Wed Oct 7, 2026 | 06:50 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vineet Malhotra , Consultant Urologist, Andrologist & Microsurgeon

पुरुषों में हर्निया का खतरा ज्यादा क्यों होता है? डॉक्टर से जानें 5 कारण और बचाव के आसान तरीके

पुरुषों में हर्निया की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है और इसके कारण शरीर की बनावट या बार-बार भारी वजन उठाना भी हो सकता है। इससे बचाव के लिए पुरुषों को कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि हर्निया की समस्या को कम किया जा सके।
पुरुषों में हर्निया का खतरा ज्यादा क्यों होता है? डॉक्टर से जानें 5 कारण और बचाव के आसान तरीकेपुरुषों में हर्निया का खतरा ज्यादा क्यों होता है? डॉक्टर से जानें 5 कारण और बचाव के आसान तरीके

जब भी किसी पुरुष के पेट या कमर के पास अचानक कोई उभार या गांठ दिखाई देती है, जिसमें दर्द न हो, तो पुरुष इसे नजरअंदाज कर देते हैं। कई मामलों में ये हर्निया की समस्या हो सकती है। Dr. Vineet Malhotra, Senior Consultant in Urology & Andrology, VNA Hospital, Delhi ने बताया कि हर्निया की समस्या तब होता है, जब पेट के अंदर मौजूद कोई हिस्सा, जैसे आंत या फैटी टिश्यू, पेट की कमजोर मांसपेशियों या आसपास के टिश्यू से बाहर की ओर उभरने लगता है। यह शरीर के अलग-अलग हिस्सों में हो सकता है, लेकिन पुरुषों में खासतौर पर इंग्वाइनल हर्निया, यानी कमर के पास होने वाला हर्निया के मामले ज्यादा देखे जा सकते हैं।

पुरुषों में हर्निया होने के 5 कारण

National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases के मुताबिक, महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में इंग्विनल हर्निया होने की संभावना 8 से 10 गुना ज्यादा हो सकत है। जिन पुरुषों की प्रोस्टेट ग्रंथि की सर्जरी हो चुकी है, फैमिली हिस्ट्री या वजन सामान्य से कम होता है, उन्हें हर्निया होने का खतरा ज्यादा रहता है।

Dr. Vineet Malhotra कहते हैं कि पुरुषों में हर्निया होने की संभावना कई वजहों से ज्यादा हो सकती हैं। कुछ पुरुषों की बढ़ती उम्र भी इसका कारण हो सकती है।

1. पुरुषों की शारीरिक बनावट

Dr. Vineet Malhotra ने बताया कि कमर के निचले हिस्से में इंग्विनल कनाल प्राकृतिक रास्ता हैतो है, जिससे अंडकोष तक जाने वाली संरचनाएं गुजरती हैं। अगर इस जगह की दीवार कमजोर होने लगती है, तो पेट के अंदर का टिश्यू इस रास्ते से बाहर की ओर उभर सकता है। इस वजह से पुरुषों में हर्निया के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। कुछ मामलों में जन्म के समय कमजोरी भी हो सकती है।

2. उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों में कमजोरी

Dr. Vineet Malhotra ने कहा, “उम्र बढ़ने पर शरीर की मांसपेशियों और कनेक्टिव टिश्यू में बदलाव आने लगते हैं। पेट की दीवार में कमजोरी होने पर हर्निया का खतरा बढ़ सकता है। इस कारण कई मामलों में देखा गया है कि उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में कमर के पास उभार या हर्निया की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।”

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3. बार-बार भारी वजन उठाना

Dr. Vineet Malhotra के अनुसार, अगर कोई पुरुष रोजाना बहुत भारी वजन उठाता है या अचानक से अपनी क्षमता से ज्यादा वजन उठाने लगता है, तो पेट के अंदर प्रेशर बढ़ सकता है। अगर पेट की वॉल पहले से ही कमजोर हो, तो लगातार बढ़ता दबाव हर्निया में उभार ला सकता है। हालांकि, सिर्फ वजन उठाना ही हर्निया होने की अकेली वजह नहीं हो सकती है। वार पहले से कमजोर है, तो लगातार बढ़ा हुआ दबाव हर्निया के उभरने में योगदान दे सकता है। 

4. कब्ज और बार-बार जोर लगाना

Dr. Vineet Malhotra का कहना है, “जिन पुरुषों को लंबे समय तक कब्ज होती है। उन्हें मल त्याग के समय बार-बार जोर लगाना पड़ सकता है। इससे पेट के अंदर दबाव बढ़ता है। इसी तरह लगातार खांसी भी पेट के अंदर प्रेशर बढ़ा सकती है। इसलिए जिन पुरुषों को क्रोनिक कब्ज या खांसी होती है, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये हर्निया होने का कारण बन सकता है।”

5. वजन बढ़ना

Dr. Vineet Malhotra ने कहा, “पुरुषों का बढ़ता वजन, फिजिकल एक्टिविटी कम होना और स्मोकिंग जैसी आदतें भी हर्निया के रिस्क को बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा, बढ़ती उम्र, फैमिली हिस्ट्री और कनेक्टिव टिश्यू की कमजोरी जैसे फैक्टर्स पुरुषों में हर्निया के मामले बढ़ा सकते हैं।”

हर्निया के लक्षण

Dr. Vineet Malhotra ने कहा कि पुरुषों को खासतौर पर हर्निया के लक्षणों पर खास ध्यान देना चाहिए। अगर उभार में लगातार दर्द हो रहा है और रोजाना के काम करने में दिक्कत हो, तो डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए।

  • पेट या कमर के पास उभार या गांठ होना
  • कई बार ये उभार खांसने, खड़े होने, छींकने पर ज्यादा दिखाई दे सकते हैं।
  • लेटे या आराम करने पर ये छोटे हो सकते हैं।
  • पुरुषों को कमर में भारीपन, खिंचाव, जलन या हल्का दर्द महसूस हो सकता है।

हर्निया से बचाव के तरीके

Dr. Vineet Malhotra ने कहा कि हर हर्निया को रोक पाना संभव नहीं है, लेकिन कुछ आदतों के जरिए इसे कम किया जा सकता है।

  • पुरुषों को अपना वजन कम करने पर ध्यान देना चाहिए।
  • अगर कब्ज लंबे समय से चल रहा है, तो डॉक्टर को दिखाएं। इसके साथ फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दाल जैसे फाइबर युक्त फूड्स डाइट में शामिल करें।
  • बहुत ज्यादा भारी वजन न उठाएं।
  • अगर लगातार खांसी हो रही है, तो उसका इलाज कराएं।
  • स्मोकिंग से दूरी रखें। जिन लोगों को हर्निया की शिकायत रहती हैं, उन्हें स्मोकिंग छोड़ने की सलाह दी जाती है।

निष्कर्ष
हर्निया की समस्या का इलाज फिजिकल टेस्ट के जरिए किया जा सकता है। अगर सही तरीके से डायग्नोज न हुआ हो, तो डॉक्टर अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन कराने की सलाह दे सकते हैं। हालांकि, हर्निया से बचाव के लिए पुरुषों को अपने वजन, लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतों और कब्ज पर ध्यान देना चाहिए। अगर किसी को कमर में उभार दिखाई दे रहा हो, तो उसे इग्नोर करने के बजाय डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

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FAQ

  • क्या हर्निया का इलाज बिना सर्जरी के केवल दवाइयों या बेल्ट से संभव है?

    हर्निया एक स्ट्रक्चरल समस्या है, जिसमें दवाइयां या हर्निया बेल्ट केवल अस्थायी राहत दे सकते हैं। इसका स्थायी और एकमात्र सुरक्षित इलाज सर्जरी ही है।
  • क्या जिम में बेल्ट लगाकर भारी वजन उठाने से हर्निया से बचाव हो सकता है?

    जिम बेल्ट केवल पीठ को सपोर्ट देती है। अगर भारी लिफ्टिंग के दौरान सही सांस लेने की तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया जाता, तो पेट के अंदर दबाव बढ़ जाता है, जिससे हर्निया का खतरा बना रहता है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 16, 2026 16:35 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Vineet Malhotra