Vitamin D in Winter: सर्दियां आने के साथ शरीर में विटामिन डी कमी बढ़ने लगती है। इस वजह से लोग इस मौसम में शरीर दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव और सुस्ती का ज्यादा शिकार रहते हैं। इतना ही नहीं, विटामिन डी की कमी से शरीर की इम्यूनिटी भी कमजोर हो जाती है जिससे इस मौसम में हम बार-बार सर्दी-जुकाम के शिकार हो जाते हैं। इसके अलावा इस मौसम में विटामिन डी की कमी से डिप्रेसिंग ख्याल भी ज्यादा आते हैं इसलिए इस मौसम में विटामिन डी को सही मात्रा में लेना जरूरी हो जाता है। सवाल ये है कि इस मौसम में बिना धूप शरीर विटामिन डी कैसे बनाता है? जानते हैं इस बारे में Dr. Pooja Pillai, Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bangalore से।
बिना धूप शरीर कैसे बनाता है विटामिन डी-How to Get Vitamin D without Sun?
Dr. Pooja Pillai बताती हैं कि शरीर मुख्य रूप से सूरज की रोशनी से विटामिन डी बनाता है इसलिए सर्दियों में जब सूरज की रोशनी कम होती है तो यह मुश्किल हो जाता है। सर्दियों में, छोटे दिन, ठंडा मौसम और घर के अंदर रहने से सूरज की रोशनी कम मिलती है। इस वजह से, शरीर अपने आप बहुत कम विटामिन डी बनाता है। पर्याप्त धूप न मिलने पर, शरीर धूप वाले महीनों से पहले से जमा किए गए विटामिन डी पर अधिक निर्भर करता है। डॉक्टर बताते हैं कि यह जमा विटामिन डी शरीर की चर्बी में जमा रहता है और जरूरत पड़ने पर धीरे-धीरे निकलता है।

इसे भी पढ़ें: विटामिन डी की कमी या खराब डाइट, Winter Fatigue का क्या है असली कारण? जानें डॉक्टर से
शरीर की चर्बी से कैसे बनता है विटामिन डी-How is vitamin D made from body fat?
- NIH की रिपोर्ट का हवाला देते हुए एक्सपर्ट कहती हैं कि विटामिन डी सीधे शरीर की चर्बी से नहीं बनता लेकिन फैट टिशूज के ऑक्सीडेशन प्रोसेस से बनता है। होता ये है कि
- जब आपका शरीर सूरज की रोशनी के संपर्क में आता है तो शरीर में जमा कोलेस्ट्रॉल को तोड़कर विटामिन डी बनाता है।
- शरीर जरूरत अनुसार इस संग्रहित विटामिन डी कोलेकैल्सीफेरोल (cholecalciferol) को मुक्त करता है और फिर यह लिवर और गुर्दे में जाकर अपने सक्रिय हार्मोनल रूप, कैल्सिट्रिओल में परिवर्तित हो जाता है, जो कैल्शियम और फास्फोरस को नियंत्रित करता है।
जब सूर्य की यूवी किरणें आपकी त्वचा पर पड़ती हैं, तो 7-डीहाइड्रोकोलेस्ट्रॉल नामक कोलेस्ट्रॉल प्री विटामिन डी3 (Pre Vitamin-d) में परिवर्तित हो जाती हैं। इस प्रकार से शरीर विटामिन डी बनाकर सर्दियों में अपना काम चलाता है।
इसे भी पढ़ें: इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए विटामिन D क्यों जरूरी है? डॉक्टर से जानें
इन फूड्स के जरिए शरीर लेता है विटामिन डी-Body gets Vitamin D through these Foods
आगे डॉक्टर पिल्लई बताती हैं कि शरीर सर्दियों में भोजन और सप्लीमेंट्स (vitamin d foods and suppliments) से भी विटामिन डी प्राप्त कर सकता है। अंडे की जर्दी, हेल्दी फैटी फिश, फोर्टिफाइड दूध और अनाज जैसे खाद्य पदार्थ विटामिन डी का स्तर बनाए रखने में मदद करते हैं। डॉक्टर अक्सर सर्दियों में विटामिन डी सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देते हैं, खासकर बुजुर्गों, सांवली त्वचा वाले लोगों और घर के अंदर रहने वालों के लिए।
हालांकि, अगर आपको अपने शरीर में विटामिन डी की कमी के लक्षण नजर आ रहे हैं तो विटामिन डी की कमी को चेक करने के लिए टेस्ट करवाएं। डॉक्टर याद दिलाते हैं कि विटामिन डी मजबूत हड्डियों, इम्यूनिटी बढ़ाने और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है इसलिए सर्दियों में इसका उचित स्तर बनाए रखना बहुत जरूरी है। हालांकि, बहुत से लोग विटामिन डी की कमी को नजरअंदाज कर देते हैं जो कि आगे चलकर सेहत से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं।
FAQ
क्या विटामिन डी प्लांटर फैसीसाइटिस में मदद करता है?
सर्दियों में लोगों को प्लांटर फैसीसाइटिस यानी एड़ी में दर्द की समस्या ज्यादा परेशान करती है, ये विटामिन डी की कमी से जुड़ा हुआ हो सकता है। ऐसे में आपको इसके सेवन पर ध्यान देना चाहिए।क्या शरीर बाद में उपयोग के लिए विटामिन डी स्टोर करता है?
जी हां, शरीर आगे के लिए विटामिन डी को लंबे समय तक स्टोर करके रखता है। ये स्टोरेज कुछ और नहीं बल्कि हमारा कोलेस्ट्रॉल ही है जिससे शरीर विटामिन डी बनाता है।विटामिन डी की कमी से क्या दिक्कत आती है?
विटामिन डी की कमी से सबसे पहले इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है। दूसरा, मांसपेशियों में दर्द बढ़ता है और तीसरा ये कमजोरी और थकान की वजह बन सकता है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jan 14, 2026 13:20 IST
Modified By : Pallavi Kumari Jan 14, 2026 13:20 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr. Pooja Pillai