आज से कुछ साल पहले फैटी लिवर (Fatty Liver) जैसी समस्या कम सुनने को मिलती थी, लेकिन अब यह तेजी से बढ़ रही है। फैटी लिवर की शुरुआती स्टेज को फैटी लिवर ग्रेड 1 (Fatty Liver Grade 1) कहते हैं। इस स्टेज पर लिवर में फैट जमना शुरू होता है या थोड़ा बहुत जम चुका होता है। फैटी लिवर ग्रेड 1 पहला चरण होता है और ज्यादातर मामलों में ऐसा होता है कि बीमारी होने के बावजूद लक्षण नजर नहीं आते। हाई कोलेस्ट्रॉल, अधिक कैलोरी इनटेक, कम शारीरिक गतिविधि जैसे कारण फैटी लिवर ग्रेड 1 के कारण हो सकते हैं।
फैटी लिवर ग्रेड 1 तक व्यक्ति तब पहुंचता है जब लिवर की कोशिकाओं में ट्राइग्लिसराइड्स स्टोर होने लगते हैं, और फैट स्टोरेज 33 प्रतिशत तक हो सकता है। आमतौर पर फैटी लिवर की तीन स्टेज देखी जाती हैं- ग्रेड 1, ग्रेड 2 और ग्रेड 3। पहले समझते हैं फैटी लिवर ग्रेड 1 क्या है और इसका इलाज कैसे किया जाता है? इस विषय को गहराई से समझने के लिए हमने Dr. Naveen Polavarapu, Senior Consultant, Medical Gastroenterologist, Liver Specialist, Lead-Advanced Endoscopic Interventions & Training, Clinical Director, Yashoda Hospitals, Hyderabad से बात की।
फैटी लिवर ग्रेड 1 क्या है?
फैटी लिवर एक ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर में फैट जमा हो जाता है। जब लिवर में कम मात्रा में फैट जमा होता है, तो उस स्टेज को फैटी लिवर ग्रेड 1 कहा जाता है। जब व्यक्ति फैटी लिवर ग्रेड 1 स्टेज पर होता है, तब स्थिति को कंट्रोल करना आसान होता है, लेकिन अगर समय रहते ध्यान न दिया, तो यह स्थिति ग्रेड 2 और ग्रेड 3 में बदल जाती है।
फैटी लिवर डिजीज दो प्रकार के होते है। पहला एल्कोहॉलिक फैटी लिवर (Alcoholic Fatty Liver) जो अल्कोहल का सेवन करने से होती है और दूसरी नॉन-एल्कोहॉलिक फैटी लिवर (Non Alcoholic Fatty Liver Disease or NAFLD) जो अक्सर गलत खानपान, मोटापा या खराब लाइफस्टाइल के कारण होने वाली स्थिति है। Journal Of Hepatology में 2023 में प्रकाशित जानकारी के अनुसार NAFLD (Non-Alcoholic Fatty Liver Disease) का नाम बदलकर अब MASLD (Metabolic dysfunction-Associated Steatotic Liver Disease) किया जा चुका है।
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फैटी लिवर ग्रेड 1 में 33 प्रतिशत तक फैट जमा हो सकता है
एमओएचएफडब्ल्यू (MoHFW, Ministry of Health and Family Welfare) के मुताबिक, कैप स्कोर (CAP Score) के आधार पर लिवर में जमा फैट को तीन स्टेज में बांटा गया है-
- 248 से 268 dB/m ग्रेड 1 कहलाता है। इस स्टेज में लिवर में करीब 11 से 33 प्रतिशत फैट जमा हो सकता है।
- 268 से 280 dB/m ग्रेड 2 कहलाता है। इस स्टेज में लिवर में करीब 34 से 66 प्रतिशत फैट जमा हो सकता है।
- अगर कैप स्कोर 280 dB/m से ज्यादा है, तो यह ग्रेड 3 है और इस स्टेज पर लिवर में करीब 67 प्रतिशत से ज्यादा फैट जमा हो सकता है।
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मुझे Grade 1 Fatty Liver है यह कैसे पता चलेगा?

