सिरदर्द के साथ चक्कर आना एक आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या है, जो कई अलग-अलग शारीरिक कारणों से हो सकती है। जब किसी व्यक्ति को एक साथ चक्कर आना और सिर में दर्द होने की समस्या होती है तो यह आपके रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित कर सकता है। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida का कहना है कि जब सिरदर्द और चक्कर आना एक साथ होते हैं, तो मरीज काफी डर जाते हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं। इस समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिन्हें समय पर पहचानकर सही इलाज की मदद से राहत पाई जा सकती है।
सिरदर्द और चक्कर एक साथ होने के कारण
साल 2020 में Cephalalgia जर्नल में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, सिरदर्द के साथ चक्कर आने और वर्टिगो का मुख्य कारण माइग्रेन है, जिसके दौरान ये लक्षण सिरदर्द की शुरुआत से पहले और मुख्य सिरदर्द फेज दोनों में हो सकते हैं।
Dr. Akshay Chugh के अनुसार, हमारे दिमाग, कान के अंदरूनी हिस्से और ब्लड प्रेशर का आपस में गहरा कनेक्शन होता है। जब इनमें से किसी में संतुलन बिगड़ता है, तो सिरदर्द और चक्कर दोनों एक साथ हो सकते हैं।
1. वेस्टिबुलर माइग्रेन
वेस्टिबुलर माइग्रेन सिरदर्द और चक्कर आने का सबसे आम कारण होता है। माइग्रेन सिर्फ सिरदर्द तक सीमित नहीं होता है। जब माइग्रेन दिमाग के उस हिस्से को प्रभावित करता है, जो शरीर का संतुलन बनाए रखता है, तो इसे वेस्टिबुलर माइग्रेन कहते हैं। सिर के एक या दोनों तरफ तेज टीस उठना, कमरे का घूमता हुआ महसूस होना, जी मिचलाना, उल्टी आना या तेज रोशनी और आवाज से परेशानी होना।
2. डिहाइड्रेशन
जब शरीर में पानी की कमी होती है या खून में शुगर का लेवल अचानक गिर जाता है तो दिमाग तक पर्याप्त ऑक्सीजन और न्यूट्रिएंट्स नहीं पहुंच पाते हैं। सिर में भारीपन या मीठा-मीठा दर्द, आंखों के आगे अंधेरा छाना, पसीना आना, हाथ-पैरों का कांपना और कमजोरी के साथ चक्कर आने जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।
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3. कान का संक्रमण या लेबिरिंथाइटिस
हमारे कान का अंदरूनी हिस्सा शरीर का बैलेंस बनाए रखने में मदद करता है। जब कान के अंदर कोई वायरस या बैक्टीरियल इंफेक्शन हो जाता है तो संतुलन बिगड़ने लगता है। इस स्थिति में सिरदर्द के साथ तेज चक्कर आना, सिर के पिछले या एक हिस्से में दर्द, कान में सनसनाहट या सीटी जैसी आवाज आना और सुनने में थोड़ी परेशानी होने जैसे लक्षण नजर आते हैं।
4. सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस
गर्दन की हड्डियों या मांसपेशियों में अकड़न और नसों पर प्रेशर पड़ने से दिमाग तक होने वाला ब्लड फ्लो प्रभावित होता है। गर्दन में दर्द, जो सिर के पीछे की तरफ फैलता है, चक्कर आना और हाथों में सुन्नपन की समस्या हो सकती है।
5. हाई या लो ब्लड प्रेशर
जब ब्लड प्रेशर अचानक बहुत ज्यादा बढ़ या घट जाता है तो नसों पर प्रेशर बदलने लगता है। अचानक सिर के पीछे या माथे पर तेज दर्द, आंखों के आगे धुंधलापन और संतुलन खोने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
6. मानसिक तनाव
ज्यादा मानसिक तनाव, एंग्जायटी अटैक या 2-3 दिनों तक ठीक से नींद न मिलने पर दिमाग और नसें थक जाती हैं, जिससे सिर भारी रहता है और हल्का-हल्का चक्कर आने जैसा महसूस होता है।
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सिरदर्द के साथ चक्कर आने पर क्या करना चाहिए?
Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि अगर आपको अचानक सिरदर्द के साथ चक्कर आने लगे तो घबराएं नहीं, बल्कि इन बातों का ध्यान रखें-
- तुरंत बैठ या लेट जाएं- चक्कर आते ही अपनी जगह पर आराम से बैठ जाएं या लेट जाएं। खड़े रहने से गिरने और चोट लगने का खतरा बना रहता है।
- धीमी सांस लें और आंखें बंद करें- किसी शांत और हवादार जगह पर आंखें बंद करके 10 से 15 मिनट आराम करें।
- पानी या ओआरएस पिएं- अगर डिहाइड्रेशन या लो ब्लड प्रेशर के कारण आपको सिरदर्द और चक्कर की समस्या हो रही है तो तुरंत 1 गिलास पानी, नींबू पानी या नारियल पानी पिएं।
- तेज रोशनी और स्क्रीन से दूर रहें- मोबाइल, टीवी या लैपटॉप की स्क्रीन तुरंत बंद कर दें, क्योंकि स्क्रीन की लाइट माइग्रेन और चक्कर आने की समस्या को बढ़ा सकती है।
- अचानक झटका न दें- लेटने के बाद एकदम से झटके से न उठें। पहले करवट लें, फिर धीरे से बैठें और थोड़ी देर बाद खड़े हों।
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डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
हर चक्कर या सिरदर्द की समस्या नॉर्मल नहीं होती है। अगर आपको सिरदर्द और चक्कर के साथ नीचे दिए गए लक्षणों में से कोई भी दिखे, तो इसे इमरजेंसी मानना चाहिए और तुरंत डॉक्टर या न्यूरोलॉजिस्ट के पास जाना चाहिए-
- सिरदर्द अचानक बहुत तेज होना।
- बोलने में लड़खड़ाहट या आवाज का तुतलाने लगना।
- शरीर के किसी एक हिस्से में सुन्नपन या कमजोरी महसूस होना।
- चेहरे का एक तरफ ढलक जाना।
- तेज बुखार और गर्दन में ज्यादा अकड़न।
- देखने में धुंधलापन या दो-दो चीजें दिखना।
निष्कर्ष
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि सिरदर्द के साथ चक्कर आना कोई ऐसी समस्या नहीं है, जिससे आप डर जाएं, लेकिन बिना डॉक्टर की जांच के खुद से पेनकिलर या चक्कर की गोलियां लेना खतरनाक हो सकता है। अगर यह समस्या हफ्ते में 1 से 2 बार से ज्यादा हो रही है तो अपने फिजिशियन या न्यूरोलॉजिस्ट से मिलकर सही कारण का पता लगाएं। इसके साथ ही, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, 7 से 8 घंटे की नींद लें, तनाव-फ्री रहें और सही इलाज करवाएं।
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FAQ
चक्कर आने पर तुरंत क्या खाएं?
चक्कर आने पर तुरंत राहत पाने के लिए चीनी और नमक मिलाकर नींबू पानी पीना चाहिए। इसके अलावा आप नारियल पानी या सादा पानी भी पी सकते हैं।सिर में चक्कर आना कौन सी बीमारी के लक्षण हैं?
चक्कर आना अपने आप में कोई बड़ी बीमारी नहीं है, बल्कि यह आंतरिक कान की समस्या, लो ब्लड प्रेशर या वर्टिगो जैसी स्वास्थ्य स्थितियों का एक संकेत हो सकता है।
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Oct 03, 2026 15:42 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh
