आर्मपिट यानी कांख में होने वाले दर्द को अक्सर लोग नॉर्मल समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का भी संकेत हो सकता है। कांख में कई लिम्फ नोड्स होती हैं, जो इंफेक्शन या सूजन को लेकर सेंसिटिव होती हैं। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida का कहना है कि कांख में दर्द होना एक आम समस्या है और इसके पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जिनमें ज्यादातर वजहें बहुत ही सामान्य होती हैं। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि कांख में दर्द क्यों हो सकता है?
कांख में दर्द होने के कारण
कांख में दर्द के कारण कई हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं-
1. सूजे हुए लिम्फ नोड्स
कांख में दर्द का सबसे आम कारण वहां मौजूद लिम्फ नोड्स में सूजन होना है। जब शरीर के किसी हिस्से में कोई इंफेक्शन जैसे सर्दी-जुकाम, गले का इंफेक्शन या हाथ में कोई चोट या फोड़ा होता है तो हमारी इम्यूनिटी एक्टिव हो जाती है। ऐसी स्थिति में लिम्फ नोड्स बैक्टीरिया या वायरस से लड़ने के लिए एक्टिव हो जाते हैं, जिससे वे आकार में सूज जाते हैं और छूने पर या हाथ हिलाने पर दर्द है।
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2. मांसपेशियों में खिंचाव या चोट
अगर आपने जिम में बहुत भारी वजन उठा लिया है, कोई नया वर्कआउट करना शुरू किया है या अचानक कंधे और बाजू पर ज्यादा जोर पड़ गया है तो कांख के आस-पास की पेक्टोरल या लेटिसिमस डॉर्सी मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है, जिससे उस जगह पर दर्द होने लगता है।
ResearchGate के अनुसार, पार्सोनेज-टर्नर सिंड्रोम एक दुर्लभ और गंभीर स्थिति है जिसमें अचानक कंधे, बगल और बांह में तेज दर्द होता है तथा उसके बाद मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है।
3. स्किन इंफेक्शन और बाल तोड़
कांख की स्किन बहुत सेंसिटिव होती है और वहां पसीना भी ज्यादा आता है। शेविंग या वैक्सिंग के दौरान गलत इस्तेमाल करने से बाल अंदर की तरफ बढ़ने लगते हैं, जिससे छोटे फोड़े-फुंसी या सिस्ट बन जाते हैं, जो काफी दर्दनाक हो सकते हैं। यह पसीने की ग्रंथियों का एक क्रॉनिक इंफेक्शन है, जिसमें कांख में बार-बार गांठें और फोड़े होने लगते हैं।
4. डिओडोरेंट या सोप से एलर्जी
कई बार हम जो डियोडोरेंट, एंटीपर्सपिरेंट या साबुन का इस्तेमाल करते हैं, उसके केमिकल्स से कांख की स्किन पर एलर्जी या रैशेज हो जाते हैं। इससे स्किन लाल हो जाती है, उसमें खुजली होती है और जलन या दर्द महसूस हो सकता है।
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5. नसों पर प्रेशर
गर्दन या कंधे की किसी नस पर प्रेशर पड़ने के कारण भी दर्द का अहसास कांख या पूरे हाथ में नीचे की तरफ आ सकता है। इसके कारण कांख में हल्के से लेकर तेज दर्द हो सकता है।
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डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
ज्यादातर मामलों में कांख का दर्द कुछ दिनों में आराम करने या नॉर्मल केयर से ठीक हो जाता है, लेकिन आपको इन स्थितियों में डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए-
- अगर कांख में कोई सख्त गांठ महसूस हो, जो लंबे समय से बनी हुई है और हिलती नहीं है।
- अगर दर्द के साथ-साथ तेज बुखार, लगातार पसीना आना या शरीर के दूसरे हिस्सों के लिम्फ नोड्स भी सूजे हुए हों।
- अगर हाथ में लगातार सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो।
निष्कर्ष
आर्मपिट का दर्द सिर्फ एक आम शारीरिक समस्या नहीं है, बल्कि यह शरीर के अंदर किसी गंभीर बीमारी का चेतावनी संकेत भी हो सकता है। समय रहते इसके कारणों का पता लगाना और डॉक्टर की सलाह लेना भविष्य में होने वाली समस्याओं के खतरों से बचा सकता है। इसलिए, कांख में होने वाले बार-बार दर्द की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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FAQ
क्या आर्मपिट का दर्द हमेशा कैंसर का संकेत होता है?
नहीं, आर्मपिट का दर्द ज्यादातर मामलों में मांसपेशियों में खिंचाव, शेविंग के दौरान कटने या छोटे-मोटे इंफेक्शन के कारण होता है। हालांकि, लंबे समय तक बना रहने वाला दर्द गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकता है।क्या अंडरआर्म की गांठ हमेशा खतरनाक होती है?
जी नहीं, ज्यादातर गांठें फाइब्रोएडेनोमा, सिस्ट या लिम्फ नोड्स में इंफेक्शन के कारण होती हैं, जो बेनाइन होती हैं, लेकिन इनकी जांच डॉक्टर से जरूर करवानी चाहिए।
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Nov 06, 2026 13:32 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh
