Mon Sep 21, 2026 | 07:06 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vineeta Singh Tandon , Sr. Consultant – Internal Medicine

दूसरी बार डेंगू क्यों हो सकता है ज्यादा खतरनाक? डॉक्टर से जानें कारण और इसके लक्षण

मानसून के सीजन में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी होने लगती है और कई बार सावधानी न बरतने के कारण लोगों को दोबारा डेंगू होने का खतरा भी बढ़ सकता है। दोबारा डेंगू होने पर यह जानलेवा भी हो सकता है, इसलिए इसके लक्षणों पर नजर रखना बहुत जरूरी है।
दूसरी बार डेंगू क्यों हो सकता है ज्यादा खतरनाक? डॉक्टर से जानें कारण और इसके लक्षणदूसरी बार डेंगू क्यों हो सकता है ज्यादा खतरनाक? डॉक्टर से जानें कारण और इसके लक्षण

बारिश के सीजन में डेंगू के मरीजों को तेज बुखार, शरीर में दर्द, प्लेटलेट्स में कमी और कमजोरी जैसे लक्षण काफी ज्यादा नजर आने लगते हैं। हालांकि, सही समय पर इलाज कराने से डेंगू को गंभीर होने से बचाया जा सकता है। जब मरीज डेंगू से ठीक हो जाता है, तो उसे लगता है कि एक बार डेंगू हो गया है, तो उसे दोबारा संक्रमण का रिस्क नहीं है, लेकिन कुछ मामलों में दूसरी बार डेंगू होने पर गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। इस बारे में Dr. Vineeta Singh Tandon, Senior Consultant, Internal Medicine, ISIC Multispeciality Hospital, Delhi ने बताया कि डेंगू वायरस के अलग-अलग प्रकार होते हैं। एक प्रकार के डेंगू वायरस का इलाज होने के बाद अगर दूसरी प्रकार का डेंगू वायरस काट ले, तो दोबारा डेंगू हो सकता है और यह गंभीर भी हो सकता है।

डेंगू दोबारा क्यों हो सकता है?

Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं, “डेंगू वायरस के चार प्रमुख सेरोटाइप्स होते हैं, जिसमें DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4 शामिल होते हैं। जब किसी मरीज को डेंगू होता है, तो जिस खास सेरोटाइप के खिलाफ लंबे समय तक इम्यूनिटी बन सकती है, लेकिन इसके साथ यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इससे अन्य सेरोटाइप्स से सुरक्षा नहीं मिलती। यही वजह है कि पहले डेंगू हो चुका मरीज अन्य सेरोटाइप से संक्रमित हो सकता है। इसका मतलब यह है कि एक बार डेंगू होने के बाद भी दोबारा डेंगू हो सकता है। हालांकि, यह कहना सही नहीं है कि मरीज को चारों सेरोटाइप के कारण चार बार डेंगू हो सकता है।”

दूसरी बार डेंगू ज्यादा गंभीर क्यों हो सकता है?

Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि दूसरी बार डेंगू के गंभीर होने के कई कारण हो सकते हैं।

  • दूसरी बार डेंगू होने पर इसके गंभीर होने का कारण एंटीबॉडी-डिपेंडेंट एनहांसमेंट (Antibody-Dependent Enhancement (ADE) हो सकता है। इस प्रोसेस में एंटीबॉडीज शरीर को उतनी मजबूती नहीं दे पाते और इस कंडीशन में एंटीबॉडीज वायरस को कोशिकाओं में जाने दे सकती है और इस वजह से संक्रमण के गंभीर होने का खतरा बढ़ सकता है।
  • डेंगू होने का कारण एक सेरोटाइप हो सकता है और अगर डेंगू ठीक होने पर दूसरा सेरोटाइप मरीज को काट ले, तो डेंगू के गंभीर होने का खतरा बढ़ सकता है।
  • डेंगू के वायरस शरीर में फैलने से इम्यूनिटी की प्रतिक्रिया तेज हो जाती है, जिस कारण ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंच सकता है और उनसे प्लाज्मा लीक हो सकता है। इस वजह से भी डेंगू गंभीर हो सकता है।

Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि दूसरी बार डेंगू होने पर हर मरीज की हालत गंभीर ही होगी। हर मरीज में संक्रमण का असर अलग हो सकता है। इसलिए दूसरी बार डेंगू होने पर सतर्क रहना बहुत जरूरी होता है।

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क्या दूसरी बार डेंगू के लक्षण अलग होते हैं?

Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि दूसरी बार डेंगू होने पर बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण पहली बार की तरह हो सकते हैं। हालांकि, सिर्फ लक्षणों के आधार पर डेंगू की पुष्टि नहीं की जा सकती है। अगर मरीज को पहले भी डेंगू हुआ है, तो बुखार कम होने के बाद लक्षणों पर चेक रखना जरूरी है। अगर किसी मरीज के लक्षण गंभीर दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

डेंगू गंभीर होने के लक्षण

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, गंभीर डेंगू के लक्षण अक्सर बुखार उतरने के बाद सामने आ सकते हैं। अगर ये लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

  • पेट में तेज दर्द
  • लगातार उल्टी होना
  • तेजी से सांस चलना
  • मसूड़ों या नाक से खून आना
  • बहुत ज्यादा थकान या बेचैनी
  • उल्टी या मल में खून आना
  • बहुत ज्यादा प्यास लगना
  • स्किन का पीला और ठंडा पड़ना
  • बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होना

डेंगू से किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए?

Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा कि दोबारा डेंगू होने पर गंभीरता से बचने के लिए कुछ लोगों को खासतौर पर सावधानी बरतनी चाहिए। अगर इन लोगों को डेंगू हो जाए, तो बिना देर किए डॉक्टर से इलाज शुरू करा देना चाहिए।

  • डायबिटीज या हार्ट से जुड़ी बीमारी वाले लोग
  • लिवर या किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीज
  • प्रेग्नेंट महिलाएं
  • छोटे बच्चे और शिशु
  • बुजुर्ग

डेंगू होने पर क्या करना चाहिए?

Dr. Vineeta Singh Tandon डेंगू के मरीजों को सलाह देती हैं कि डेंगू होने पर घबराने की जरूरत नहीं होती। डॉक्टर की बताई दवा समय पर सही डोज के साथ लेनी चाहिए।

  • डॉक्टर के बताए समय पर फॉलो-अप जरूर कराएं।
  • पर्याप्त तरल पदार्थ लें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से ORS लिया जा सकता है।
  • मरीज को आसानी से पचने वाला भोजन खाना चाहिए।
  • शरीर में कोई नया या असामान्य लक्षण दिखे, तो डॉक्टर को तुरंत बताएं।

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निष्कर्ष
एक बार डेंगू होने पर दूसरी बार होना मरीज के लिए काफी परेशानी वाला हो सकता है, क्योंकि बुखार, शरीर में दर्द और पानी की कमी के कारण काफी कमजोर हो सकता है। इसलिए कई बार मरीजों को दूसरी बार डेंगू होने पर मरीज को रिकवर होने में काफी समय लग सकता है। अगर कमजोरी लंबे समय तक बनी रहे या बढ़ती जाए, तो डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

All Image Credit: Magnific 

FAQ

  • क्या दूसरी बार डेंगू होने पर पेनकिलर लेना सुरक्षित है?

    पेनकिलर खून को पतला करती हैं और पेट की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाती हैं। डेंगू में इनका इस्तेमाल करने से इंटरनल ब्लीडिंग और गैस्ट्रिक अल्सर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए बुखार होने पर सिर्फ पैरासिटामोल ही लेना चाहिए। 
  • सेकेंडरी डेंगू में किस स्थिति में मरीज को आईसीयू या ब्लड प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ती है?

    अगर प्लेटलेट्स का स्तर 20, 000 से नीचे गिर जाए या शरीर के किसी हिस्से से ब्लीडिंग शुरू हो जाए, साथ ही ब्लड प्रेशर अचानक बहुत कम हो जाए, तो मरीज को तुरंत आईसीयू में भर्ती करके प्लेटलेट्स या प्लाज्मा चढ़ाने की जरूरत होती है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 21, 2026 17:57 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Vineeta Singh Tandon

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