के बच्‍चों को जूस न दें। इस लेख में हम बच्‍चे के पोर्शन साइज को समझेंगे। 

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बच्‍चे का पोर्शन साइज कैसे तय करें? (How to decide portion size of kid)  

बच्‍चों का पोर्शन साइज एडल्‍ट के प्‍लेट का एक क्‍वॉर्टर होना चाह‍िए। जैसे-जैसे आपका बच्‍चा बड़ा होता है, उसकी डाइट भी बढ़ने लगती है पर आपको बच्‍चे की डाइट में हेल्‍दी फूड एड करना है। आप बच्‍चे के खाने में वैरायटी लेकर आएं और उस मुताब‍िक बच्‍चे की कैलोरीज तय करें। अगर बच्‍चों के ल‍िए सही पोर्शन की बात करें तो उनके ल‍िए एक छोटा कप या एक से दो स्‍लाइस ब्रेड काफी होती है। अगर आप बच्‍चे को ब्रेड दे रहे हैं तो एक से दो स्‍लाइस ब्रेड दें, बच्‍चे को एक कप सीर‍ियल दें, एक पीस फ्रूट दें, एक कप लो-फैट म‍िल्‍क दें, एक अंडा दें और एक कप मीट दे सकते हैं।

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बच्‍चे के ल‍िए स्‍मॉल सर्व‍िंग चुनें (Choose small serving for kid)  

अगर आप बच्‍चे के साथ कहीं बाहर खाने के ल‍िए जा रहे हैं तो आपको बच्‍चे को छोटी सर्व‍िंग ही देनी है, ज्‍यादा खा लेने से बच्‍चे के पेट में दर्द हो सकता है, आप बच्‍चे के ल‍िए कम मात्रा वाली फ्राइज जैसे स्‍मॉल साइज चुनें या एक्‍सट्रा चीज या एक्‍सट्रा टॉप‍िंग वाले खाने से आपको बचना चाह‍िए। आप बच्‍चे को क‍िसी भी च‍िप्‍स का नमकीन का पैकेट देने के बजाय प्‍लेट में न‍िकालकर दें, इससे बच्‍चे को खाने की मात्रा का पता चलेगा, पैकेट से खाने के कारण बच्‍चे ज्‍यादा खा लेते हैं और उनका वजन बढ़ने लगता है।   

बच्‍चों को फास्‍ट फूड से दूर रखें (Avoid giving fast food to kids)

food size

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आपको बच्‍चों को फास्‍ट फूड से दूर रखना है, इनकी लत बच्‍चों के ल‍िए हान‍िकारक हो सकती है। फास्‍ट फूड में ट्रांस फैट की मात्रा मौजूद होती है ज‍िससे बच्‍चे को अपच की समस्‍या हो सकती है या उसे क‍िसी खास सामग्री से एलर्जी होती है। फास्‍ट फूड के कारण बच्‍चों में मोटापे के लक्षण नजर आने लगते हैं और मोटापे के कारण बच्‍चों को कम उम्र में थायराइड और डायब‍िटीज जैसी गंभीर बीमार‍ियां हो सकती हैं इसल‍िए बच्‍चों को बाहर के खाने जैसे प‍िज्‍जा, बर्गर, मोमोज आद‍ि से दूर ही रखें।   

बच्‍चों को ओवरईट‍िंग से बचाएं (Avoid overeating for kids)

बच्‍चों को ओवरईट‍िंंग से बचना है, कई माता-प‍िता बच्‍चों को जरूरत से ज्‍यादा खाना ख‍िला देते हैं ज‍िसके चलते उन्‍हें पेट में दर्द की समस्‍या, उल्‍टी या घबराहट होने लगती है ज‍िसे बच्‍चे पूरी तरह से समझ नहीं पाते। आपको सुबह ब्रेकफास्‍ट में बच्‍चों को हेल्‍दी फूड देना है, इस समय बच्‍चों को ओवरईट‍िंंग न करवाएं इस बात का खास ख्‍याल रखें, आपको बच्‍चे को ओवरईट‍िंग से बचाने के ल‍िए उसका पोर्शन फ‍िक्‍स कर देना चाह‍िए ज‍िससे बच्‍चा खुद से भी ज्‍यादा न खाए। 

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बच्‍चों को जबरदस्‍ती खाना न ख‍िलाएं 

कई पैरेंट्स बच्‍चों को जबरदस्‍ती हेल्‍दी फूड ख‍िलाने की कोश‍िश करते हैं वहीं कुछ उन्‍हें जबरन दूध प‍िलाने की कोश‍िश में रहते हैं पर आपको ये समझना होगा क‍ि हर व्‍यक्‍त‍ि या बच्‍चे के खाने की क्षमता या उसकी पसंद व नापसंद अलग होती है। हो सकता है बच्‍चा दूध पीने के बाद उल्‍टी कर देता हो तो उसे लैक्‍टोज इंटोल्‍रेंस की श‍िकायत है ज‍िसमें दूध पेट में पचता न हो। आपको बच्‍चे की मर्जी भी जाननी है, उसे जबरन कुछ भी ख‍िलाने की कोश‍िश न करें।         

बच्‍चे को बड़ों की प्‍लेट का एक क्‍वॉर्टर ही दें और उसमें सब्‍ज‍ियां और फल को भी शाम‍िल करें।  

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