Fri Nov 6, 2026 | 07:28 PM IST

Medically Reviewed by Dr Kamalesh A , Senior Consultant Physician - Internal Medicine

भाई दूज पर दें सेहत का तोहफा: जानें क्यों जरूरी है भाई-बहन का मेडिकल हिस्ट्री शेयर करना

भाई दूज पर भाई-बहन एक-दूसरे की लंबी उम्र और अच्छी सेहत की कामना करते हैं। इस मौके पर एक-दूसरे के साथ मेडिकल हिस्ट्री साझा करना भी सेहत के लिए एक अच्छा उपहार हो सकता है। जानें इसकी अहम‍ियत।
भाई दूज पर दें सेहत का तोहफा: जानें क्यों जरूरी है भाई-बहन का मेडिकल हिस्ट्री शेयर करनाभाई दूज पर दें सेहत का तोहफा: जानें क्यों जरूरी है भाई-बहन का मेडिकल हिस्ट्री शेयर करना

परिवार में भाई-बहन का रिश्ता केवल भाई दूज और रक्षाबंधन तक सीमि‍त नहीं है। यह र‍िश्‍ता एक-दूसरे की सेहत का ख्याल रखने से भी जुड़ा है। अक्सर जब घरों में किसी सदस्य को डायबिटीज, कैंसर जैसी गंभीर बीमार‍ियां होती हैं, तो हम उसकी देखभाल, तो करते हैं, लेक‍िन यह भूल जाते हैं क‍ि भव‍िष्‍य में उसी पर‍िवार के क‍िसी अन्‍य सदस्‍य को भी यह बीमारी हो सकती है। खासकर भाई-बहन के बीच अपनी मेडिकल हिस्ट्री शेयर करना अच्‍छे स्वास्थ्य के ल‍िए जरूरी है। आइए जानते हैं क‍ि भाई-बहन के बीच मेडिकल हिस्ट्री शेयर आख‍िर क्‍यों जरूरी है? बेहतर जानकारी के लि‍ए Dr. Kamalesh A, Senior Consultant Physician At Yashoda Hospitals, Hyderabad से बात की।

MedlinePlus के मुताब‍िक, परिवार की मेडिकल हिस्ट्री से उन लोगों की पहचान करने में मदद मिलती है, जिन्हें एक से अध‍िक बीमार‍ियों का खतरा हो सकता है। इनमें हार्ट ड‍िजीज, हाई बीपी, स्ट्रोक, कुछ प्रकार के कैंसर और टाइप 2 डायबिटीज शामिल हैं। पर‍िवार में मौजूद क्रॉन‍िक बीमार‍ियों से बचने के ल‍िए स्वस्थ खानपान अपनाएं, नियमित एक्सरसाइज करें और धूम्रपान छोड़ दें।

भाई-बहन को एक-दूसरे की मेड‍िकल ह‍िस्‍ट्री जानना क्‍यों जरूरी है?

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भाई-बहन अपने माता-पिता से मिले कई समान जीन साझा करते हैं। इसके अलावा, एक ही परिवार में खानपान, रहन-सहन और पर्यावरण से जुड़ी आदतें भी काफी हद तक समान होती हैं। ऐसे में अगर किसी भाई या बहन को कोई बीमारी है, तो दूसरे भाई-बहन के लिए भी इसकी जानकारी रखना जरूरी हो जाता है।

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भाई दूज पर स्वास्थ्य का उपहार: मेडिकल हिस्ट्री साझा करने का महत्व

  • परिवार में किसी सदस्य को डायबिटीज, हाई बीपी, हार्ट ड‍िजीज या कैंसर जैसी बीमारी होने पर दूसरे सदस्यों को भी इसके खतरे की जानकारी होनी चाहिए।
  • इससे वे समय पर जरूरी जांच करा सकते हैं और डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।
  • मेडिकल हिस्ट्री जानने से भाई-बहन खानपान, एक्‍सरसाइज और नियमित हेल्थ चेकअप पर गौर कर सकते हैं।
  • अगर किसी भाई या बहन को कम उम्र में कैंसर का पता चलता है या परिवार में कई लोगों को एक ही तरह का कैंसर हो चुका है, तो यह जानकारी दूसरे भाई-बहनों के लिए अहम हो सकती है।

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क्या भाई-बहन को एक जैसी बीमार‍ियां हो सकती हैं?

