Fri Sep 11, 2026 | 07:35 PM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

नारियल तेल या एलोवेरा जेल: अंडर आर्म्स में हुए दानों के लिए क्या बेहतर है? जानें एक्सपर्ट से

Underarms Ke Pimple Kaise Hataye: मौसम बदलते ही पसीना और अंडरआर्म्स में दाने की समस्या उभरने लगेगी। इनसे छुटकारा पाने के लिए नारियल तेल लगाएं या एलोवेरा जेल? जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।

 

Underarm Pimple: जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जाती है, हमारे शरीर में पसीने आने की फ्रिक्वेंसी बढ़ जाती है। खासकर, जो हिस्से ढके रहते हैं, जैसे अंडरआर्म्स में पसीना अधिक आता है। इन हिस्सों में हवा भी नहीं लगती है और पसीना भी आसानी से नहीं सूखता है। यही कारण है कि अंडरआर्म्स में आसानी से दाने हो जाते हैं। कुछ दाने न सिर्फ रेड होते हैं, बल्कि उनमें दर्द भी होता है। जाहिर है इस तरह की स्थिति काफी परेशान और असहज करने वाली होती है। कई लोग इससे छुटकारा पाने के लिए नारियल तेल यूज करते हैं, तो कुछ लोग एलोवेरा जेल। इस लेख में हम जानेंगे कि अंडरआर्म्स में हुए दानों से छुटकारा पाने के लिए बेहतर क्या है? इस बारे में जानने के लिए हमने राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से बात की।

अंडरआर्म्स के लिए नारियल तेल के फायदे

coconut oil or aloe vera gel which is good for underarm pimple 01 (13)

एंटीफंगल प्रॉपर्टी से भरपूरः गर्मियों में अंडरआर्म्स को मॉइस्चराइज करने की जरूरत होती है। इसके लिए नारियल तेल एक अच्छा विकल्प है। इसमें लॉरिक एसिड होता है, जो एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल होता है। इसके साथ-साथ अंडरआर्म्स के लिए मॉइस्चराइजिंग इमोलिएंट के तौर पर भी काम करता है।

खुजली से बचावः अंडरआर्म्स में पिंपल होने पर खुजली की समस्या होने लगती है। ऐसे में अगर नियमित रूप से नारियल तेल का उपयोग किया जाए, तो मॉइस्चराइजिंग इफेक्ट अंडरआर्म्स की खुजली, ड्राईनेस जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है। यहां तक कि अंडरआर्म्स क्लीन करने के बाद भी नारियल तेल यूज किया जा सकता है।

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अंडरआर्म्स के लिए एलोवेरा जेल के फायदे

एंटीमाइक्रोबियल कंपाउंडः एलोवेरा जेल में एलोइनमोडिन और एसीमैनन जैसे एंटीमाइक्रोबियल कंपाउंड पाया जाता है। अंडरआर्म्स में एलोवेरा जेल लगाने पर इसमें मौजूद कंपाउंड बैक्टीरिया की कोशिका की दीवारों में घुसकर उनके काम में रुकावट डालते हैं और एक्ने या पिंपल को होने से रोकते हैं।

रेडनेस में कमीः अंडरआर्म्स में हो रहे दाने अक्सर लाल और दर्द भरे होते हैं। इससे रोजमर्रा के कामकाज भी प्रभावित होने लगते हैं। वहीं, जब आप अंडरआर्म्स में एलोवेरा जेल लगाते हैं, तो इसकी वजह से खुजली में कमी आती है, रेडनेस दूर होती है और एक्ने या पिंपल वाली स्किन पर होने वाली इरिटेशन भी दूर होती है।

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अंडरआर्म्स के लिए बेहतर क्या है?

