Fri Sep 11, 2026 | 07:35 PM IST

Medically Reviewed by Dr Neeraj Dhamija , Senior Consultant – Laparoscopic, Laser & General Surgery

फैटी लिवर में वजन कैसे कम करना चाहिए? डॉक्टर से जानें

फैटी लिवर की समस्या में 7 से 10% तक वजन कम करने से लिवर में जमे फैट को कम करने में मदद मिल सकती है। इसलिए, आप अपने वजन को कम करने के लिए हेल्दी डाइट, लाइफस्टाइल और शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान दे सकते हैं, जो वेट लॉस के लिए फायदेमंद होता है।

आज के समय में खराब लाइफस्टाइल और डाइट के कारण लिवर से जुड़ी समस्याएं काफी ज्यादा बढ़ गई हैं। कई लोग फैटी लिवर की समस्या से जूझ रहे हैं। फैटी लिवर एक ऐसी समस्या है जो लिवर में ज्यादा फैट जमा होने के कारण होती है। अगर समय पर फैटी लिवर का इलाज न किया जाए तो यह आगे चलकर लिवर सिरोसिस जैसी स्थिति का कारण बन सकती है। फैटी लिवर के मरीजों को अक्सर वजन कम करने की सलाह दी जाती है। Nutrients जर्नल के 2019 के रिपोर्ट के अनुसार फैटी लिवर को कंट्रोल करने के लिए 7 से 10% वजन कम करना सबसे ज्यादा असरदार माना जाता है। वजन कम करने से लिवर में जमा फैट कम होने लगता है, जो इस समस्या से राहत दिलाने में फायदेमंद होता है। ऐसे में आइए नई दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में लेप्रोस्कोपिक, लेजर और जनरल सर्जरी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. नीरज धमीजा से इस लेख में जानते हैं कि फैटी लिवर में वजन कम करने के लिए क्या करना चाहिए?

फैटी लिवर में वजन कैसे कम करें?

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. नीरज धमीजा ने बताया कि फैटी लिवर में वजन कम करने से इसे जल्दी रिवर्स करने में मदद मिलती है। Korean Journal Of Family Medicine 2014 स्टडी के अनुसार, 180 लोगों पर किए गए इस स्टडी में यह पाया गया कि वजन कम करने से लिवर की सेहत में सुधार हो सकता है। इस स्टडी में बताया गया है कि 21 लोगों (11.7%) ने अपना वजन कम किया, जिसके कारण उनमें फैटी लिवर ठीक होने की संभावना 18.37 गुना बढ़ गई। इसके उलट, 38 लोगों (21.1%) का वजन बढ़ा, जिसके कारण उनमें बीमारी ठीक होने की संभावना कम होकर सिर्फ 0.28 गुना रह गई, जबकि 121 लोगों (67.2%) का वजन स्थिर रहा। इस स्टडी के अनुसार नॉर्मल वजन वाले मरीजों के लिए भी वजन कम करना लिवर स्वास्थ्य में सुधार के लिए बहुत प्रभावशाली होता है। इसलिए, आप वजन कम करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल, डाइट और शारीरिक गतिविधियों को अपने रूटीन में शामिल कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: क्या ऑयली फूड्स खाने से फैटी लिवर का खतरा बढ़ता है?

1. डाइट में बदलाव

फैटी लिवर में वजन कम करने और हेल्दी रहने का एक बेहतर तरीका डाइट में हेल्दी बदलाव करना है। फैटी लिवर के मरीजों की डाइट फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर होनी जरूरी है। इसलिए, इन मरीजों को अपनी डाइट में मैदा और चीनी की जगह ओट्स, दलिया और होल ग्रेन्स शामिल करना चाहिए, जो लिवर की सूजन को बढ़ने से रोकने, वजन कम करने और फैटी लिवर को रिवर्स करने में मदद कर सकता है।

Nutrients जर्नल 2019 की स्टडी के मुताबिक, फैटी लिवर में वजन कम करने के लिए डाइट में कैलोरी की मात्रा कम करना फायदेमंद हो सकता है। आप अपने खाने में साबुत अनाज, फाइबर से भरपूर फल, सब्जियां और प्रोटीन से भरपूर दालों को शामिल कर सकते हैं। इस स्टडी में यह भी बताया गया है कि फैटी लिवर की समस्या में ज्यादा शुगर, रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड के सेवन से बचना चाहिए। इनके स्थान पर हेल्दी फैट और ओमेगा-3 फैटी एसिड्स से भरपूर फूड्स का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही प्रोबायोटिक से भरपूर फूड्स जैसे दही, किमची और छाछ शामिल कर सकते हैं।

2. शारीरिक गतिविधियां

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. नीरज धमीजा का कहना है कि फैटी लिवर को ठीक करने और वजन को कम करने में एक्सरसाइज अहम भूमिका निभाता है। फिजिकल एक्टिविटी करने से लिवर में जमे फैट को बर्न करने में मदद मिलती है। इसलिए फैटी लिवर के मरीजों के लिए नियमित शारीरिक गतिविधियां करने से इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने में मदद मिलती है, जिससे शरीर लिवर में एक्स्ट्रा ग्लूकोज को स्टोर करने के स्थान पर उसे एनर्जी के रूप में इस्तेमाल करने लगता है। इसलिए, फैटी लिवर के मरीज को रोजाना कम से कम 30 से 40 मिनट की शारीरिक गतिविधियां करनी चाहिए।

Gene Expression The Journal Of Liver Research 2018 रिसर्च में बताया गया है कि "कई क्लिनिकल ट्रायल्स से पता चलता है कि एरोबिक और रेजिस्टेंस एक्सरसाइज दोनों ही लिवर में फैट की मात्रा को कम करने में मदद करती है। इस स्टडी से यह साफ है कि एक्सरसाइज फैटी लिवर की बीमारी पर अलग-अलग तरीकों से असर डालती है। बेहतर पेरिफेरल इंसुलिन रेजिस्टेंस लिवर में फ्री फैटी एसिड सिंथेसिस के लिए फ्री फैटी एसिड और ग्लूकोज के ज्यादा रिलीज को कम करती है। एक्सरसाइज, फैटी एसिड ऑक्सीडेशन को बढ़ाती है, फैटी एसिड सिंथेसिस को कम करती है और डैमेज से जुड़े मॉलिक्यूलर पैटर्न के रिलीज को भी घटाती है।"

Weight-loss-in-fatty- liver-inside

Digestive and Liver Disease (2023) के मेटा-एनालिसिस से पता चलता है "एक्सरसाइज नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD), या मेटाबोलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) वाले मरीजों के लिवर में जमा फैट और सीरम ट्रांसएमिनेस लेवल को सही तरीके से कम करती है। MASLD को बेहतर बनाने और वजन कम करने के लिए तीन महीने से ज्यादा समय तक हफ्ते में कम से कम तीन बार रेगुलर एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है।"

इसे भी पढ़ें: क्या ग्रीन टी फैटी लिवर कम कर सकती है? जानें डॉक्टर की सलाह

3. लाइफस्टाइल में बदलाव

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. नीरज धमीजा कहते हैं कि फैटी लिवर में वजन कम करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करना भी बहुत जरूरी है। इसलिए फैटी लिवर के मरीज अपनी लाइफस्टाइल में हेल्दी बदलाव कर सकते हैं, जिसमें समय पर सोना और जागना, 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, हेल्दी डाइट फॉलो करना और नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करना शामिल हैं। खाने में अनहेल्दी, ज्यादा तेल मसाले और शुगरी फूड्स को शामिल करने से बचें। इसके साथ ही कार्डियो और एरोबिक एक्सरसाइज भी अपनी फिजिकल एक्टिविटी में शामिल करें।

