Fri Sep 11, 2026 | 09:13 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

थायराइड में वजन कम करना क्यों होता है मुश्किल? डॉक्टर से जानें कारण

थायराइड या हाइपोथायरायडिज्म में वजन कम करना इसलिए मुश्किल होता है क्योंकि इस स्थिति में थायराइड ग्लैंड पर्याप्त हार्मोन नहीं बना पाता है, जिससे शरीर का बेसल मेटाबोलिक रेट काफी धीमा हो जाता है, जो वजन को कम होने से बाधा डालता है। 

थायराइड की समस्या में हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism) से पीड़ित मरीजों में सबसे आम समस्या वजन को कम करना है। अक्सर थायराइड के मरीज वजन कम करने के लिए कम खाना और एक्सरसाइज करने जैसी आदतें अपनाने लगते हैं, लेकिन इसके बाद भी उनके लिए वजन कम करना मुश्किल हो जाता है। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida का कहना है कि हाइपोथायराइडिज्म में वजन बढ़ना शरीर के अंदर होने वाले हार्मोनल और मेटाबोलिक बदलावों के कारण है। आइए इस लेख में जानते हैं कि थायराइड में वजन कम करना मुश्किल क्यों हो जाता है?

थायराइड के साथ वजन कम करना क्यों मुश्किल है?

साल 2025 में Annals of Medicine and Surgery में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, थायराइड के कारण वजन कम करना मुश्किल हो जाता है क्योंकि थायराइड हार्मोन (T3 और T4) हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा व्यय और वजन के संतुलन को कंट्रोल करते हैं। जब कोई व्यक्ति वजन कम करने के लिए भोजन में कैलोरी कम करता है तोशरीर में लेप्टिन का लेवल कम होने से एक्टिव थायराइड हार्मोन यानी फ्री T3 और TSH का लेवल घटने लगता है, जिससे वजन कम करना मुश्किल हो जाता है।

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि थायराइड में वजन कम करना इन कारणों से मुश्किल हो सकता है:

1. मेटाबॉलिज्म का धीमा पड़ना

थायराइड ग्लैंड द्वारा बनाए जाने वाले हार्मोन्स आपके शरीर को कंट्रोल करने का काम करते हैं। यह हार्मोन तय करते हैं कि आपका शरीर खाने से मिलने वाली कैलोरी को कितनी तेजी से एनर्जी में बदलेगा।
जब थायराइड हार्मोन का लेवल नॉर्मल होता है तो आपका शरीर आराम करने की स्थिति में भी सांस लेने, दिल धड़कने और पाचन प्रक्रिया के लिए अच्छी तरह कैलोरी बर्न करता है।
हाइपोथायराइडिज्म में जब थायराइड हार्मोन कम बनते हैं तो आपका बेसल मेटाबोलिक रेट काफी नीचे गिर जाता है। इस स्थिति में आपका शरीर भोजन को एनर्जी में बदलने के बजाय उसे फैट के रूप में स्टोर करना शुरू कर देता है। ऐसे में आप जितनी कैलोरी खा रहे हैं, आपका शरीर उसे बर्न नहीं कर पाता है।

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2. वॉटर रिटेंशन और नमक का जमाव

हाइपोथायराइडिज्म में शरीर का बढ़ा हुआ वजन सिर्फ फैट नहीं होता है, बल्कि इसका एक बड़ा हिस्सा वॉटर वेट यानी शरीर में ज्यादा पानी और सोडियम का जमा होना होता है।
जब शरीर में T3 और T4 का लेवल कम होता है, तो स्किन और टिश्यू के नीचे ग्लाइकोसामिनोग्लाइकेन्स नाम के कम्पाउंड्स जमा होने लगते हैं। ये कम्पाउंड शरीर में पानी को सोखते हैं। इसके कारण चेहरे पर पफीनेस, पेट का फूलना और हाथ-पैरों व एंकल जॉइंट में सूजन आने लगती है। इस वॉटर रिटेंशन के कारण भी वजन बढ़ा रह सकता है।

3. ज्यादा सुस्ती और थकान

थायराइड में वजन कम करने के लिए एक्सरसाइज करना और एक्टिव रहना बहुत जरूरी है, लेकिन हाइपोथायराइडिज्म के मरीजों में एनर्जी बहुत कम हो जाती है। इसके कारण मरीज हर समय थकान, कमजोरी और सुस्ती महसूस करता है। जब शरीर में एनर्जी ही नहीं होगी तो जिम जाना, वर्कआउट करना या तेज टहलना काफी मुश्किल हो जाता है।