  • इस सवाल के तीन जवाब हैं। पहला जवाब हैं क‍ि ऐसा जरूरी नहीं है। भाई को कोई बीमारी होने का मतलब यह नहीं है कि बहन को भी वह बीमारी होगी।
  • वहीं, दूसरा जवाब है क‍ि ऐसा भी हो सकता है क‍ि भाई-बहन और पर‍िवार में किसी बीमारी का इतिहास नहीं होने के बावजूद भी व्यक्ति को वह बीमारी हो सकती है।
  • साथ ही, तीसरा जवाब है क‍ि भाई और बहन दोनों को एक जैसी बीमार‍ियां हो सकती हैं।
  • इसलिए केवल मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर बीमारी होने की पुष्‍ट‍ि नहीं की जा सकती है।

जेनेटिक बीमारियों को समझने के लिए पारिवार की मेड‍िकल ह‍िस्‍ट्री जानना क्यों जरूरी है?

  • जेनेटिक बीमारियां माता-पिता से बच्चों में जीन के जर‍िए पहुंच सकती हैं।
  • सगे भाई-बहन अपने करीब 50 प्रतिशत जीन साझा करते हैं। इसलिए अगर किसी भाई या बहन को एनीमिया या कोई दूसरी आनुवंशिक बीमारी है, तो दूसरे भाई-बहनों के लिए इसकी जानकारी जरूरी हो सकती है।
  • परिवार में बीमारी का इतिहास जानने से डॉक्टर खतरे का आंकलन कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर जेनेटिक टेस्टिंग या काउंसलिंग की सलाह दे सकते हैं। हालांकि, परिवार में किसी बीमारी का होना यह साबित नहीं करता कि दूसरे सदस्यों को भी वह बीमारी होगी।

भाई-बहन एक-दूसरे की मेडिकल हिस्ट्री कैसे तैयार करें?

भाई-बहन मिलकर अपनी मेडिकल हिस्ट्री तैयार करने के लिए परिवार में होने वाली पुरानी और मौजूदा बीमारियों की जानकारी इकट्ठा कर सकते हैं। इसके लिए-

  • एक-दूसरे से डायबिटीज, हाई बीपी, थायराइड, हार्ट ड‍िजीज, कैंसर और आनुवंशिक बीमारियों के बारे में पूछें।
  • बीमारी किस उम्र में हुई, इसका भी रिकॉर्ड रखें।
  • इसके अलावा, पुरानी सर्जरी, अस्पताल में भर्ती होने, दवाओं से एलर्जी और जेनेटिक टेस्ट की रिपोर्ट भी शामिल करें। माता-पिता और दादा-दादी की मेडिकल हिस्ट्री भी इसमें जोड़ें।
  • इस जानकारी को डिजिटल फाइल या मेडिकल रिकॉर्ड में सुरक्षित रखकर जरूरत पड़ने पर डॉक्टर के साथ शेयर करें।

न‍िष्‍कर्ष:

डायबिटीज, हाई बीपी, हार्ट ड‍िजीज, स्ट्रोक और कुछ तरह के कैंसर जैसी बीमारियां परिवार में पहले से मौजूद हो सकती हैं। ऐसे में भाई-बहन के ल‍िए एक-दूसरे की मेड‍िकल ह‍िस्‍ट्री जानना अहम हो सकता है। माता-पिता, भाई-बहन पर‍िवार के अन्‍य करीबी सदस्‍य को हुई बीमारियों की जानकारी होने से डॉक्टर बीमारी के खतरे का बेहतर आंकलन कर सकते हैं। हालांक‍ि, यह जरूरी नहीं है क‍ि परिवार में किसी बीमारी का इतिहास होने का मतलब यह नहीं है कि दूसरे सदस्यों को भी वह बीमारी जरूर होगी। बल्कि, इसकी जानकारी मिलने से बीमार‍ियों से बचाव हो सकता है।

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FAQ

  • क्या परिवार में कैंसर होने पर मुझे भी कैंसर हो सकता है?

    परिवार में कैंसर का इतिहास होने से कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा हो सकता है। खासकर ब्रेस्ट, ओवेरियन, कोलन और प्रोस्टेट कैंसर में आनुवंशिक कारण हो सकते हैं। हालांकि, हर कैंसर आनुवंशिक नहीं होता।
  • परिवार में हाई बीपी होने पर क्या सावधानी रखें?

    अगर माता-पिता या भाई-बहन को हाई बीपी है, तो नियमित रूप से अपना बीपी चेक कराएं। नमक का सेवन सीमित करें, वजन कंट्रोल करें और पर्याप्‍त नींद लें। 

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    Nov 06, 2026 18:41 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Kamalesh A