फैटी लिवर ग्रेड 1 में ज्यादातर कोई लक्षण नजर आने की आशंका कम होती है। जब तक जांच नहीं होगी, तब तक इसका पता लगाना मुश्किल हो सकता है। कई लोगों को खाना खाने के बाद भारीपन या पेट के दाईं तरफ ऊपर की ओर दर्द महसूस हो सकता है। फैटी लिवर ग्रेड 1 का पता लगाने के लिए डॉक्टर कुछ जांच कराने की सलाह दे सकते हैं जैसे-
- अल्ट्रासाउंड
- लिवर फंक्शन टेस्ट
- लिपिड प्रोफाइल टेस्ट
- ब्लड शुगर टेस्ट
- सीटी स्कैन और एमआरआई
- कुछ रेयर मामलों में लिवर बायोप्सी की जरूरत भी हो सकती है।
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फैटी लिवर ग्रेड 1 का इलाज
Dr. Naveen Polavarapu ने बताया कि फैटी लिवर का इलाज लाइफस्टाइल में सुधार के साथ किया जा सकता है यानी हेल्दी लाइफस्टाइल पर फोकस करके फैटी लिवर की समस्या को कम किया जा सकता है। Journal Of Clinical Medicine के रिव्यू के मुताबिक, लिवर में जमा फैट को कम करने के लिए लाइफस्टाइल में हेल्दी आदतों को शामिल करने का अच्छा असर देखा गया है।
डॉ. नवीन ने बताया कि वह अपने मरीजों को फैटी लिवर को कंट्रोल करने के लिए-
- सात से दस प्रतिशत तक वजन कम करने की सलाह देते हैं।
- इसके अलावा डॉक्टर कहते हैं कि ऐसे मरीजों को संतुलित डाइट लेना चाहिए जिसमें होल ग्रेन्स, सब्जियां, लीन मीट को शामिल कर सकते हैं।
- साथ ही ज्यादा कार्ब्स और सैचुरेटेड फैट्स के सेवन से बचने का प्रयास करें।
- इसके अलावा हफ्ते में 150 मिनट एरोबिक्स और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को दें।
- अल्कोहल के सेवन से बचें और अगर डायबिटीज की दवाओं का सेवन कर रहे हैं, तो डॉक्टर से डोज चेक कराएं।
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GRADE 1 से GRADE 2 फैटी लिवर किस तरह से बढ़ सकता है?
Dr. Naveen Polavarapu ने बताया कि जिन मरीजों को पहले से ग्रेड 1 फैटी लिवर है, अगर उनमें लंबे समय तक मोटापा, अनहेल्दी डाइट, शारीरिक गतिविधि की कमी, डायबिटीज, ज्यादा अल्कोहल का सेवन जैसी समस्याएं बनी रहती हैं, तो ये फैटी लिवर ग्रेड 2 और 3 में बदल सकता है।
एल्कोहलिक और नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर (MASLD) ग्रेड-1 के इलाज में अंतर
Dr. Naveen Polavarapu ने बताया कि एल्कोहलिक फैटी लिवर की स्थिति में लिवर फैट का मुख्य कारण शराब का अधिक सेवन माना जाता है। इसलिए इलाज के दौरान एल्कोहल का सेवन बंद करने की सलाह दी जाती है और संंतुलित आहार व लाइफस्टाइल में बदलाव से इसे ग्रेड 1 की स्टेज पर कंट्रोल किया जा सकता है। नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर (MASLD) ग्रेड-1 की स्थिति में भी एल्कोहल से दूरी बरतने की सलाह के साथ जीवनशैली सुधारने की सलाह दी जाती है क्योंकि अक्सर इसका संबंंध मोटापा, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी स्थितियां हो सकती हैं।
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फैटी लिवर के ठीक होने का पता कैसे चलेगा?
