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कॉर्नियल अल्सर (corneal ulcer) कैसे होता है? जानें बचाव के उपाय

कॉर्न‍ियल अल्‍सर कैसे होता है? जानें इसके कारण और बचाव के उपाय 

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: May 13, 2022Updated at: May 13, 2022
कॉर्नियल अल्सर (corneal ulcer) कैसे होता है? जानें बचाव के उपाय

कई कारण हैं ज‍िनके वजह से कॉर्न‍ियल अल्‍सर की समस्‍या होती है। लंबे समय तक कॉन्‍टेक्‍ट लेंस पहनना, ड्राय आई की समस्‍या या अन्‍य इंफेक्‍शन के चलते कॉर्न‍िया में अल्‍सर हो जाता है। अगर आपको कॉर्न‍िया में सफेद या भूरे रंग का धब्‍बा नजर आ रहा है, पलकें सूजी हुई हैं, आंख में ज्‍यादा पानी आ रहा है, रेडनेस की समस्‍या है, आंख की दृष्‍ट‍ि धुधंली हो रही है तो हो सकता है आपको कॉर्न‍ियल अल्‍सर हुआ हो। कॉर्न‍ियल अल्‍सर दर्दनाक हो सकता है इसल‍िए इसका जल्‍द से जल्‍द इलाज जरूरी होता है। इस लेख में हम कॉर्न‍ियल अल्‍सर के कारण और  बचाव के उपाय पर बात करेंगे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के केयर इंस्‍टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फ‍िजिश‍ियन डॉ सीमा यादव से बात की। 

corneal ulcer

कॉर्नियल अल्सर क्या है? (Corneal ulcer kya hai)

कॉर्न‍िया यानी पुतली और आइर‍िस को ढकने वाली आंख की सबसे बाहरी परत होती है। आंख में कॉर्न‍ि‍या के जरिए रौशनी आंख के अंदर आती है। कॉर्न‍िया, आंसु की परत को सुरक्ष‍ित रखता है ज‍िससे बाहरी कण और इंफेक्‍शन आंख के अंदर न आएं। आंख के इस ह‍ि‍स्‍से में होने वाले अल्‍सर को कॉर्न‍ियल अल्‍सर के नाम से जाना जाता है। कॉर्न‍ियल अल्‍सर होने पर पलकों में सूजन, आंसू, रौशनी न देख पाने की समस्‍या आती है। आपकी आंख लाल हो सकती है और धुंधली दृष्टि जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।

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कॉर्न‍ियल अल्‍सर कैसे होता है? 

  • कॉर्न‍ियल अल्‍सर की बात करें जो लोग कॉन्‍टेक्‍ट लेंस का इस्‍तेमाल ज्‍यादा करते हैं उन्‍हें कॉर्न‍ियल अल्‍सर होने की संभावना ज्‍यादा होती है।
  • कॉन्‍टेक्‍ट लेंस को रगड़ने या गंदे होने के कारण भी ऐसा होता है।
  • ज‍िन लोगों को पुरानी चोट होती है उनमें भी कॉर्न‍ियल अल्‍सर की समस्‍या हो सकती है, इसल‍िए चोट लगने पर आप खुद से इलाज करने से बचें और न ही आंख में क‍िसी तरह के घरेलू उपाय को आजमाएं।  
  • ज्‍यादा खरोंच लगने से स्‍क‍िन का एक ह‍िस्‍सा कमजोर होकर टूट जाता है ज‍िससे बैक्‍टीर‍िया स्‍क‍िन में हमला कर देते हैं और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
  • जो लोग कॉन्‍टेक्‍ट लेंस को साफ नहीं रखते और गंदे कॉन्‍टेक्‍ट लेंस का इस्‍तेमाल करते हैं उनमें संक्रमण या अल्‍सर होने का खतरा ज्‍यादा होता है।   
  • बैक्‍टीर‍ियल, फंगल इंफेक्‍शन या एलर्जी के कारण भी कॉर्न‍ियल अल्‍सर होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • सूखी आंख यानी ड्राय आई के कारण कॉर्न‍ियल अल्‍सर का खतरा बढ़ता है।
  • वीक इम्‍यून‍िटी के कारण, पैरास‍िट‍िक इंफेक्‍शन के कारण या अन्‍य क‍िसी समस्‍या के चलते कॉर्न‍ियल अल्‍सर की समस्‍या हो सकती है। 

कॉर्न‍ियल अल्‍सर के बुरे प्रभाव

ulcer treatment

कॉर्न‍ियल अल्‍सर होने पर आपको न‍िम्‍न परेशान‍ियां हो सकती हैं- 

  • कॉर्न‍ियल अल्‍सर के कारण पलकों को पूरी तरह से बंद करने में परेशानी हो सकती है।
  • आंख में तेज दर्द या खुजली हो सकती है जो आपके काम को बाध‍ित करेगी।
  • आपको आंख से साफ देखने में परेशानी हो सकती है ज‍िसके कारण आपका काम प्रभाव‍ित होगा।
  • आपको आंख में गंभीर इंफेक्‍शन हो सकता है।

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कॉर्न‍ियल अल्‍सर से कैसे बचें? (How to prevent corneal ulcer)

कॉर्न‍ियल अल्‍सर, आंख के ल‍िए एक अच्‍छी स्‍थ‍ित‍ि नहीं है, आपको इससे बचाव के उपाय जानने चाह‍िए। कॉर्नियल अल्सर की समस्‍या से बचने के ल‍िए न‍िम्‍न उपाय अपना सकते हैं- 

  • सोते समय आपको लेंस पहनना अवॉइड करना चाह‍िए।
  • आपको कॉन्‍टेक्‍ट लेंस पहनने से पहले और न‍िकालने के बाद उसे साफ करना चाह‍िए।
  • आंखों को हाथ लगाने से बचें और अगर हाथ लगाने की जरूरत पड़ती है तो पहले आंखों को अच्‍छी तरह से साफ कर लें।
  • आंख में कुछ भी चले जाने की स्‍थि‍त‍ि में तुरंत आंख को अच्‍छी तरह से धो लें। 

कॉर्न‍ियल अल्‍सर के लक्षण नजर आने पर आप डॉक्‍टर से जांच करवाएं, डॉक्‍टर फ्लोरस‍िन आई स्‍टेन टेस्‍ट के जर‍िए आपकी आंखों को चेक कर सकते हैं।   

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