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डिलीवरी के बाद अंडरआर्म्स में बन गई है गांठ, तो इसे कम करने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स

डिलीवरी के बाद कुछ महिलाओं को आर्मपिट (बगल) में गांठ बनती महसूस होती है। आगे जानते हैं इस समस्या से बचने के उपाय

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डिलीवरी के बाद महिलाओं को कई शारीरिक और हार्मोनल बदलावों का सामना करना पड़ता है, जिनमें बगल में गांठ (Armpit Lumps) की समस्या को भी शामिल किया जा सकता है। यह समस्या अक्सर स्तनपान कराने वाली महिलाओं में देखने को मिलती है, लेकिन इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं। बगल में गांठ का होना चिंता का कारण हो सकता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में ये गांठें गंभीर नहीं होती हैं और उचित देखभाल से ठीक हो सकती हैं। इस लेख में यशोदा सुपरस्पेशलिटी अस्पताल की सीनियर गाइनाक्लॉजिस्ट स्नेह सिंह से जानते हैं कि डिलीवरी के बाद बगल में होने वाली गांठ के कारणों और इसे कम करने के उपायों क्या हो सकते (How To Reduce Armpit Lumps After Delivery) हैं? 

डिलीवरी के बाद बगल में गांठ के कारण - Causes Of Armpit Lumps After Delivery in Hindi 

दूध का इकट्ठा होना (मिल्क क्लॉगिंग)

स्तनपान कराने के दौरान कभी-कभी दूध के नलिकाएं (डक्ट्स) बंद हो जाती हैं, जिससे दूध बगल की ओर जमा हो सकता है और गांठ का रूप ले सकता है। इसे मिल्क क्लॉगिंग कहा जाता है। इसमें महिला को दर्द हो सकता है, लेकिन यह आमतौर पर गंभीर नहीं होता है।

फैटी टिश्यू का इकट्ठा होना

कुछ महिलाओं में फैटी टिश्यू का इकट्ठा होना भी गांठ का कारण बन सकता है। यह अक्सर बड़ी समस्या का कारण नहीं होता है, लेकिन कभी-कभी डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक होता है।

Armpit Lumps After Delivery in Hindi

लिम्फ नोड्स की सूजन

लिम्फ नोड्स शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली का हिस्सा होते हैं और संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। डिलीवरी के बाद शरीर में हार्मोनल बदलाव और संक्रमण के कारण लिम्फ नोड्स में सूजन हो सकती है, जिससे बगल में गांठ उत्पन्न हो सकती है।

हार्मोनल बदलाव

डिलीवरी के बाद शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन जैसे हार्मोनों में बदलाव होता है, जिससे स्तनों में सूजन और गांठ बनने की संभावना बढ़ जाती है। यह अक्सर दूध बनने की प्रक्रिया से संबंधित होता है।

बगल में गांठ को कम करने के उपाय - How To Reduce Armpit Lumps After Delivery in Hindi 

गर्म पानी से सिंकाई करें

बगल की गांठ को कम करने के लिए गर्म पानी से सिंकाई एक प्रभावी उपाय हो सकता है। गर्म पानी से प्रभावित स्थान पर धीरे-धीरे सिंकाई करें, जिससे रक्त प्रवाह बढ़ता है और दूध के जमे हुए हिस्से ढीले हो सकते हैं।

मालिश करें

बगल में गांठ होने पर धीरे-धीरे मालिश करना दूध की नलिकाओं को खोलने में मदद करता है। नहाने के दौरान या गर्म पानी की सिंकाई के बाद बगल और स्तन की ओर हल्की मालिश करें, जिससे जमे हुए दूध को बाहर निकालने में मदद मिलेगी।

स्तनपान कराना जारी रखें

यदि गांठ मिल्क क्लॉगिंग के कारण हो रही है, तो स्तनपान जारी रखना बहुत महत्वपूर्ण है। यह दूध की नलिकाओं को खाली करने और गांठ को कम करने में मदद करता है। बच्चे को सही ढंग से स्तनपान कराने की तकनीक सीखें ताकि दूध का प्रवाह बेहतर हो सके।

स्तनपान के बाद स्तनों को खाली करें

स्तनपान के बाद यदि दूध बचा रह जाता है, तो पंप या हाथ से स्तनों को पूरी तरह से खाली करने की कोशिश करें। यह दूध के जमने से बचाएगा और गांठ बनने की संभावना को कम करेगा।

उचित ब्रा पहनें

सही साइज की ब्रा पहनना जरूरी है, ताकि स्तनों को उचित सपोर्ट मिले और दूध की नलिकाएं सही ढंग से काम कर सकें। ज्यादा तंग ब्रा पहनने से दूध की नलिकाएं बंद हो सकती हैं और गांठ बनने की संभावना बढ़ सकती है।

इसे भी पढ़ें: त्वचा में गांठ होने पर बरतें जरूरी सावधान‍ियां, डॉक्‍टर से जानें इस दौरान क्या करें और क्या नहीं

अगर, बगल में गांठ में दर्द हो रहा हौ और वह कुछ दिनों में ठीक न हो, गांठ के साथ बुखार आना, मूवमेंट करने में परेशानी, ब्रेस्टफीडिंग में परेशानी होना आदि स्थिति में आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यदि, घरेलू उपाय से आराम मिलता है तो पहले ऊपर बताए उपायों को अपनाएं। 

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Vikas Arya

Vikas Arya

Chief Sub Editor

विकास आर्य ओनलीमायहेल्थ के संपादकीय विभाग के साथ बतौर मुख्य उप संपादक कार्य कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता क्षेत्र में करीब 10 वर्षों का अनुभव है। विकास ने कई प्रिंट और डिजिटल मीडिया संस्थानों में सेवाएं दी हैं। इन्हें खबरों के साथ विभिन्न विषयों पर फीचर लेखन और संपादकीय कार्य करना पसंद है। ये संपादकीय कार्यों में उच्च गुणवत्ता, विश्वसनीयता और प्रासंगिक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना अपना लक्ष्य समझते हैं।

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  • Current Version

    Oct 18, 2024 17:18 IST

    Modified By : Vikas Arya
  • Oct 18, 2024 17:18 IST

    Published By : Vikas Arya

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