आपने यह सुना होगा कि पुरुषों को पहली बार यौन संबंध बनाने को लेकर परफाॅर्मेंस एंग्जायटी होती है। सवाल है, परफाॅर्मेंस एंग्जायटी है क्या और यह पुरुषों की सेक्शुअल लाइफ को कैसे प्रभावित करती है? विशेषज्ञ बताते हैं कि पहली बार यौन संबंध बनाने को लेकर पुरुषों में यह मानसिक रूप से डर, भय और इरेक्शन को बनाए रखने की जो चिंता होती है, उसे ही परफाॅर्मेंस एंग्जायटी कहा जाता है। इस लेख में हम मेडिकवर अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट, एंड्रोलॉजिस्ट और सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. विजय दहिफले से विस्तार से समझेंगे कि परफाॅर्मेंस एंग्जायटी क्या है और उनकी सेक्शुअल लाइफ पर क्या असर पड़ता है।
परफाॅर्मेंस एंग्जायटी क्या है?
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डॉ. विजय दहिफले कहते हैं, "यौन संबंध खुशी और एंजॉयमेंट का विषय होना चाहिए, लेकिन कई पुरुषों के लिए यह चिंता का विषय बन जाता है। आमतौर पर ऐसा तभी होता है जब पुरुष पहली बार किसी महिला पार्टनर के साथ यौन संबंध बनाने के बारे में सोचता है। इस दौरान उन्हें अपने इरेक्शन को बनाए रखने जैसी कुछ बातें परेशान करती हैं। इसी अवस्था को परफाॅर्मेंस एंग्जायटी कहा जाता है। सामान्य तौर पर कम उम्र के पुरुषों में इस तरह की दिक्कतें देखने को मिलती हैं, जो कि समय के साथ-साथ ठीक हो जाती हैं।"
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परफाॅर्मेंस एंग्जायटी का सेक्शुअल लाइफ पर असर
- इरेक्टाइल डिस्फंक्शनः साल 2013 में General Hospital Psychiatry में प्रकाशित रिसर्च पेपर के अनुसार, पुरुषों में ED सिर्फ खराब ब्लड फ्लो और हार्मोन के कारण ही नहीं होता है, बल्कि तनाव भी इसमें अहम योगदान निभाता यही। तनाव परफाॅर्मेंस से जुड़ा हुआ भी हो सकता है। परफाॅर्मेंस एंग्जायटी के कारण शरीर फाइट एंड फ्लाइट मोड में रहता है। इसकी वजह से एड्रेनलाइन, जैसे स्ट्रेस हार्मोन रिलीज होते हैं, जिससे रक्त वाहिकाओं में संकुचन पैदा होता है और ब्लड फ्लो बाधित होता है। ऐसे में इरेक्शन बनाने में दिक्कत होती है।
- प्री-मैच्योर इजैकुलेशनः जैसा कि हमने पहले ही जिक्र किया है कि परफाॅर्मेंस एंग्जायटी के कारण इरेक्शन बनाने में दिक्कत आती है। यहां तक कि एंग्जायटी का नर्वस सिस्टम पर इतना ज्यादा प्रभाव पड़ता है कि कई बार पुरुषों के लिए लंबे समय तक इरेक्शन को बनाए रखना मुश्किल हो जाता है, जिस वजह से प्री-मैच्योर इजैकुलेशन हो सकता है।
- इजैकुलेशन में देरीः हर बार प्री-मैच्योर इजैकुलेशन हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ पुरुषों के साथ स्थिति बिल्कुल विपरीत होती है। परफाॅर्मेंस एंग्जायटी के कारण पुरुषों में इजैकुलेशन में देरी होती है।
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परफाॅर्मेंस एंग्जायटी के कारण
परफाॅर्मेंस एंग्जायटी दूर करने के लिए सबसे पहले जरूरी है कि पुरुष इनके कारणों को गहराई से समझें, जैसे-
नेगेटिव रिएक्शन का डर
कुछ पुरुष सेक्शुअल रिलेशनशिप को इतनी गंभीरता से ले लेते हैं कि उन्हें लगता है कि अगर यौन संबंध बनाते हुए उनका परफाॅर्मेंस खराब हुआ, तो उनकी पार्टनर उनका मजाक उड़ा सकती है। यही नहीं, कुछ लोग अपने शारीरिक रंग-रूप और गठन को लेकर भी चिंतित होते हैं। ऐसा महिला या पुरुष दोनों के साथ हो सकता है।
पुराने और बुरे अनुभव
परफाॅर्मेंस एंग्जायटी का डर उन लोगों में भी देखने को मिलता है, जिनके यौन संबंध से जुड़े अनुभव बुरे रहे हों। जैसे पुरुषों के साथ ऐसा हो सकता है कि यौन संबंध बनाने के दौरान लिंग में तनाव नहीं हुआ यानी इरेक्शन नहीं हुआ या प्रीमैच्योर इजैकुलेशन यानी शीघ्रपतन हो गया। ऐसे अनुभव अक्सर पुरुषों के सेक्शुअल रिलेशनशिप पर बुरा असर डालते हैं।
तनाव का बढ़ना
Healthy Male की मानें, तो तनाव कई तरह से पुरुषों की सेक्शुअल लाइफ को प्रभावित करता है। यही नहीं, परफाॅर्मेंस एंग्जायटी को बढ़ाने में तनाव का भी बहुत बड़ा रोल होता है। कई बार नौकरी से जुड़ा तनाव या अपने रिश्तों को लेकर चिंता के कारण भी यौन संबंध बनाते वक्त मुश्किल आती है। ध्यान रखें कि बढ़ता तनाव अक्सर परफाॅर्मेंस एंग्जायटी को बढ़ा देता है, जिससे पुरुषों में अस्थायी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की दिक्कत भी हो सकती है।
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परफाॅर्मेंस एंग्जायटी से कैसे बचाव करें?
डॉ. विजय दहिफले बताते हैं कि परफाॅर्मेंस एंग्जायटी से डील करना मुश्किल नहीं है। यहां बताए गए सुझाव को अपना सकते हैं-
- सेक्शुअल रिलेशनशिप को लेकर अपने पार्टनर से खुलकर बात करें। इससे आपका तनाव कम होता है और एंग्जायटी में भी कमी आती है। इस तरह परफाॅर्मेंस का डर भी दूर होता है।
- परफाॅर्मेंस एंग्जायटी से निपटने के लिए तनाव के स्तर को कम करना भी जरूरी होता है। अगर आप किसी बात से परेशान हैं या पुराने अनुभव नए सेक्शुअल संबंध नहीं बनाने दे रहे हैं, तो बेहतर है कि आप उससे निकलने का समाधान खोजें।
- यौन संबंध बनाने से पहले अपने परफाॅर्मेंस पर जोर न दें। इसके बजाय, पार्टनर के साथ हर क्षण को एंजॉय करने के बारे में सोचें। इससे तनाव कम होगा और उत्साह में बढ़ोतरी होगी। Cleveland Clinic की मानें, तो पार्टनर के साथ बातचीत करने से समस्या में काफी हद तक कमी आती है।
- अंतरंग संबंध बनाने से पहले आप डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज कर सकते हैं। इससे आपका मन शांत होगा और परफाॅर्मेंस एंग्जायटी का डर कम होगा।
- अगर तमाम कोशिशों के बावजूद आप परफाॅर्मेंस एंग्जायटी से उबर नहीं पा रहे हैं, तो ऐसे में डाॅक्टर के पास जाएं और उनकी दी हुई सलाह को जीवनशैली में अपनाएं।
निष्कर्ष
परफाॅर्मेंस एंग्जायटी कोई बीमारी नहीं है। यह महज एक किस्म का डर है, जो यौन संबंध को प्रभावित कर सकता है। पुरुष तनाव को कम करके, पार्टनर के साथ अच्छी और अंतरंग बातचीत करके परफाॅर्मेंस एंग्जायटी से उबर सकते हैं। अगर आपके द्वारा की गई तमाम कोशिशें सफल नहीं हो रही हैं या जीवन में कभी यौन संबंध को लेकर कड़वे इतिहास रहे हैं, तो प्रोफेशनल की मदद लेने में गुरेज नहीं करना चाहिए।
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FAQ
क्या डाइट और एक्सरसाइज से भी परफाॅर्मेंस एंग्जायटी को कम किया जा सकता है?
हां, कार्डियो एक्सरसाइज और संतुलित खान-पान से ब्लड फ्लो में सुधार होता है, जिससे परफाॅर्मेंस एंग्जायटी कम होती है।क्या परफाॅर्मेंस एंग्जायटी दूर करने के लिए काउंसलिंग या CBT थेरेपी मददगार है?
CBT यानी कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी से परफाॅर्मेंस का मानसिक दबाव दूर होता है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और अन्य चिंताएं भी कुछ कम होती हैं। इस परफाॅर्मेंस एंग्जायटी से छुटकारा मिल जाता है।
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Jul 30, 2026 17:44 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Vijay Singhal