Fri Sep 11, 2026 | 09:55 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chetna Jain , Gynecologist

घर पर कैसे चेक करें अपना ओव्यूलेशन? गर्भधारण के लिए सबसे आसान तरीका

Cervix Check at Home: अक्सर महिलाएं सोचती हैं कि घर पर फर्टिलिटी कैसे चेक की जाए, तो इस लेख को जरूर पढ़ना चाहिए क्योंकि इसमें डॉक्टर ने विस्तार से घर पर सर्वाइकल पोजीशन चेक करने का तरीका बताया है। 

Cervix Check at Home: प्रेग्नेंसी और पीरियड्स जैसे नेचुरल प्रोसेस के लिए सर्विक्स बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। सर्विक्स खुलने के बाद ही नेचुरल डिलीवरी हो सकती है लेकिन महिलाओं को यह जानकर हैरानी होगी कि सर्विक्स के जरिए फर्टिलिटी से जुड़ी कई तरह की जानकारियां भी मिल सकती हैं। कई बार तो महिलाएं अपने सर्विक्स की पोजीशन और उसमें हो रहे बदलावों के जरिए ही फर्टिलिटी का पता लगा लेते हैं। घर पर सर्विक्स चेक करने से पहले कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। घर पर सर्विक्स चेक करके कैसे फर्टिलिटी चेक की जा सकती है? यह जानने के लिए हमने गुरुग्राम के क्लाउडनाइन हॉस्पिटल के ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी विभाग की डायरेक्टर डॉ. चेतना जैन (Dr. Chetna Jain Director Dept of Obstetrics & Gynecology, Cloudnine Group of Hospitals, Sector 14, Gurgaon) से बात की। उन्होंने बताया कि सर्विक्स के जरिए पीरियड्स ब्लड बाहर निकलता है, ओव्यूलेशन के समय स्पर्म अंदर जाने में मदद करता है और प्रेग्नेंसी के दौरान यूटरस को बंद रखता है। इसलिए सर्विक्स के जरिए महिला अपना ओव्यूलेशन समय, फर्टाइल विंडो और हार्मोन्स में बदलाव पता कर सकती है।

घर पर सर्वाइकल पोजीशन कैसे चेक करें?

डॉ. चेतना जैन ने कहा, “सर्वाइकल पोजीशन चेक करना कोई मेडिकल टेस्ट नहीं है, बल्कि इसके जरिए महिला अपनी बॉडी के बारे में जान सकती है। जो भी महिला पहली बार सर्वाइकल पोजीशन चेक करती है, उसे शुरुआत में अजीब लग सकता है, लेकिन फिर धीरे-धीरे बदलावों का पता चलने लगता है।”

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साफ-सफाई का रखें ध्यान

जब भी सर्वाइकल चेक करें, तो सबसे जरूरी है कि हाथों को साबुन और साफ पानी से अच्छे तरीके से धोएं। इसके साथ अपने नाखून भी छोटे रखें और साफ होना जरूरी है। बड़े नाखूनों से सर्वाइकल में जख्म हो सकता है। अगर सर्वाइकल के आसपास इंफेक्शन या जलन हो, तो सर्वाइकल चेक बिल्कुल न करें।

पोजीशन सही होना जरूरी

सर्वाइकल चेक के लिए पोजीशन का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है। महिलाएं टॉयलेट सीट पर बैठकर, स्क्वाट पोजीशन में या फिर बाथरूम में स्टूल पर एक पैर रखकर सही पोजीशन बनाई जा सकती है।

सर्विक्स की पहचान कैसे करें?

जब सही और आरामदायक पोजीशन बन जाए, तो पहली साफ उंगुली (तर्जनी) या फिर दूसरी उंगुली (मध्यम) के जरिए धीरे-धीरे योनि में डालें और वहां कुछ उभरा हुआ हिस्सा महसूस होगा। कई बार यह हिस्सा नाक की नोक जैसा सख्त लगता है, तो कभी सोफ्ट लगता है। उंगुली से यह महसूस करना चाहिए कि कैसा महसूस हो रहा है। अगर सर्विक्स ऊपर लग रहा है या नीचे की ओर महसूस हो रहा है। इसके अलावा, सर्विक्स बंद जैसा महसूस हो रहा है या थोड़ा खुला महसूस हो रहा है। ये तीन बातों से ही फर्टिलिटी के बारे में जाना जा सकता है।

फर्टिलिटी का कैसे पता चलता है?

