Sun Oct 4, 2026 | 03:55 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

सोते समय बहुत ज्यादा पसीना क्यों आता है? डॉक्टर से जानें कारण

सोते समय अत्यधिक पसीना आना सामान्य हो सकता है, लेकिन लगातार होने पर यह किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। डॉ. अक्षय चुघ के अनुसार, हार्मोनल असंतुलन, इंफेक्शन और कम ब्लड शुगर जैसे कारण शामिल हैं। 
सोते समय बहुत ज्यादा पसीना क्यों आता है? डॉक्टर से जानें कारणसोते समय बहुत ज्यादा पसीना क्यों आता है? डॉक्टर से जानें कारण

सोते समय ज्यादा पसीना आना एक सामान्य समस्या हो सकती है, जो अक्सर गर्म वातावरण या भारी कपड़े पहनकर सोने के कारण होती है। हालांकि, अगर यह समस्या लगातार बनी रहे तो शरीर में होने वाली किसी अंदरूनी स्वास्थ्य स्थिति का संकेत हो सकती है। इसके मुख्य कारणों में हार्मोनल असंतुलन, एंग्जाइटी आदि समस्याएं हो सकती हैं। आइए इस लेख में Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida से जानते हैं कि सोते समय बहुत ज्यादा पसीना क्यों आता है?

सोते समय ज्यादा पसीना आने के कारण

American Family Physician के अनुसार, सोते समय ज्यादा पसीना आना एक सामान्य लक्षण है, जिसके ज्यादातर मामलों में कोई बड़ी बीमारी नहीं पाई जाती है। इसके मुख्य कारणों में मेनोपॉज, मूड डिसऑर्डर, गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज, हाइपरथायरायडिज्म और मोटापा शामिल हैं।

Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि रात में पसीना आने के पीछे हार्मोनल बदलावों से लेकर इंफेक्शन और कुछ दवाओं का असर शामिल हो सकता है।

1. हार्मोनल असंतुलन

हार्मोनल असंतुलन महिलाओं और पुरुषों दोनों में नाइट स्वेट्स का बड़ा कारण बनता है। 45 से 55 साल की महिलाओं में मेनोपॉज या पेरी-मेनोपॉज के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल तेजी से कम होता है। इसके कारण हॉट फ्लैशेज होते हैं और रात में अचानक तेज गर्मी महसूस होती है और पसीना आता है।

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इसके अलावा थायराइड की समस्या में भी जब थायराइड ग्लैंड जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म बहुत तेज हो जाता है। इससे शरीर में ज्यादा गर्मी बनती है और रात में पसीना आता है।

2. शरीर में इंफेक्शन

कुछ इंफेक्शन के कारण भी रात में पसीना आने की समस्या होती है। रात में पसीना आनाऔर हल्का बुखार महसूस होना टीबी का सबसे आम लक्षण है। इसके अलावा कुछ बैक्टीरिया और वायरल इंफेक्शन भी रात में पसीना आने की समस्या का कारण बन सकते हैं। दिल के वाल्व में सूजन, हड्डियों में इंफेक्शन या HIV जैसे इंफेक्शन में भी मरीज को रात में ज्यादा पसीना आता है।

3. लो ब्लड शुगर

अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और इंसुलिन या शुगर की दवाएं लेते हैं तो रात में सोते समय आपका ब्लड शुगर लेवल अचानक गिर सकता है। शुगर लेवल कम होते ही शरीर इमरजेंसी मोड में आ जाता है और एड्रेनालिन हार्मोन रिलीज करता है, जिससे मरीज को ठंडा पसीना आने लगता है, दिल की धड़कन तेज हो जाती है और घबराहट के साथ नींद खुल जाती है।

4. स्लीप एप्निया

इस बीमारी में सोते समय सांस की नली में रुकावट आने से मरीज की सांस बार-बार कुछ सेकेंड के लिए रुक जाती है। जब शरीर को सही तरह से ऑक्सीजन नहीं मिलता है तो दिमाग अलर्ट हो जाता है और तनाव वाले हार्मोन रिलीज करता है। इस कारण खर्राटे लेने वाले मरीजों को रात में अचानक बहुत ज्यादा पसीना आने लगता है।

5. दवाओं के साइड इफेक्ट्स

कई दवाओं को खाने से भी रात में पसीना निकलने की समस्या होती है। एंटी-डिप्रेसेंट्स यानी डिप्रेशन और मानसिक तनाव की दवाएं लेने वाले मरीजों में यह समस्या देखी जाती है। इसके अलावा बुखार और दर्द की दवा लेने पर भी कभी-कभी शरीर का तापमान बदलते समय पसीना आ सकता है।

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6. ज्यादा तनाव और एंग्जायटी

मानसिक तनाव और एंग्जायटी सिर्फ दिन में ही नहीं, बल्कि रात में भी आपके नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती है। डरावने सपने देखना या सोते समय दिमाग का शांत न होना पसीना की ग्रंथियों को एक्टिव कर देता है।

लाइफस्टाइल से जुड़े कारण

Dr. Akshay Chugh के अनुसार, बीमारियों के अलावा आपकी कुछ आदतें भी रात में पसीना निकलने की समस्या को बढ़ा सकती हैं-

  • सोने से ठीक पहले तीखा या मसालेदार खाना खाने से शरीर का तापमान बढ़ने की समस्या हो जाती है। 
  • रात में शराब पीना या देर शाम चाय-कॉफी लेने से ब्लड वेसल्स चौड़ी हो जाती हैं और पसीना आता है।
  • कमरे का तापमान और कपड़े भी पसीना आने का कारण बन सकते हैं। बहुत गर्म या सिंथेटिक कपड़े पहनकर सोना और कमरे में वेंटिलेशन न होना भी इसका कारण बनते हैं।

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राहत पाने के लिए क्या करें?

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि अगर आपको अक्सर यह समस्या होती है तो इन बातों का ध्यान रखना चाहिए-

  • कमरे का तापमान सही रखें, सूती और ढीले कपड़े पहनकर सोएं और सूत चादरों का ही इस्तेमाल करें।
  • सोने से 2 से 3 घंटे पहले भोजन कर लें। रात में ज्यादा तीखा, मसालेदार और मीठा खाने से बचें।
  • दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, लेकिन सोने से ठीक पहले बहुत ज्यादा पानी न पिएं, ताकि नींद अच्छी आए।
  • रात को सोने से पहले स्क्रीन टाइम बंद करें और 5 से 10 मिनट गहरी सांस लेने का अभ्यास करें।

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

रात में सोने के दौरान निकलने वाला पसीना नॉर्मल नहीं होता है। अगर आपको रात में पसीना आने के साथ ये लक्षण नजर आएं तो बिना देर किए तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।

  • पसीने के साथ अचानक वजन कम हो रहा हो।
  • रात में लगातार हल्का या तेज बुखार रहता है।
  • शरीर में कहीं गिल्टी या गांठ महसूस हो रही हो।
  • खांसी बनी रहती हो जो 2 से 3 हफ्तों से ठीक न हो रही हो।

निष्कर्ष
रात में कभी-कभी पसीना आना नॉर्मल हो सकता है, लेकिन अगर आपकी नींद रोज पसीना आने के कारण टूट रही है और कपड़े बदलने पड़ रहे हैं तो इसे सिर्फ गर्मी समझकर नजरअंदाज न करें। इस स्थिति में आप अपने डॉक्टर से मिलकर शरीर की जांच करवाएं। सही कारण का समय पर पता लगाकर इसका पूरी तरह इलाज संभव है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • बिना वजह पसीना आने का क्या कारण है?

    बिना कारण या सामान्य से ज्यादा पसीना आना मुख्य रूप से हाइपरहाइड्रोसिस या किसी अन्य अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।
  • क्या पसीना आना हार्ट अटैक के लक्षण हैं?

    हां, बिना किसी कारण अचानक ठंडा पसीना आना हार्ट अटैक का गंभीर लक्षण हो सकता है।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 04, 2026 14:32 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh