कोरोना की दूसरी लहर बच्चों के लिए कितनी खतरनाक? डॉक्टर से जानें कारण और बचाव

कोरोना की दूसरी लहर लोगों को ज्यादा प्रभावित कर रही है।  विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चे वाहक के रूप में काम कर रहे हैं।

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiPublished at: Apr 26, 2021Updated at: Apr 26, 2021
कोरोना की दूसरी लहर बच्चों के लिए कितनी खतरनाक?  डॉक्टर से जानें कारण और बचाव

बेशक स्कूल, पार्क बंद हैं, लेकिन कोरोना कहीं भी पहुंच सकता है। बड़ों से लेकर छोटों, सभी को कोरोना घेर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक है। भारत सरकार के मुताबिक 1 मई, 2021 से 18 साल से ऊपर वालों को वैक्सीनेशन (Corona Vaccine) शूरू होगा, लेकिन अभी भी 18 साल से कम उम्र के बच्चों को कोरोना का खतरा है। छोटे बच्चों में भी खांसी, जुकाम, बुखार जैसे ही लक्षण दिखाई दे रहे हैं। छोटे बच्चों में कोरोना के लक्षण दिखाई देना, इसके कई कारण हो सकते हैं। छोटे बच्चों के लिए कोरोना कितना खतरनाक साबित हो सकता है, इसके बारे में गुरुग्राम के पारस अस्पताल में बाल रोग चिकित्सक डॉ. मनीष मनन का कहना है कि कोरोना की पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक है। ऐसे में उन्हें इससे बचाना ज्यादा जरूरी है। तो वहीं, लखनऊ के डफरीन हॉस्पीटल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान खान का कहना है कि बच्चों में लक्षण कम दिखाई दे रहे हैं पर वाहक ज्यादा बन रहे हैं।

छोटे बच्चों में कोरोना के लक्षण

  • बुखार
  • खांसी
  • जुकाम
  • भूख न लगना
  • चेहरे पर चकत्ते पड़ना
  • बुखार का न उतरना
  • छाले होना
  • मांसपेशियों में दर्द
  • उल्टी
  • थकान
  • आंखों का लाल होना
  • जोड़ों में दर्द

दूसरी लहर पहली लहर से ज्यादा खतरनाक क्यों

कोरोना की दूसरी पहली से ज्यादा खतरनाक इसलिए ज्यादा है, क्योंकि यह इस बार यह फैल तेजी से रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लगातार कह रहे हैं कि इस बार बच्चों और युवाओं को ज्यादा खतरा है। युवा संभल कर रहे हैं। पहली लहर के दौरान कोरोना मामलों में कमी के चलते स्कूल खोल दिए गए थे, जिस वजह से बच्चों में इस वायरस के लक्षण दिखाई देने शुरू हुए। दूसरी लहर में यह भी देखा जा रहा है कि कोरोना वैक्सीन लगने के बाद भी लोगों को कोरोना हो रहा है। छोटे बच्चों को कोरोना बेशक ज्यादा खतरनाक रूप से प्रभावित न कर रहा हो, पर यह वाहक के रूप में काम कर रहे हैं।

डॉक्टर मनन का कहना है कि दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक इसलिए भी लग रही है क्योंकि अभी टेस्टिंग भी ज्यादा हो रही है, इसलिए मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। लेकिन बड़ों के मुकाबले बच्चों में लक्षण कम दिख रहे हैं। पर पिछली लहर के मुकाबले बच्चों में इस बार ज्यादा लक्षण दिखाई दे रहे हैं।

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बच्चे बन रहे वाहक

लखनऊ के डफरीन हॉस्पीटल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान खान का कहना है कि बच्चों में संक्रमण ज्यादा हो रहा है, इसलिए बच्चों के लिए दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक है। लक्षण बच्चों में ज्यादा दिखाई दे नहीं दे रहे हैं। पर कोरोना के वाहक बन रहे हैं। ज्यादातर बच्चे कोरोना पॉजिटिव आ रहे हैं। डॉक्टर का कहना है कि घर में अगर कोई पॉजिटिव है तो बच्चे का भी टेस्ट करा लें।

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दूसरी लहर से बच्चों को कैसे रखें दूर

विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। डॉ. मनन का कहना है कि अभी जो मौसम चल रहा है उसमें टाइफाइड, रक्त में संक्रमण, वायरल हैपेटाइटिस, जॉन्डिस, डेंगू आदि जैसी बीमारियां भी चल रही हैं। ऐसे में बच्चे की तबीयत खराब होने पर उसे तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। हर बुखार कोरोना का बुखार नहीं है। इसलिए कोई भी बीमारी होने पर बच्चे को चिकित्सक के पास दिखाना इस वक्त ज्यादा जरूरी है। 

अगर छोटे बच्चे में कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो उसे घर में रखें। कोरोना नियमों का पालन करें। अक्सर छोटे बच्चे मास्क पहनने में दिक्कत करते हैं, पर आप कोशिश करते रहें। बच्चे को मास्क पहनाएं। सामाजिक दूरी का पालन करें। बच्चों को डबल मास्क पहनाएं। बच्चों में हार्ड इम्युनिटी होती है, इसलिए यह वायरस उनके लिए ज्यादा खतरनाक नहीं है। पर फिर भी उन्हें भीड़ से दूर रखना जरूरी है। 

18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी कोई वैक्सीन नहीं है। ऐसे में उनका ख्याल रखना ज्यादा जरूरी है। हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से ऐसा कोई डेटा जारी नहीं किया गया है, जिसमें बच्चों में कोरोना को दिखाया गया हो। पर छोटे बच्चे भी वाहक के रूप में काम कर सकते हैं। ऐसे में उन्हें भी कोरोना की गंभीरता समझाएं।

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