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गोंद कतीरा और गोंद बादाम में क्या अंतर है? आयुर्वेदाचार्य से जानें

गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोग गोंद कतीरा का सेवन शुरू कर देते हैं लेकिन कई बार लोग गोंद कतीरा और गोंद बादाम में कंफ्यूज हो जाते हैं। यहां जानिए, गोंद कतीरा और गोंद बादाम में क्या अंतर है?

गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडक पहुंचाने और ताजगी बनाए रखने के लिए आयुर्वेद में कई प्राकृतिक उपायों का उल्लेख किया गया है। इन उपायों में गोंद कतीरा और गोंद बादाम का उपयोग विशेष रूप से लोकप्रिय है। दोनों ही गोंद शरीर को एनर्जी प्रदान करती हैं, पाचन तंत्र को सुधारती हैं और त्वचा को बेहतर बनाती हैं। कई लोग इन दोनों गोंदों के बीच भ्रमित हो जाते हैं, क्योंकि दोनों का उपयोग सेहत को सुधारने के लिए किया जाता है, लेकिन इनकी प्रकृति, गुण और प्रभाव में अंतर है। इस लेख में मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक, आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता (Dr. Kiran Gupta, Yoga, Naturopathy, Nutrition and Ayurveda Specialist, Professor at Mewar University and Senior Physician at Naturopathy Hospital, Bapunagar, Jaipur) से हम गोंद कतीरा और गोंद बादाम के अंतर को विस्तार से जानेंगे, ताकि आप सही समय पर और सही तरीके से इनका उपयोग कर सकें।

गोंद कतीरा और गोंद बादाम में क्या अंतर है? - What Is The Difference Between Gond Katira And Badam Gum

गोंद कतीरा क्या है? - What Is Gond Katira

गोंद कतीरा पारदर्शी और चिपचिपा होता है और इसका उपयोग आयुर्वेद में शारीरिक कमजोरी, पाचन तंत्र को बेहतर करने, शरीर की गर्मी कम करने और पित्त संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। गोंद कतीरा को अधिकतर शरीर को ठंडक पहुंचाने और शारीरिक ताजगी बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है।

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  • गोंद कतीरा पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है।
  • यह त्वचा को निखारने और हाइड्रेट करने में मदद करता है। यह मुंहासों, त्वचा पर जलन और खुजली से भी राहत दिलाता है।
  • गोंद कतीरा को दूध या पानी के साथ लेने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और कमजोरी दूर होती है।
  • गोंद कतीरा की ठंडी प्रकृति शरीर से अतिरिक्त गर्मी को बाहर निकालती है और सर्दी, खांसी, कफ जैसी समस्याओं से भी राहत दिलाती है।
  • गर्भवती महिलाओं के लिए यह एक सुरक्षित और प्राकृतिक उपाय है, क्योंकि यह शरीर को संतुलित और स्वस्थ रखने में मदद करता है।

गोंद बादाम क्या है? - What Is Badam Gum

बादाम गम एक प्रकार का गोंद है, यह गोंद बादाम के पौधे के तने से निकलता है और इसका रंग सफेद या हल्का पीला होता है। यह बहुत हल्का, गंधहीन और रंगहीन होता है और इसका उपयोग विशेष रूप से खाने के रूप में, सौंदर्य उत्पादों और आयुर्वेदिक उपचारों में किया जाता है।

Difference Between Gond Katira And Badam Gum

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  • गोंद बादाम को हार्ट की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। यह रक्त संचार को बेहतर बनाने और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है।
  • गोंद बादाम त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद करता है। यह त्वचा को सॉफ्ट और हाइड्रेट बनाए रखने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और गैस, पेट की जलन और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।
  • यह मस्तिष्क को ताजगी और स्फूर्ति प्रदान करता है और मानसिक थकान को कम करने में मदद करता है। यह याददाश्त और एकाग्रता को बढ़ाने के लिए भी उपयोगी है।
  • गोंद बादाम खांसी और जुकाम के लिए भी उपयोगी है, क्योंकि यह कफ को दूर करने और श्वसन तंत्र को साफ करने में मदद करता है।


गोंद कतीरा को आयुर्वेद में शीतवीर्य औषधि माना गया है। यह पित्त दोष को संतुलित करता है और वात-पित्त से जुड़ी बीमारियों में लाभकारी होता है। यह शरीर को ठंडा करता है, इसीलिए इसे गर्मियों में सेवन की सलाह दी जाती है। गोंद बादाम, वाजीकरण औषधियों की श्रेणी में आता है। यह पुरुषों की प्रजनन क्षमता और बल बढ़ाने में सहायक होता है। यह वात और कफ दोष को संतुलित करता है।

निष्कर्ष

गोंद कतीरा और गोंद बादाम दोनों ही आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से उपयोगी और प्रभावी गोंद हैं, लेकिन इनके उपयोग का तरीका और फायदे अलग-अलग होते हैं। जहां गोंद कतीरा ठंडी प्रकृति के कारण सर्दी-खांसी, त्वचा की समस्याओं और पाचन के लिए अधिक उपयुक्त है, वहीं बादाम गम हार्ट, मस्तिष्क और त्वचा के लिए फायदेमंद है। दोनों ही गोंद का सेवन सही मात्रा में और डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए।

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FAQ

  • गोंद कतीरा किस मौसम में खाना चाहिए?

    गोंद कतीरा को आयुर्वेद में शीतल तासीर वाला माना गया है, इसलिए इसका सेवन विशेष रूप से गर्मियों के मौसम में करना सबसे अधिक लाभकारी होता है। गर्मियों में जब शरीर में अधिक गर्मी, पसीना, जलन या डिहाइड्रेशन की समस्या होती है, तब गोंद कतीरा शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाता है और ऊर्जा देता है।
  • गोंद कतीरा कब और कैसे खाना चाहिए?

    गोंद कतीरा का सेवन गर्मियों में सुबह खाली पेट या दोपहर के समय करना सबसे अधिक लाभकारी माना जाता है। इसे रातभर पानी में भिगो दें, जिससे यह फूलकर जैली जैसा बन जाता है। सुबह इसमें शरबत, गुलाब जल या ठंडा दूध मिलाकर सेवन करें। आप चाहें तो इसमें चीनी या मिश्री भी स्वाद अनुसार डाल सकते हैं। यह शरीर को ठंडक पहुंचाता है, लू से बचाता है और पाचन तंत्र को बेहतर करता है।
  • 1 दिन में कितना गोंद कतीरा खाना चाहिए? 

    गोंद कतीरा का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। एक स्वस्थ व्यक्ति को दिनभर में 5 से 10 ग्राम तक गोंद कतीरा का सेवन पर्याप्त होता है। यह मात्रा शरीर की जरूरत, मौसम और स्वास्थ्य स्थिति पर भी निर्भर करती है। गोंद कतीरा को हमेशा पानी में भिगोकर फुलाकर ही लेना चाहिए, फिर उसे शरबत या ठंडे दूध के साथ मिलाकर पिया जा सकता है। 

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 02, 2025 10:00 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • May 02, 2025 10:00 IST

    Published By : Akanksha Tiwari

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