वजन घटाते समय बरतें ये सावधानी

ध्यान रखें कि वजन घटाने का आपका तरीका सही होना चाहिए क्योंकि अगर आप गलत तरीके से (जैसे- क्रैश डाइट से) या अचानक बहुत ज्यादा वजन घटाते हैं, तो यह भी लिवर के लिए खतरनाक हो सकता है और लिवर की सूजन को बढ़ा सकता है। इसलिए वजन घटाने के लिए आप अपनी लाइफस्टाइल और डाइट में जो भी बदलाव कर रहे हैं, वो अपने डॉक्टर से जरूर डिस्कस करें।

इसे भी पढ़ें: फैटी लिवर में पेट दर्द क्यों होता है? डॉक्टर से जानें

डॉक्टर को कब दिखाएं?

फैटी लिवर की समस्या में वजन कम करने के लिए आप हेल्दी डाइट लें, लो कार्ब वाले फूड्स का सेवन करें, चीनी के सेवन से बचें और रोजाना 30 से 40 मिनट शारीरिक गतिविधियां करें। अगर आपको बहुत ज्यादा थकान, पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द, आंखों या स्किन में पीलापन या पैरों में सूजन की समस्या जैसे लक्षण आमतौर पर उन्नत लिवर बीमारी में दिखाई देते हैं। इसलिए इस तरह के लक्षण महसूस हों तो बिना देर किए आपको तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।

निष्कर्ष

फैटी लिवर को रिवर्स करना संभव है, लेकिन यह पूरी तरह आपके डाइट और लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है। अपने वेट का कुल 7 से 10 प्रतिशत वजन कम करने से लिवर में जमे फैट को कम करने में मदद मिल सकती है। फैटी लिवर में वजन कम करने के लिए आप हेल्दी डाइट लें, मीठी चीजों से परहेज करें, शारीरिक गतिविधियां करें और लाइफस्टाइल में बदलाव से कई मरीजों में फैटी लिवर में काफी हद तक सुधार संभव है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • 1. फैटी लिवर को ठीक करने का सबसे प्रभावी तरीका क्या है?

    फैटी लिवर को जल्दी कम करने के लिए शरीर के वजन में 7 से 10% तक कम करना, शराब पूरी तरह छोड़ना, चीनी और मैदा जैसे प्रोसेस्ड फूड से परहेज करना और रोजाना 30 से 45 मिनट हल्की शारीरिक गतिविधियां करना जरूरी है।
  • 2. फैटी लिवर से क्या-क्या दिक्कत होती है?

    फैटी लिवर के कारण लिवर में सूजन, फाइब्रोसिस और कई गंभीर मामलों में लिवर कैंसर या लिवर फेलियर की समस्या हो सकती है। यह स्थिति अक्सर सिरोसिस, डायबिटीज, दिल की बीमारी, थकान और पेट में पानी भरने जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
  • 3. लिवर के लिए कौन सी सब्जी खानी चाहिए?

    लिवर को हेल्दी रखने और फैटी लिवर की समस्या को कम करने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना सबसे अच्छा हो सकता है। इसलिए आप अपनी डाइट में ब्रोकली, पालक, फूलगोभी, चुकंदर आदि चीजों को शामिल कर सकते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर से भरपूर होती हैं।
  • 4. लिवर की कौन सी बीमारी वजन घटाने का कारण बनती है?

    लिवर की कुछ गंभीर बीमारियों जैसे सिरोसिस और गंभीर फैटी लिवर डिजीज वजन घटाने का मुख्य कारण बन सकते हैं। इन स्थितियों में भूख कम लगना, थकान और शरीर द्वारा पोषक तत्वों को सही तरह से पचा न पाने के कारण वजन कम होता है।

Read Next

बार-बार वजन घटता-बढ़ता है? लाइफस्टाइल में करें ये 5 बदलाव, वेट कंट्रोल रहेगा बेहतर

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Apr 01, 2026 20:15 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Apr 01, 2026 20:15 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Apr 01, 2026 20:15 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Apr 01, 2026 20:15 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Neeraj Dhamija

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content