Tue Oct 27, 2026 | 06:06 PM IST

Medically Reviewed by Prof Dr S M Fayaz

पूरे शरीर में झनझनाहट क्यों होती है? डॉक्टर से जानें इसके कारण और कब हो सकती है चिंता की बात

पूरे शरीर में झनझनाहट विटामिन की कमी, नसों की समस्या या दूसरी सेहत से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकती है। यहां डॉक्टर से जानिए, ऐसा क्यों होता है, घर पर क्या कर सकते हैं और कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?
पूरे शरीर में झनझनाहट क्यों होती है? डॉक्टर से जानें इसके कारण और कब हो सकती है चिंता की बातपूरे शरीर में झनझनाहट क्यों होती है? डॉक्टर से जानें इसके कारण और कब हो सकती है चिंता की बात

शरीर में अचानक झनझनाहट महसूस होना एक आम समस्या है। कई बार हाथ-पैर सुन्न पड़ने, शरीर में सुई चुभने जैसा महसूस होने या चींटियां चलने जैसी महसूस होता है। कुछ लोगों को यह परेशानी लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने या सोने के बाद होती है, जबकि कुछ लोगों को बिना किसी किसी खास कारण के पूरे शरीर में झनझनाहट महसूस होने लगती है। KIMS हॉस्पिटल्स, महादेवपुरा बेंगलुरु के लीड और सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज के अनुसार, शरीर में झनझनाहट के पीछे नसों पर दबाव, विटामिन की कमी, ब्लड शुगर में बदलाव, तनाव या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं जिम्मेदार हो सकती हैं। हालांकि, केवल झनझनाहट के आधार पर किसी बीमारी का पता नहीं लगाया जा सकता है, इसके साथ दिखाई देने वाले लक्षणों को समझना भी जरूरी है।

पूरे शरीर में झनझनाहट के कारण

डॉ. एस.एम. फयाज के अनुसार, शरीर में झनझनाहट को मेडिकल भाषा में पैरेस्थीसिया (Paresthesia) कहा जाता है। यह समस्या तब हो सकती है, जब नसों के सिग्नल के नॉर्मल तरीके से पहुंचने में रुकावट आती है। कई बार लंबे समय तक एक ही पोजीशन में बैठने से नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे हाथ-पैरों में झनझनाहट महसूस होती है। आमतौर पर स्थिति बदलने पर यह ठीक हो जाती है।

  • इसके अलावा, विटामिन B12 की कमी भी झनझनाहट का कारण बन सकती है।
  • यह विटामिन नसों के कामकाज के लिए जरूरी है। इसकी कमी होने पर हाथ-पैरों में सुन्नपन, कमजोरी और चलने में बैलेंस बनाने में परेशानी हो सकती है।
  • डायबिटीज के कारण नसों को नुकसान पहुंचने पर भी झनझनाहट महसूस हो सकती है।
  • तनाव और घबराहट के दौरान भी शरीर में झनझनाहट महसूस हो सकती है।
  • तेज सांस लेने के कारण इस दौरान शरीर में कार्बन डाइऑक्साइड का लेवल बदलने से हाथों, पैरों और मुंह के आस-पास झनझनाहट महसूस हो सकती है।
  • हालांकि, हर बार झनझनाहट को तनाव से जोड़ना सही नहीं है। यदि यह समस्या बार-बार होती है, लंबे समय तक बनी रहती है या इसके साथ कमजोरी और सुन्नपन भी महसूस होता है, तो डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।

साल 2012 में Paresthesia Book में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, पैरिसथीसिया यानी सुन्नपन या झुनझुनी होना एक आम समस्या है जो शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है। इसे मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है, कुछ समय के लिए होने वाली (Transient) और लंबे समय तक रहने वाली (Chronic) समस्याएं। थोड़ी देर के लिए होने वाली सुन्नपन आमतौर पर नस पर दबाव पड़ने, गर्दन में चोट या ज्यादा तेजी से सांस लेने (hyperventilation) की वजह से होती है और दबाव हटने पर यह खुद ठीक हो जाती है। इस बारे में सही जानकारी होने से इस स्थिति को आसानी से समझा जा सकता है।

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शरीर में झनझनाहट होने पर घर पर क्या कर सकते हैं?

