प्रेगनेंसी में आने लगा है ज्‍यादा गुस्‍सा? जानें खुद पर काबू पाने के तरीके

प्रेगनेंसी के दौरान मूड में उतार-चढ़ाव होता है। बात-बात पर गुस्‍सा आता है। जानते हैं इस दौरान क‍िन उपायों की मदद से गुस्‍सा कंट्रोल कर सकती हैं।  

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurUpdated at: Nov 16, 2022 14:30 IST
प्रेगनेंसी में आने लगा है ज्‍यादा गुस्‍सा? जानें खुद पर काबू पाने के तरीके

प्रेगनेंसी के दौरान मह‍िलाओं को तनाव, च‍िड़च‍िड़ापन, बात-बात पर गुस्‍सा आने जैसे लक्षण महसूस होते हैं। ऐसा हार्मोनल बदलावों के कारण होता है। होने वाली मां के तनाव में रहने का बुरा असर बच्‍चे की सेहत पर भी पड़ता है। ज‍िन मह‍िलाओं को एक या एक से ज्‍यादा बीमार‍ियां होती हैं, उनमें तनाव के कारण हाई बीपी की समस्‍या हो सकती है। प्रेगनेंसी में आपको भी बार-बार गुस्‍सा आता है, तो हम कुछ आसान तरीके बताने जा रहे हैं। इनकी मदद से एंग्‍जाइटी या गुस्‍से को न‍ियंत्र‍ित क‍िया जा सकता है। इन उपायों को आजमाने से द‍िमाग शांत रहेगा और आप पॉज‍िट‍िव रह पाएंगी। 

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1. सुबह-सुबह करें मेड‍िटेशन 

मेड‍िटेशन या ध्‍यान करने से मन शांत रहता है। प्रेगनेंसी में ज्‍यादा गुस्‍सा आता है, तो सुबह के समय मेड‍िटेशन कर सकते हैं। इससे शरीर को पर्याप्‍त ऑक्‍सीजन म‍िलेगी। साथ ही मन शांत होगा। मेड‍िटेशन की मदद से शरीर एक्‍ट‍िव रहेगा और भ्रूण पर सकारात्‍मक प्रभाव पड़ेगा। शाम को कुछ देर टहलने से भी शरीर में रक्‍त प्रवाह बेहतर होता है और मूड स्‍व‍िंग या ड‍िप्रेशन के लक्षण दूर होते हैं।

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2. गुस्‍सा शांत करने के ल‍िए आराम करें 

हाउसवाइफ हो या वर्कि‍ंग लेड‍ी, दोनों ही पूरे द‍िन काम में व्‍यस्‍त रहती है। लेक‍िन प्रेगनेंसी के दौरान डॉक्‍टर आपको आराम करने की सलाह भी देते हैं ज‍िसे अक्‍सर मह‍िलाएं नजरअंदाज कर देती हैं। आराम न करने के कारण भी गुस्‍सा या च‍िड़च‍िड़ापन महसूस हो सकता है। ज‍िस द‍िन आपको तबीयत ठीक न लगे, उस द‍िन आराम करें। इससे शरीर में ऊर्जा रहेगी और मूड भी अच्‍छा रहेगा।

3. खुद को खाली न छोड़ें 

प्रेगनेंसी में आराम करें लेक‍िन द‍िमाग को खाली नहीं छोड़ना चाह‍िए क्‍योंक‍ि हार्मोनल बदलावों के कारण इस दौरान च‍िड़च‍िड़ापन महसूस होता है। प्रेगनेंसी में होने वाली मां को नकारात्‍मक व‍िचार भी आते हैं। इससे बचने के ल‍िए द‍िमाग को व्‍यस्‍त रखना जरूरी है। प्रेगनेंसी में अपनी हॉबी को समय दें। डांस करना, गाना, पेंट‍िंग या अन्‍य कोई हॉबी में रूच‍ि हो, तो उसे जरूर समय दें।     

4. प्रेगनेंसी डाइट का महत्‍व समझें 

प्रेगनेंसी में शारीर‍िक और मानसिक समस्‍याओं से बचने के ल‍िए डाइट की भूम‍िका अहम होती है। अपनी डाइट फाइबर को शाम‍िल करें। ताजे फल और सब्‍ज‍ियों में भरपूर फाइबर होता है। मूड को अच्‍छा बनाने के ल‍िए फाइबर एक फायदेमंद तत्‍व माना जाता है। इसके अलावा प्रेगनेंसी में संतुल‍ित आहार का सेवन करें। अपनी डाइट में व‍िटाम‍िन्‍स, म‍िनरल्‍स, प्रोटीन, कॉर्ब्स आद‍ि को शाम‍िल करें।  

5. गर्भ संस्‍कार अपनाएं

गर्भ संस्कार एक संस्कृत शब्द है। इसका मतलब है गर्भ में शिक्षा। तनाव और गुस्‍से पर काबू पाने के ल‍िए गर्भ संस्‍कार व‍िध‍ि अपनाएं। गर्भ संस्‍कार में संगीत सुनना, अच्‍छा भोजन करना, ध्‍यान करना आद‍ि पर जोर द‍िया जाता है। गर्भ संस्‍कार की मदद से भावनात्‍मक, आध्‍यात्‍म‍िक, मानस‍िक और शारीर‍िक तौर पर होने वाली मां और गर्भस्‍थ श‍िश‍ु की सेहत पर अच्‍छा प्रभाव पड़ता है। गुस्‍से पर काबू पाने के ल‍िए अच्‍छा संगीत सुनें। मंत्र का उच्‍चारण करना, योग करना गर्भ संस्‍कार में फायदेमंद माना जाता है।   

Anger during Pregnancy: प्रेगनेंसी में गुस्‍से पर काबू पाने के ल‍िए हेल्‍दी डाइट, योग, मेड‍िटेशन के अलावा गर्भ संस्‍कार व‍िध‍ि, आराम करने जैसी आदतों पर ध्‍यान दें।  

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