वैसे तो अंडरआर्म्स में आप दोनों ही उत्पादों का उपयोग कर सकते हैं। जहां तक सवाल इस बात का है कि दोनों में बेहतर क्या है? इस बारे में डॉ. करुणा मल्होत्रा बताती हैं, "अंडरआर्म्स में हो रहे पिंपल से छुटकारा चाहिए, तो एलोवेरा जेल बेहतर विकल्प है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह स्किन की इचिंग को दूर करता है, रेडनेस को कम करता है और सूजन में कमी करने में भी मदद करता है।" डॉ. करुणा मल्होत्रा आगे बताती हैं, "अंडरआर्म्स में नारियल तेल लगाने से बचना चाहिए। विशेषकर, अंडरआर्म्स में हो रहे पिंपल या एक्ने में नारियल लगाना सही नहीं होता है। नारियल तेल लगाने की वजह से त्वचा के रोमछिद्र बंद हो सकते हैं। इससे एक्ने की समस्या बढ़ सकती है।" National Institutes of Health (.gov) में प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध में भी यह बात सामने आई है कि नारियल तेल की तुलना में एलोवेरा जेल पिंपल्स के लिए बेहतर है। शोध के अनुसार, नारियल तेल त्वचा के रोमछिद्रों को बंद कर सकता है, जिससे पिंपल्स बढ़ सकते हैं, जबकि एलोवेरा का एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव दानों के रेडनेस और सूजन को कम करने में मदद करता है।

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अंडरआर्म्स के लिए: एलोवेरा जेल vs नारियल तेल

 विशेषता  नारियल तेल  एलोवेरा जेल
 प्रॉपर्टीज  एंटी-बैक्टीरियल, मॉइस्चराइजिंग  एंटी-इंफ्लेमेटरी, कूलिंग
 त्वचा पर प्रभाव  रोमछिद्र बंद कर सकता है  रोमछिद्र बंद नहीं करता
 पिंपल्स के लिए  सक्रिय दाने होने पर न लगाएं  सक्रिय दानों के लिए अच्छा विकल्प
 कब लगाएं  सूखी त्वचा (Dry skin) के लिए  रेडनेस, जलन और दानों के लिए
निष्कर्ष बचाव के लिए ठीक है, इलाज के लिए नहीं  दाने ठीक करने के लिए बेहतर विकल्प

डॉक्टर की राय

वैसे तो अंडरआर्म्स के लिए नारियल तेल और एलोवेरा जेल दोनों ही फायदेमंद है। हां, अगर आपको पिंपल हो गए हैं, तो इसके लिए एलोवेरा लगाना ज्यादा फायदेमंद है। हालांकि, आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि क्या आपकी स्किन में ये प्रोडक्ट सूट कर रहे हैं? अगर नहीं, तो आप इन्हें यूज न करें। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि अगर अंडरआर्म्स में दाने अधिक हो रहे हैं और ठीक होने में समय ले रहे हैं, तो बेहतर होगा कि एक्सपर्ट से संपर्क करें और अपना सही ट्रीटमेंट करवाएं।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है कि अंडरआर्म्स में हुए पिंपल के लिए नारियल तेल की तुलना में एलोवेरा जेल ज्यादा बेहतर है। इससे रेडनेस दूर होती है और त्वचा को सूदिंग इफेक्ट भी मिलता है। आने वाली गर्मियों में इसका उपयोग त्वचा को ठंडक पहुंचाने के लिए भी किया जा सकता है। हां, अगर आप अंडरआर्म्स में पिंपल होने से रोकना चाहते हैं, तो प्रभावित हिस्से को हमेशा साफ रखें, समय-समय पर पसीना पोंछते रहें और एक ही कपड़े बार-बार न पहनें। इस तरह आप पिंपल की समस्या को आने से रोक सकते हैं।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या मैं अपने अंडरआर्म्स पर एलोवेरा जेल का इस्तेमाल कर सकती हूं?

    हां, अंडरआर्म्स में एलोवेरा जेल यूज किया जा सकता है। यह त्वचा को नमी प्रदान करता है और हाइड्रेटेड रखता है। इससे संक्रमण होने का जोखिम भी कम होता है।
  • अंडरआर्म्स में एलोवेरा जेल कैसे लगाएं?

    आप अंडरआर्म्स में सीधे एलोवेरा जेल को यूज कर सकते हैं। करीब 20 मिनट तक इसे लगे रहने दें। इसके बाद सादे पानी से धो लें। इससे अंडरआर्म्स की त्वचा मुलायम बनेगी।
  • कौन सा बेहतर है, एलोवेरा जेल या नारियल तेल?

    दोनों ही उत्पाद अपनी अपनी जगह बेहतर हैं। एलोवेरा जेल त्वचा की जलन को शांत करता है। इसमें सूजनरोधी यौगिक होते हैं, तो रेडनेस और सूजन को भी कम करते हैं, जबकि नारियल तेल के रोगाणुरोधी गुण छोटे-मोटे घावों या दाग-धब्बों को दूर करने में मदद करते हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Mar 01, 2026 09:21 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Mar 01, 2026 09:21 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Karuna Malhotra

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