डॉ. चेतना कहती हैं, “सर्विक्स पूरे महीने बदलता है, इसलिए ओव्यूलेशन के आसपास सर्विक्स ऊपर होता है, थोड़ा सोफ्ट और खुला हुआ महसूस होता है। अगर फर्टाइल नहीं है, तो सर्विक्स नीचे की ओर, सख्त और पूरी तरह से बंद होता है। पहली बार जब महिला सर्विक्स चेक करती है, तो उसे ज्यादा समझ नहीं आता, लेकिन लगातार नोट करते रहने से सर्विक्स में बदलाव महसूस होने लगते हैं। इसलिए कई बार महिलाएं मेरे पास आती हैं कि उन्हें कुछ समझ नहीं आया, तो मैं हमेशा उन्हें इसे रेगुलर करने और महसूस करने की सलाह देती हूं।”

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सर्वाइकल पोजीशन चेक करने के अलावा ये है आसान तरीके

डॉ. चेतना ने बताया कि महिलाएं कई और तरीकों से भी फर्टिलिटी चेक कर सकती है।

  1. सर्वाइकल डिस्चार्ज - अगर डिस्चार्ज साफ और अंडे की सफेदी जैसी हो, तो ओव्यूलेशन का समय हो सकता है।
  2. बॉडी टेम्परेचर - ओव्यूलेशन के बाद शरीर का टेम्परेचर गर्म हो जाता है।
  3. पीरियड ट्रैक रखना - रेगुलर साइकिल में ओव्यूलेशन अक्सर अगले पीरियड से 12 से 14 दिन पहले हो सकता है।
  4. ओव्यूलेशन किट - यूरिन में होने वाले हार्मोनल बदलावों का ओव्यूलेशन किट से पता चल सकता है।

सर्विक्स को हेल्दी रखने के तरीके

डॉ. चेतना ने बताया कि सर्विक्स को हेल्दी रखना बहुत जरूरी है ताकि इंफेक्शन न हो और प्रेग्नेंसी के समय किसी भी तरह की दिक्कत न हो। इसके अलावा, सर्वाइकल हेल्दी रहने से पूरा शरीर काफी हद तक सेहतमंद रहता है।

  1. सेफ सेक्चुअल इंटरकोर्स करना - कंडोम का इस्तेमाल करने से STI से काफी हद तक बचाव हो सकता है।
  2. रेगुलर स्क्रीनिंग - 30 साल के बाद पैप स्मीयर टेस्ट कराना बहुत जरूरी है। हमेशा माइल्ड प्रोडेक्ट्स ही इस्तेमाल करें।
  3. डाइट का ध्यान रखें - विटामिन C, फोलेट, और एंटी ऑक्सीडेंट्स वाले फूड्स जरूर लें।
  4. लाइफस्टाइल में बदलाव करें - रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी, स्ट्रेस कम और नींद पूरी रखें। स्मोकिंग करने से बचें क्योंकि इससे सर्वाइकल कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है।

निष्कर्ष

डॉ. चेतना जोर देते हुए कहती हैं कि अगर किसी महिला को बदबूदार डिस्चार्ज, सेक्चुअल इंटरकोर्स के बाद ब्लीडिंग होना और पेल्विक में दर्द हो, तो डॉक्टर से जरूर सलाह लें। इसके अलावा, अगर कोई महिला प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हो और लंबे समय से कंसीव न कर रही हो, तो भी सर्विक्स से जुड़ी कोई दिक्कत हो सकती है। इसलिए डॉक्टर से जरूर मिलें।

FAQ

  • पीरियड से पहले सर्विक्स कैसा महसूस होता है?

    पीरियड्स शुरू होने के कुछ दिन पहले सर्विक्स योनि में नीचे की ओर खिसक जाती है और पीरियड्स के दौरान यह थोड़ी खुल जाती है। कई महिलाओं को पीरियड्स होने से पहले सर्विक्स थोड़ा खुल जाता है।
  • सर्विक्स प्लेसमेंट का क्या मतलब है?

    पीरियड्स बंद होने बाद सर्विक्स नीचे की ओर हार्ड सख्त हो जाता है और सर्विक्स बंद हो जाता है। जैसे-जैसे ओव्यूलेशन नजदीक आता है, सर्विक्स योनि के ऊपरी भाग तक उठ जाती है और नरम व नम हो जाती है।
  • आपको कैसे पता चलेगा कि अभी आपका पीरियड आ रहा है या प्रेग्नेंट है?

    अगर किसी महिला को मतली आती है, निप्पल्स के आकार में बदलाव आता है और पीरियड्स नहीं होते, तो महिला को प्रेग्नेंसी टेस्ट करना चाहिए और डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 02, 2026 18:39 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Feb 02, 2026 18:39 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Chetna Jain

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