जब लिवर एंजाइम (SGPT/SGOT) सामान्य होने लगे और अल्ट्रासाउंड में फैट कम नजर आए, तो यह सुधार के संकेत हो सकते हैं।
ग्रेड 1 फैटी लिवर कितने समय में ठीक हो सकता है?
ग्रेड 1 फैटी लिवर की स्थिति में जीवनशैली में बदलाव लाने पर एक से तीन महीनों के भीतर लिवर एंजाइम और एनर्जी लेवल में सुधार देखा जा सकता है। हालांकि जांच में सुधार नजर आने में अक्सर तीन से छह महीने का समय लग सकता है।
ग्रेड 1 फैटी लिवर को रिवर्स किया जा सकता है?
ज्यादातर मामलों में ग्रेड 1 फैटी लिवर को रिवर्स किया जा सकता है। हेल्दी लाइफस्टाइल, वेट लॉस, हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज की मदद से मरीज इस समस्या से जल्दी बाहर आ सकता है।
डॉक्टर से संपर्क कब करें?
Dr. Naveen Polavarapu ने बताया कि अगर आपका वजन ज्यादा है, डायबिटीज है या कोई अन्य रिस्क फैक्टर है, तो डॉक्टर आपको जांच करवाने की सलाह दे सकते हैं। अगर थकान बढ़ रही है या पीलिया हो गया है, तो तुरंत जांच कराएं। पेट दर्द बढ़ने की स्थिति में भी जांच करवाएं। बिना वजह वजन घटना भी अच्छी स्थिति नहीं मानी जाती है, ऐसे में तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। जांच के बाद हर तीन से छह महीने में चेकअप करवाएं।
निष्कर्ष:
Gastroenterologist & Liver Specialist Dr. Naveen Polavarapu से हुई बातचीत और Journal Of Clinical Medicine के रिव्यू के आधार पर यह कहा जा सकता है कि फैटी लिवर ग्रेड 1 के इलाज के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाया जा सकता है। संतुलित आहार, एक्सरसाइज, अल्कोहल से बचकर फैटी लिवर से बचा जा सकता है। आमतौर पर ग्रेड 1 में मरीज को लक्षण नजर नहीं आते हैं, इसलिए अगर आपको डायबिटीज है, आप मोटापे का शिकार हैं, तो समय पर जांच करवाएं ताकि बीमारी को बढ़ने से पहले ही कंट्रोल कर सकें।
FAQ
क्या फैटी लिवर ग्रेड 1 ठीक हो सकता है?
फैटी लिवर ग्रेड 1 को लाइफस्टाइल में बदलाव करके कुछ महीनों में ठीक किया जा सकता है। अगर समय पर इलाज करवाएंगे, तो फैटी लिवर के ग्रेड 2 या 3 में बदलने से बचा जा सकता है।फैटी लिवर से कैसे बचें?
फैटी लिवर से बचने के लिए डॉक्टर ऐसी डाइट लेने की सलाह देते हैं जिसमें प्रोसेस्ड फूड्स कम हों। रोजाना एक्सरसाइज करें, शुगर लेवल और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करें और वजन कंट्रोल करें।फैटी लिवर के कारण क्या हैं?
मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस, टाइप 2 डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई बीपी वगैरह फैटी लिवर के कारण हैं। जो लोग ज्यादा फैट या मीठे का सेवन करते हैं, उनमें फैटी लिवर का खतरा हो सकता है।Fatty Liver Grade 1 के लक्षण क्या हैं?
फैटी लिवर ग्रेड 1 में ऐसा हो सकता है कि व्यक्ति को लक्षण नजर न आएं। डॉक्टर के मुताबिक, जांच के बगैर कई बार बीमारी का पता नहीं चलता है। कुछ मरीजों को पेट में दाईं तरफ ऊपर की ओर हल्का दर्द महसूस हो सकता है या खाने के बाद भारीपन महसूस हो सकता है।
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Apr 01, 2026 11:25 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Apr 01, 2026 11:25 IST
Modified By : Yashaswi MathurApr 01, 2026 11:25 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Naveen Polavarapu