Fri Sep 18, 2026 | 02:14 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vijay S Dahiphale , Consultant Urologist, Andrologist & Sexologist

क्या कई बार इरेक्शन में ज्यादा समय लगना सामान्य बात है? डॉक्टर से जानें कब इसे Erectile Dysfunction समझें

कई बार इरेक्शन में ज्यादा समय लगना नॉर्मल होता है। ऐसा अक्सर परफॉर्मेंस एंग्जाइटी या तनाव के कारण हो सकता है। हां, अगर किसी बीमारी की वजह से ऐसा हो रहा है, तो बेहतर है कि आप इसके असली कारण को जानने की कोशिश करें।

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सामान्य इरेक्शन होने का मतलब है कि पुरुष शारीरिक रूप से स्वस्थ है। हालांकि, कई बार तनाव, काम का दबाव या निजी जीवन में परेशानी होने पर इरेक्शन की दिक्कत हो सकती है। जब भी किसी पुरुष में यौन संबंध बनाने से पहले इरेक्शन न हो, तो वे पेरशान हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि ऐसा क्यों हो रहा है? कहीं यह किसी बीमारी का संकेत तो नहीं है? इस संबंध में एक्सपर्ट स्पष्ट करते हैं कि भी-कभी इरेक्शन में अधिक समय लगना पूरी तरह सामान्य होता है। आइए, नवी मुंबई स्थित मेडिकवर अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट, एंड्रोलॉजिस्ट और सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. विजय दहिफले से इसे और विस्तार से समझते हैं।

क्या कभी-कभी इरेक्शन में अधिक समय लगना नॉर्मल है?

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पुरुषों में इरेक्शन यानी लिंग में तनाव आने में थोड़ा समय लगना पूरी तरह नॉर्मल होता है। हालांकि, कई बार यह इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का संकेत भी हो सकता है। इसलिए, अगर किसी पुरुष को अक्सर इरेक्शन में दिक्कत आ रही है या लिंग में तनाव बनाए रखना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो गया है, तो उन्हें इस स्थिति को इग्नोर नहीं करना चाहिए। शरीर में नजर आ रहे अन्य संकेतों को देखते हुए समय पर डाॅक्टर से संपर्क करना चाहिए।

लक्षण सामान्य देरी (Normal Delay) इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile Dysfunction-ED)
समस्या की आवृत्ति कभी-कभार समस्या होने पर, जैसे तनाव या थकान होने पर। समस्या लगातार बनी रहती है और ज्यादातर मौकों पर इरेक्शन नहीं आता।
मुख्य कारण थकान, काम का दबाव, अत्यधिक शराब का सेवन या परफॉर्मेंस एंग्जाइटी। नसों या रक्त वाहिकाओं की बीमारी, हार्मोनल असंतुलन, डायबिटीज या हाई बीपी।
मॉर्निंग इरेक्शन सुबह उठने पर प्राकृतिक इरेक्शन सामान्य रूप से आता है। सुबह का इरेक्शन (Morning Erection) बंद होना या बेहद कम हो जाना।
तनाव की प्रकार संभोग के लिए पर्याप्त इरेक्शन होना। इरेक्शन में कड़ापन नहीं आता या संबंध पूरा होने से पहले ही तनाव खत्म हो जाता है।
सुधार की संभावना तनाव कम होने, पर्याप्त आराम करने या जीवनशैली सुधारने पर समस्या अपने आप ठीक हो जाती है। प्रॉपर ट्रीटमेंट की आवश्यकता होती है।
उम्र का प्रभाव किसी भी उम्र में मानसिक तनाव या थकान के कारण हो सकता है। उम्र बढ़ने के साथ जोखिम बढ़ सकता है, लेकिन युवाओं में मेडिकल कारणों से ऐसा होता है।

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कब इरेक्शन में देरी सामान्य होती है?

