Nakhun Na Badhne Ki Wajah: यह तो आपने सुना होगा कि नाखूनों से आपकी सेहत का सटीक अंदाजा लगाया जा सकता है। असल में, नाखून के रंग और उसमें पड़ रही दरारें आपके स्वास्थ्य के बारे में बहुत कुछ बताती है। इससे पता चलता है कि आप बीमार हैं या नहीं और यह भी पता चलता हैं कि कहीं आपके शरीर में पोषक तत्वों की कमी तो नहीं है। क्या आप जानते हैं कि अगर नाखून बढ़ना बंद कर दें, तो यह भी सही संकेत नहीं है। सवाल है, ऐसा नाखून बढ़ना अचानक क्यों बंद कर देते हैं और इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं? आइए, जानते हैं राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से।
नाखून बढ़ना बंद होने के कारण
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गंभीर चोट लगना
यह सच है कि नाखून पर गंभीर चोट लगने की वजह से भी इसकी ग्रोथ रुक जाती है। असल में, जब चोट लगने के कारण नाखून के क्यूटिकल्स के नीचे मौजूद नेल मैट्रिक्स डैमेज हो जाते हैं, तो नाखून बढ़ना बंद कर देते हैं। हालांकि, इससे अस्थायी रूप से नाखून बढ़ना बंद कर सकते हैं और कुछ मामलों में इसका प्रभाव स्थायी भी हो सकता है। NCBI की एक रिपोर्ट से भी इस बात की पुष्टि होती है नाखून पर चोट लगने से इसकी ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।
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पोषक तत्वों की कमी
पोषक तत्वों की कमी भी नाखून की ग्रोथ पर असर डालती है। विशेषज्ञों की मानें, तो जिंक, आयरन और बायोटीन जैसे पोषक तत्व नाखून बढ़ने के लिए जिम्मेदार होते हैं। असल में पोषक तत्वों की कमी की वजह से केराटीन प्रभावित होता है। यह एक तरह का प्रोटीन है, जो नाखून बनने के लिए जिम्मेदार है। केराटीन प्रोडक्शन बाधित होने पर नाखून ग्रोथ रुक जाती है। केराटीन के लिए आयरन, जिंक और बायोटीन मुख्य पोषक तत्व हैं।
मेडिकल कंडीशंस
कुछ मेडिकल कंडीशंस की वजह से भी नाखून बढ़ना बंद हो जाते हैं। इसमें डायबिटीज, थाइरायड और पेरिफेरल आर्टरी डिजीज शामिल हैं। ऐसा नहीं है कि इन मेडिकल कंडीशन में नाखून पूरी तरह बढ़ना बंद कर देते है, लेकिन नाखून बढ़ने की गति धीमी हो जाती है। इसके अलावा, कई कंडीशंस में ब्लड फ्लो बाधित होता है और शरीर में संक्रमण तथा इंफ्लेमेशन बढ़ जाता है। ऐसे में नेल मेट्रिक्स कमजोर हो जाते हैं और नाखूनों की ग्रोथ कम हो जाती है।
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फंगल इंफेक्शन
फंगल इंफेक्शन भी नाखूनों की ग्रोथ को पूरी तरह रोक देते हैं। दरअसल, फंगल इंफेक्शन नाखून के बेड पर हमला करके और केराटिन को खाकर नाखून की ग्रोथ को रोक देता या उसका बाधित कर देता है। इससे नाखून मोटे और कमजोर हो जाते हैं। यही नहीं, इंफेक्शन नाखून के मैट्रिक्स को नुकसान पहुंचाता है, जिससे नाखून टेढ़े-मेढ़े या शेपलेस हो जाते हैं। कुछ गंभीर मामलों में नाखून अपनी जगह से पूरी तरह अलग हो जाते हैं।
बढ़ती उम्र
कहने की जरूरत नहीं है कि बढ़ती उम्र में हमारे शरीर के सभी ऑर्गन सही तरह से काम करना बंद कर देते हैं। ऐसा ही नाखूनों के ग्रोथ के साथ होता है। बढ़ती उम्र में न ही हम ज्यादा खाना खा पाते हैं, न उसे पचा पाते हैं और न ही शरीर पोषक तत्वों को सही तरह से अवशोषित कर पाता है। इसी वजह से बालों का कमजोर होना और तरह-तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती हैं। इसका असर नाखून की ग्रोथ पर भी देखने को मिलता है।
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निष्कर्ष
कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है कि नाखून की ग्रोथ अलग-अलग कारकों पर निर्भर करती है। इनका जिक्र हमने ऊपर लेख में किया है। जैसे मेडिकल कंडीशन, बढ़ती उम्र, फंगल इंफेक्शन या गंभीर चोट की वजह से ऐसा हो सकता है। यही नहीं, शारीर में पोषक तत्वों की कमी भी इसका एक बड़ा कारण है। इसलिए, अगर आप नोटिस करें कि नाखूनों की ग्रोथ अचानक रुक गई है, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर डॉक्टर के पास जाएं और अपना ट्रीटमेंट करवाएं।
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Current Version
Mar 04, 2026 15:45 IST
Modified By : Meera Tagore Mar 04, 2026 15:45 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Karuna Malhotra