डॉ. एस.एम. फयाज का कहना है कि अगर लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने या सोने के कारण झनझनाहट हो रही है, तो धीरे-धीरे अपनी स्थिति बदलें और कुछ देर हल्की एक्टिविटी जैसे कि वॉक करें। लगातार एक ही पोजिशन में बैठने से बचें और बीच-बीच में उठकर चलें। पर्याप्त पानी पिएं और बैलेंस डाइट लें, जिसमें हरी सब्जियां, फल, दालें, दूध या अन्य पौष्टिक फूड्स शामिल हों।

अगर तनाव के दौरान झनझनाहट महसूस होती है, तो शांत जगह पर बैठकर धीरे-धीरे और नॉर्मल स्पीड से सांस लेने की कोशिश करें। बहुत तेजी से या जबरदस्ती गहरी सांसें न लें। पर्याप्त नींद लेना और नियमित फिजिकल एक्टिविटी भी सेहत के लिए फायदेमंद है। ध्यान रखें कि घरेलू उपाय केवल हल्की और अस्थायी झनझनाहट में मदद कर सकते हैं। बिना जांच के विटामिन की गोलियां या अन्य दवाएं शुरू न करें। यदि झनझनाहट बार-बार हो रही है, तो इसके कारण का पता लगाना जरूरी है।

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पूरे शरीर में झनझनाहट होने पर कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

डॉ. एस.एम. फयाज सलाह देते हैं कि यदि शरीर में झनझनाहट लगातार बनी रहती है, बार-बार होती है, धीरे-धीरे बढ़ रही है या इसके साथ दर्द, मसल्स में कमजोरी और चलने में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लें। डॉक्टर लक्षणों के आधार पर ब्लड शुगर, विटामिन B12 या अन्य जरूरी जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।

कुछ लक्षणों में तुरंत मेडिकल हेल्प लेना जरूरी है। यदि अचानक शरीर के एक तरफ झनझनाहट या सुन्नपन के साथ हाथ-पैर में कमजोरी, चेहरा टेढ़ा होना, बोलने या देखने में परेशानी या बैलेंस बिगड़ने लगे, तो यह स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत इमरजेंसी मदद लें।

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निष्कर्ष

पूरे शरीर में झनझनाहट होने के पीछे नसों पर दबाव, विटामिन B12 की कमी, डायबिटीज, तनाव या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। कभी-कभी यह परेशानी अस्थायी होती है, लेकिन बार-बार होने वाली या लगातार बनी रहने वाली झनझनाहट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लें और उनकी सलाह के अनुसार चेकअप व इलाज करवाएं। अचानक झनझनाहट के साथ कमजोरी, बोलने में परेशानी या शरीर के एक तरफ सुन्नपन होने पर तुरंत इमरजेंसी मदद लेना सबसे जरूरी है।

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FAQ

  • क्या सुबह उठते ही हाथ-पैरों में झनझनाहट होना सामान्य है?

    सोते समय शरीर की स्थिति के कारण नसों पर दबाव पड़ने से ऐसा हो सकता है लेकिन अगर यह रोज हो या लंबे समय तक बना रहे, तो डॉक्टर से सलाह लें।
  • क्या शरीर में झनझनाहट होने पर मालिश करना फायदेमंद है?

    हल्की मालिश से कुछ स्थितियों में आराम मिल सकता है, लेकिन यह हर कारण का इलाज नहीं है। सुन्नपन या कमजोरी होने पर जोर से मालिश करने से बचें।
  • शरीर में झनझनाहट होने पर किस डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

    शुरुआत में जनरल फिजिशियन से सलाह ले सकते हैं। जरूरत पड़ने पर वे न्यूरोलॉजिस्ट के पास भेज सकते हैं।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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