4. इंसुलिन रेजिस्टेंस और क्रेविंग्स

थायराइड हार्मोन का सीधा कनेक्शन आपके शरीर के अन्य हार्मोन्स से भी होता है। जब थायराइड धीमा होता है तो शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस की संभावना बढ़ जाती है। इंसुलिन वह हार्मोन है, जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है। जब सेल्स इंसुलिन का सही तरह से इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं तो शरीर ज्यााद इंसुलिन बनाने लगता है। इसके कारण पेट की चर्बी बहुत ज्यादा बढ़ने लगती है।

इसके अलावा, शरीर जब थकान महसूस करता है तो दिमाग तुरंत एनर्जी चाहता है। इस कारण थायराइड के मरीजों को मीठा, कार्बोहाइड्रेट खाने की क्रेविंग तेज होती है, जिससे वजन और तेजी से बढ़ता है।

5. आंतों की धीमी गति और कब्ज

थायराइड हार्मोन कम होने के कारण पाचन क्रिया बहुत सुस्त हो जाती है और खाना आंतों में लंबे समय तक रहता है। इसके कारण लगातार कब्ज और ब्लोटिंग की समस्या बनी रहती है, जिससे पेट हमेशा फूला हुआ और भारी महसूस होता है।

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थायराइड में वजन कम करने का सही तरीका क्या है?

Dr. Akshay Chugh के अनुसार, हाइपोथायरायडिज्म में वजन घटाना मुश्किल जरूर होता है, लेकिन सही तरीके को अपनाकर वजन कम करने में मदद मिल सकती है। अगर आप सही मेडिकल गाइडेंस और लाइफस्टाइल अपनाते हैं तो वजन आसानी से कम हो सकता है।

1. दवा की सही खुराक

वजन कम करने के लिए जरूरी है कि आप अपने TSH लेवल को नॉर्मल सीमा में लाने के लिए नियमित रूप से थायराइड की दवा लें। सुबह खाली पेट थायराइड की दवा लेने के 1 घंटे बाद ही नाश्ता करें। हर 6 से 8 हफ्ते में ब्लड टेस्ट करवाएं।

2. डाइट में करें बदलाव

थायराइड में बहुत ज्यादा डाइटिंग करने से बचें, क्योंकि इससे मेटाबॉलिज्म और ज्यादा धीमा हो जाता है। थोड़ा-थोड़ा करके दिन में 4 से 5 बार खाएं। अपनी प्लेट में पनीर, दालें, अंडे, ओट्स, टोफू और दही शामिल करें। प्रोटीन खाने पर इसे पचाने में शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे मेटाबॉलिज्म तेज होता है।

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इसके अलावा रिफाइंड कार्ब्स और चीनी पूरी तरह लेना बंद कर दें और दिनभर में कम से कम 3 लीटर पानी पिएं ताकि वॉटर रिटेंशन कम हो और कब्ज से राहत मिल सके।

3. स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें

वेट लॉस करने के लिए सिर्फ कार्डियो या वॉक करने के बजाय हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या योगासन करें। जब शरीर में मांसपेशियां बनती हैं तो वे आराम करने की स्थिति में भी ज्यादा कैलोरी बर्न करती हैं, जिससे मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है।

निष्कर्ष

हाइपोथायराइडिज्म में वजन कम करने की प्रक्रिया आम लोगों की तुलना में थोड़ी धीमी होती है। इसलिए, वजन कम करने में आम लोगों के मुकाबले ज्यादा समय लग सकता है। इसके साथ ही, अपनी दवाइयों से थायराइड के लेवल को संतुलित करना, धैर्य रखना और एक सही रूटीन अपनाना जरूरी है।
Image Credit: Freepik 

FAQ

  • मोटे होने वाले थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए?

    मोटे होने वाले थायराइड में वजन बढ़ना आम बात है, इसलिए ऐसी डाइट से बचना चाहिए, जो मेटाबॉलिज्म को धीमा करते हैं या थायराइड हार्मोन के काम में बाधा डालते हैं।
  • थायराइड में सुबह खाली पेट क्या पीना चाहिए?

    थायराइड में सुबह खाली पेट सबसे पहले सिर्फ आधा या गुनगुना पानी पीना चाहिए, जिसे आप अपनी थायराइड की दवा के साथ ले सकते हैं।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 11, 2026 19:57 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh

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