थकान और कमजोरी

अगर आप थकान और कमजोरी महसूस कर रहे हैं, तो ऐसे में इरेक्शन की दिक्कत हो सकती है। असल में दिन भर शारीरिक या मानसिक रूप से सक्रिय रहने के कारण थकान हो जाती है। एनर्जी का स्तर गिरने से कमजोरी भी महसूस होती है। ऐसे में पुरुषों के लिए सेक्शुअल रिलेशनशिप बनाना थोड़ा चैलेंजिंग हो जाता है, जिससे इरेक्शन की दिक्कत आ सकती है।

साल 2025 में The Journal of Sexual Medicine में प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च के अनुसार, मानसिक तनाव इरेक्टाइल फंक्शन को सीधे तो प्रभावित करता ही है, लेकिन इसमें थकान एक बड़ा जरिया बनती है। तनाव की वजह से मरीज शारीरिक व मानसिक थकान महसूस करता है, जो इरेक्टाइल फंक्शन को और खराब कर देती है।

बढ़ती उम्र

अधिक उम्र भी पुरुषों में इरेक्शन से संबंधित समस्या पैदा कर सकता है। असल में, यह सामान्य प्रक्रिया है। इसे रोका नहीं जा सकता है। यही कारण है कि अधिक उम्र के पुरुषों को डाॅक्टर फोरप्ले की सलाह देते हैं। ऐसे में लंबे समय तक इरेक्शन बनाए रखने में मदद मिलती है।

नशीले पदार्थों का सेवन

जो पुरुष नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं, उन्हें भी इरेक्शन में दिक्कत आती है। विशेषज्ञों की मानें, तो नशीले पदार्थों का सेवन करने से कुछ समय के लिए ब्लड फ्लो बाधित होता है, जिससे नर्व तक पर्याप्त सिग्नल नहीं जाते हैं। ऐसे में हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं, जो इरेक्शन में परेशानी खड़ी कर सकते हैं। हालांकि, यह स्थिति अस्थायी होती है।

परफॉर्मेंस एंग्जाइटी

पुरुषों को तब भी लिंग में तनाव उत्पन्न होने या बनाए रखने में दिक्कत आ सकती है, जब वे पहली बार यौन संबंध बनाते हैं। कई बार नए पार्टनर के साथ उन्हें परफॉर्मेंस एंग्जाइटी हो जाती है, जिससे उनमें लंबे समय तक इरेक्शन बनाए रखने में परेशानी हो जाती है। हालांकि, यह कंडीशन पूरी तरह नॉर्मल है। Cleveland Clinic की मानें, तो परफॉर्मेंस एंग्जाइटी नार्मल है। हालांकि, कई बार पुराने और बुरे सेक्शुअल अनुभव के कारण नए पार्टनर के साथ परफॉर्मेंस एंग्जाइटी हो सकती है।

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कब इरेक्शन में देरी होना सामान्य नहीं है?

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लगातार इरेक्शन की समस्या होना

कभी-कभी लिंग में तनाव महसूस न करना पूरी तरह सामान्य होता है। वहीं, अगर किसी पुरुष को लंबे समय इरेक्शन में दिक्कत आ रही है, यौन संबंध बनाने से पहले उन्हें लिंग में तनाव महसूस नहीं होता है, तो यह स्थिति सही नहीं है। यह कंडीशन इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की ओर इशारा करती है।

कमजोर या अस्थिर इरेक्शन

कभी-कभी इरेक्शन आना, लेकिन पेनिट्रेशन के लिए पर्याप्त तनाव महसूस न करना भी चिंता का विषय है। अक्सर पुरुष इसे तनाव से जोड़कर देखते हैं। कई बार यह किसी तरह की मेडिकल कंडीशन का भी संकेत हो सकता है। 

