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मानसून में गर्मी और उमस से सेहत पर पड़ सकते हैं ये 5 बुरे प्रभाव, जानें कैसे करें बचाव

मानसून में गर्मी और उमस से क्‍या वाकई ब‍िगाड़ सकती है आपकी सेहत? जानें दुष्‍प्रभाव और बचाव के उपाय  

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Jul 05, 2022Updated at: Jul 05, 2022
मानसून में गर्मी और उमस से सेहत पर पड़ सकते हैं ये 5 बुरे प्रभाव, जानें कैसे करें बचाव

गर्मी के मौसम में हमारे शरीर से पसीना निकलता है, ताकि शरीर खुद को ठंडा रख सके। दरअसल जब पसीने की बूंद बाहरी हवा के संपर्क में आती है और हवा इवैपोरेट (वाष्पीकृत) करके पसीने को सुखाती है, तो शरीर का तापमान कम हो जाता है। लेकि‍न बारिश के मौसम में जब हवा में नमी ज्‍यादा होती है, तो हमारी स्‍क‍िन में नमी ट्रैप हो जाती है। इसी कारण से इस मौसम में गर्मी के साथ-साथ चिपचिपेपन की समस्या होती है। इस दौरान गर्मी और उमस के कारण शरीर पर कई तरह के बुरे प्रभाव पड़ सकते हैं। इन प्रभावों के बारे में हम आगे बात करेंगे और जानेंगे क‍ि मानसून में हम अपना ख्‍याल कैसे रख सकते हैं। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के केयर इंस्‍टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फ‍िजिश‍ियन डॉ सीमा यादव से बात की।

monsoon health effects  

मानसून में गर्मी और उमस के कारण शरीर को होने वाले दुष्‍प्रभाव (Side Effects of Monsoon on Health)  

मानसून का इंतजार सभी को होता है पर इस मौसम में शरीर पर कुछ दुष्‍प्रभाव हो सकते हैं जैसे-

1. थकान महसूस होना (Fatigue in Hindi) 

मानसून के दौरान कभी-कभी ह्रयूम‍िड‍िटी और गर्मी एक साथ महसूस होती है। इस मौसम में आपको थकान या सुस्‍ती महसूस होगी। मानसून के सीजन में लोगों को बुखार के लक्षण महसूस हो सकते हैं। मानसून का असर मूड पर भी पड़ता है। इस दौरान ज्‍यादा उमस और गर्मी के कारण ड‍िप्रेशन के लक्षण महसूस हो सकते हैं।    

2. जी म‍िचलाना 

कुछ लोगों को मानसून सीजन में उल्‍टी, जी म‍िचलाना या घबराहट जैसे लक्षण भी महसूस होते हैं। हार्ट के मरीजों को मानसून सीजन में खास ख्‍याल रखने की जरूरत होगी। ज्‍यादा नमी में रहने से अन‍ियम‍ित हार्टबीट महसूस हो सकती है।        

3. अन‍िद्रा की समस्‍या (Insomnia)

ह्रयूम‍िड‍िटी और गर्मी का असर आपकी नींद पर पड़ सकता है। उमस के बढ़ने के कारण अन‍िद्रा की समस्‍या हो सकती है। अगर वातावरण में ज्‍यादा गर्मी है, तो आपको एंग्‍जाइटी महसूस हो सकती है। नमी और गर्मी का असर मानस‍िक स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ता है। इस वातावरण में ज्‍यादा देर रहने से आपको ज्‍यादा गुस्‍सा आना या च‍िड़च‍िड़ापन महसूस हो सकता है।  

4. स्‍क‍िन से जुड़ी समस्‍याएं (Skin Problems in Hindi)

नमी और गर्मी में ज्‍यादा समय के ल‍िए रहने से या आसपास नमी के ज्‍यादा होने से स्‍क‍िन में ज्‍यादा पसीना आएगा। पसीना ज्‍यादा आने से स्‍क‍िन में रैशेज और प‍िंपल्‍स की समस्‍या हो सकती है। 

5. फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning)

मानसून के समय फूड पॉइजनिंग की समस्‍या भी हो सकती है। इस मौसम में खाना जल्‍दी खराब हो जाता है। आपको इस दौरान बाहर कुछ भी खाने से बचना चाह‍िए। इस मौसम में स्‍ट्रीट फूड खाना अवॉइड करें। आपको बासी या कच्‍चा-पक्‍का खाना भी अवॉइड करना चाह‍िए। 

इसे भी पढ़ें- बारिश के मौसम में फूड प्वाइजनिंग से बचने के लिए खानपान में रखें इन 9 बातों का ध्यान, रहेंगे स्वस्थ

मानसून में कैसे रखें सेहत का ख्‍याल? (How to Prevent Bad Health During Monsoon) 

  • ज्‍यादा उमस और गर्मी के कारण ड‍िहाइड्रेशन की समस्‍या हो सकती है इसल‍िए आप पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन करते रहें।
  • आप मानसून में कॉटन के कपड़े पहनें। कॉटन से हवा शरीर तक पहुंच पाती है ज‍िससे आपको ज्‍यादा पसीना नहीं आता।
  • ज्‍यादा तला-भुना खाना न खाएं। मानसून सीजन में आपको ताजा और पका हुआ खाना खाएं। सही डाइट लेने से आपको मानसून परेशान नहीं करेगा।   
  • मानसून सीजन में शरीर को ठंडा रखने के ल‍िए आप पानी के साथ-साथ नार‍ियल पानी, छाछ, फ्रेश जूस आद‍ि का सेवन भी कर सकते हैं। 

इन ट‍िप्‍स को फॉलो करके आप मानसून सीजन में खुद को उमस और गर्मी से बचा पाएंगे और अपनी सेहत को हेल्‍दी रख सकेंगे।        

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