Fri Sep 11, 2026 | 08:37 PM IST

Medically Reviewed by Dr. Pooja Pillai , Internal Medicine

ग्रेड 1 और ग्रेड 2 फैटी लिवर के लक्षण और खतरे कैसे हैं अलग? जानें डॉक्टर से

फैटी लिवर एक गंभीर समस्या है, जिसे समय पर पहचानकर अगर इलाज न किया जाए तो लिवर फेलियर की समस्या हो सकती है। ऐसे में आइए फैटी लिवर ग्रेड 1 और ग्रेड 2 में के लक्षणों में क्या अंतर है और इसके खतरे क्या हैं? 

फैटी लिवर एक गंभीर स्थिति है, जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। फैटी लिवर एक ऐसी स्थिति है, जिसमें लिवर के सेल्स में सामान्य से ज्यादा फैट जमा होने लगते हैं। लिवर हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो पाचन, शरीर के अंदर के टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालने और एनर्जी को बनाए रखने का काम करता है। जब लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है तो उसका काम प्रभावित होने लगता है। फैटी लिवर को आमतौर पर ग्रेड 1, ग्रेड 2 और ग्रेड 3 में बांटा जाता है। हालांकि लोग ग्रेड 1 और ग्रेड 2 फैटी लिवर के बीच अंतर को समझ नहीं पाते हैं। इसलिए, आइए आज के इस लेख में हम बैंगलोर के एस्टर सीएमआई अस्पताल की कंसल्टेंट - इंटरनल मेडिसिन डॉ. पूजा पिल्लई (Dr. Pooja Pillai, Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bangalore) से जानते हैं कि ग्रेड 1 और ग्रेड 2 फैटी लिवर के लक्षणों के बीच अंतर और इसके जोखिम को समझते हैं?

ग्रेड 1 फैटी लिवर क्या है? - What is Grade 1 Fatty Liver in Hindi?

ग्रेड 1 फैटी लिवर को हल्का फैटी लिवर कहा जाता है, जिसमें लिवर में फैट का जमाव कम मात्रा में होता है और लिवर के काम करने की क्षमता ज्यादातर सामान्य ही रहती है।

ग्रेड 1 फैटी लिवर के लक्षण

ग्रेड 1 फैटी लिवर की समस्या में अक्सर कोई खास लक्षण नजर नहीं आते हैं, कई लोगों को यह बीमारी तब पता चलती है जब ले किसी अन्य बीमारी की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड करवाते हैं। हालांकि कुछ लोगों में हल्के लक्षण नजर आ सकते हैं, जिसमें:

  • हल्की थकान महसूस होना
  • पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में हल्का दर्द होना
  • कभी-कभी गैस या अपच की समस्या
  • शरीर में सुस्ती या एनर्जी की कमी

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ग्रेड 1 के लक्षण इतने नॉर्मल होते हैं कि लोग अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।

ग्रेड 1 फैटी लिवर के जोखिम

ग्रेड 1 फैटी लिवर में जोखिम अक्सर कम होता है। इस स्टेज में:

  • लिवर को स्थायी नुकसान होने की संभावना बहुत कम होती है।
  • यह स्थिति पूरी तरह रिवर्स की जा सकती है।
  • सही खान-पान और लाइफस्टाइल अपनाने से लिवर नॉर्मल हो सकता है।
  • अगर इस स्टेज पर ध्यान दिया जाए तो बीमारी को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है।

ग्रेड 2 फैटी लिवर क्या है? - What is Grade 2 Fatty Liver in Hindi

ग्रेड 2 फैटी लिवर को मध्यम फैटी लिवर के रूप में जाना जाता है। इस अवस्था में लिवर में फैट की मात्रा ज्यादा बढ़ जाती है और लिवर के सेल्स पर असर पड़ने लगते हैं।

ग्रेड 2 फैटी लिवर के लक्षण

ग्रेड 2 फैटी लिवर होने पर आपके शरीर में कई तरह के लक्षण नजर आ सकते हैं, जिसमें

  • लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
  • पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में भारीपन या दर्द होना
  • भूख कम लगना
  • अपच, गैस और मतली की समस्या
  • पेट फूला हुआ महसूस होने लगता है
  • वजन बढ़ना या कम करने में मुश्किल होना

ग्रेड 2 फैटी लिवर के लक्षणों के कारण पीड़ित को रोजमर्रा की लाइफ प्रभावित होने लगती है।

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ग्रेड 2 फैटी लिवर के जोखिम

ग्रेड 2 फैटी लिवर में जोखिम ग्रेड 1 की तुलना में ज्यादा होते हैं। अगर समय पर इलाज न किया जाए तो:

  • लिवर में सूजन की समस्या होना
  • नॉन-अल्कोहोल स्टीटोहेपेटाइटिस का जोखिम बढ़ना  
  • आगे चलकर फाइब्रोसिस हो सकता है
  • लंबे समय में सिरोसिस और लिवर फेलियर का जोखिम बढ़ जाता है।

हालांकि, इस स्टेज पर भी सही इलाज और लाइफस्टाइल में सुधार करके बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है।

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ग्रेड 1 और ग्रेड 2 फैटी लिवर में अंतर

ग्रेड 1 और ग्रेड 2 फैटी लिवर के बीच अंतरों को समझना बहुत आसान है, जैसे:

  • ग्रेड 1 फैटी लिवर की समस्या में फैट का जमाव हल्का होता है, जबकि ग्रेड 2 में मध्यम होता है।
  • ग्रेड 1 फैटी लिवर में लक्षण बहुत कम या नहीं के बराबर नजर आते हैं, जबकि ग्रेड 2 में इसके लक्षण साफ देखने को मिल सकते हैं।
  • ग्रेड 1 में फैटी लिवर में जोखिम कम होते हैं और इसे रिवर्स करना आसान होता है, लेकिन ग्रेड 2 फैटी लिवर में लिवर को नुकसान पहुंचाने का जोखिम ज्यादा होता है।

निष्कर्ष

ग्रेड 1 और ग्रेड 2 फैटी लिवर के बीच अंतर को समझना काफी आसान है। इनमें फैट की मात्रा, लक्षणों की गंभीरता और जोखिम का स्तर शामिल है। ग्रेड 1 फैटी लिवर एक चेतावनी के रूप में होता है, जिसमें आप इस समस्या को पूरी तरह ठीक कर सकते हैं। जबकि ग्रेड 2 फैटी लिवर की समस्या होने पर मरीज को सही केयर की जरूरत होती है।
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FAQ

  • फैटी लीवर से क्या-क्या दिक्कत होती है?

    फैटी लिवर होने पर आपको की तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जिससे लिवर में सूजन, लिवर पर घाव बनना और फिर सिरोसिस जैसी समस्या होना शामिल हैं, जिससे लिवर कैंसर और लिवर फेलियर का जोखिम बढ़ जाता है।
  • फैटी लिवर में क्या परहेज करना चाहिए?

    फैटी लिवर की समस्या में आपको शराब, चीनी, तला हुआ और प्रोसेस्ड फूड, सफेद ब्रेड और रेड मीट के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि ये लिवर में फैट को बढ़ाते हैं।
  • फैटी लिवर में सबसे ज्यादा क्या खाना चाहिए?

    फैटी लिवर की समस्या में आपको हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट्स का सेवन कर सकते हैं। इन फूड्स में फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और ओमेगा-3 भरपूर मात्रा में होता है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jan 08, 2026 15:26 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Jan 08, 2026 15:26 IST

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