मॉर्निंग इरेक्शन न होना

डॉ. विजय दहिफले के अनुसार, "मॉर्निंग इरेक्शन स्वास्थ्य से संबंधित कई बातों का खुलासा करता है। इसका मतलब है कि शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही है, नसें सही तरह से काम कर रही हैं और उनके शरीर में यौन संबंध के प्रति उत्तेजना भी सामान्य है। वहीं, अगर किसी पुरुष को मॉर्निंग इरेक्शन की दिक्कत शुरू हो जाए, तो यह समझ जाएं कि यह गंभीर समस्या की ओर इशारा कर रहा है। मॉर्निंग इरेक्शन से जूझ रहे पुरुषों को अक्सर सेक्स के दौरान लिंग में तनाव बनाए रखने में दिक्कत आती है।"

मेडिकल कंडीशन

जैसा कि यह हमने पहले ही बताया है कि इरेक्शन न होना किसी न किसी बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसा खासकर उन लोगों के साथ होता है, जिन्हें ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या हार्ट कंडीशन है। इन तमाम स्वास्थ्य समस्याओं के ब्लड सर्कुलेशन बाधित होता है, जिससे लिंग में तनाव बनाए रखने मुश्किल हो जाता है। यह भी चिंता का विषय है और समय पर ट्रीटमेंट करवाना जरूरी हो जाता है।

Urology Care Foundation के अनुसार, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED) किसी अधिक गंभीर बीमारी का एक शुरुआती संकेत या चेतावनी हो सकता है, जैसे कि धमनियों का सख्त या बंद होना (एथेरोस्क्लेरोसिस), हार्ट डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज के कारण बढ़ा हुआ ब्लड शुगर।

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डाॅक्टर की सलाह

डॉ. विजय दहिफले सलाह देते हैं कि अगर आपको तनाव में हैं, निजी रिश्ते खराब हैं, तो इसकी वजह से हो रही इरेक्शन की प्रॉब्लम कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है। असल में, मूल समस्या का समाधान होते ही पुरुष मेंटली रिलैक्स हो जाते हैं और यौन संबंध बनाने के लिए तैयार रहते हैं। इसके उलट, अगर पुरुषों को किसी तरह की मेडिकल कंडीशन है, तो उन्हें इस स्थिति को इग्नोर नहीं करना चाहिए। कई बार इरेक्टाइल डिस्फंक्शन भविष्य में हार्ट से संबंधित बीमारी होने का संकेत हो सकता है। इसलिए, समय रहते इलाज कराने पर कई गंभीर बीमारियों से भी बचा जा सकता है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है कि किसी भी स्थिति में हो रही इरेक्शन की समस्या को इग्नोर नहीं करना चाहिए। हां, अगर कभी-कभी तनाव या निजी रिश्ते में आई कड़वाहट के कारण ऐसा हो रहा है, तो परेशान न हों। लेकिन, अगर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या हो गई है, तो तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं और इसकी मूल वजह जानने की कोशिश करें। डाॅक्टर की सही सलाह पर समाधान हो सकता है।

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FAQ

  • क्या कुछ विशेष प्रकार की दवाएं इरेक्शन में देरी या कमी ला सकती हैं?

    हां, ऐसा होता है। आमतौरपर एंटी-डिप्रेशन और एंग्जायटी की दवाओं का नेगेटिव असर इरेक्शन पर पड़ता है। इन दवाओं के प्रभाव से नसों के सिग्नलों और ब्लड फ्लो प्रभावित हटे हैं, जिससे यौन इच्छा और इरेक्शन दोनों में कमी आ सकती है।
  • क्या पेनाइल इंप्लांट्स ED के इलाज में कारगर होते हैं?

    हां, जब लाइफस्टाइल बदलाव या दवाएं असर नहीं करतीं, तो गंभीर मामलों में पेनाइल इंप्लांट्स जैसे सर्जिकल विकल्प अपनाएं जाते हैं, जो रक्त प्रवाह को बेहतर करके इरेक्शन की समस्या में सुधर करते हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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