Fri Sep 11, 2026 | 07:29 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vijay S Dahiphale , Consultant Urologist, Andrologist & Sexologist

Premature Ejaculation: शीघ्रपतन क्यों होता है? डॉक्टर से जानें इसके 5 कारण

Premature Ejaculation Causes: शीघ्रपतन की समस्या को लेकर कई पुरुष परेशान हो जाते हैं और अक्सर इस समस्या को लेकर डॉक्टर से बात करने में हिचक महसूस करते हैं। आपको बता दें कि यह कोई ऐसी समस्या नहीं है, जिसका इलाज संभव नहीं है। इस लेख में आपको शीघ्रपतन होने के कारणों का जिक्र कर रहे हैं।

शीघ्रपतन पुरुषों से जुड़ी एक यौन समस्या है। यह समस्या तब होती है, जब कोई पुरुष अपनी या अपने पार्टनर की इच्छा से पहले ही स्खलित हो जाता है। यह चिंता का विषय तब बनता है, जब कोई पुरुष महज एक मिनट के अंदर स्खलित हो जाता है। कई पुरुषों को यह गंभीर समस्या लग सकती है, लेकिन यह बिल्कुल सामान्य है और इसका इलाज भी संभव है। हालांकि, ऐसा क्यों हो रहा है, इसका कारण जानना अधिक जरूरी है। इस लेख में मेडिकवर अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट, एंड्रोलॉजिस्ट और सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. विजय दहिफले से जानें इनके कारणों के बारे में।

शीघ्रपतन होने के कारण- Premature Ejaculation Causes

परफॉर्मेंस एंग्जाइटी

Cleveland Clinic की मानें, तो शीघ्रपतन के सबसे बड़ा और सामान्य कारणों में से एक परफॉर्मेंस एंग्जाइटी है। ऐसा खासकर उन लोगों के साथ होता है, जो पहली बार या नए पार्टनर के साथ अंतरंग संबंध बनाते हैं। इसके अलावा, जो व्यक्ति लंबे समय तक यौन संबंध से दूर रहता है और जब इसकी नए सिरे से शुरुआत करता है, तब इस तरह की परेशानी आ सकती है। यही नहीं, कई बार अत्यधिक उत्तेजना के कारण भी ऐसी समस्या होती है। डाॅ. विजय दहिफले बताते हैं कि यह किसी भी तरह से चिंता का विषय नहीं है।

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स्ट्रेस का बढ़ना

आमतौर पर स्ट्रेस होने पर यौन संबंध बनाना काफी मुश्किल हो जाता है। वहीं, अगर कोई इस दौरान यौन संबंध बनाता है, तो ऐसे में स्ट्रेस बढ़ सकता है। साल 2022 में जर्नल European Psychiatry में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, पुरुषों में सेकेंडरी शीघ्रपतन का सीधा संबंध मानसिक तनाव और दर्दनाक अनुभवों से होता है। दरअसल, स्ट्रेस के कारण शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इस अध्ययन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो पुरुष इस समस्या से जूझ रहे हैं, उनमें तनाव और मनोवैज्ञानिक लक्षणों का स्तर सामान्य पुरुषों की तुलना में काफी अधिक होता है। इसलिए, अगर किसी को स्ट्रेस के कारण स्खलन की समस्या हो रही है, तो उन्हें इस स्थिति को इग्नोर नहीं करना चाहिए।

न्यूरोट्रांसमीटर में असंतुलन

शायद आपको यह जानकर आश्चर्य हो, लेकिन यह सच है कि न्यूरोट्रांसमीटर सिस्टम में हो रहे असंतुलन के कारण भी हो सकता है। इस संबंध में National Library Of Medicine- NIH पर प्रकाशित एक चिकित्सा गाइडबुक लेख के अनुसार, शीघ्रपतन एक जटिल कंडीशन होती है, जिसमें ब्रेन के न्यूरोट्रांसमीटर सिस्टम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉ. विजय दहिफले बताते हैं, "जब ब्रेन में सेरोटोनिन हार्मोन का स्तर गिर जाता है, तो इसकी वजह से स्खलन को नियंत्रित करने की क्षमता कमजोर हो जाती है। इसलिए, कुछ पुरुषों में शीघ्रपन की समस्या देखने को मिलती है। आमतौर पर न्यूरोट्रांसमीटर सिस्टम के इलाज में सेरोटोनिन के स्तर को संतुलित करने वाली दवाओं का उपयोग न्यूरोट्रांसमीटर सिग्नलिंग को सुधारने और स्खलन के समय को बढ़ाने के लिए किया जाता है।

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हार्मोनल बदलाव

हार्मोनल बदलाव भी शीघ्रपतन के लिए जिम्मेदार होते हैं। दरअसल, टेस्टोस्टेरोन और थायराइड के स्तर में बदलाव होने की वजह से शीघ्रपतन की समस्या खड़ी हो सकती है। साल 2012 में Nature Reviews Urology में प्राकशित रिव्यू आर्टिकल के अनुसार, पुरुषों में स्खलन यानी इजैक्युलेशन की प्रक्रिया को नियंत्रित करने में विभिन्न हार्मोनों (जैसे ऑक्सिटोसिन, थायराइड हार्मोन, टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शोध में आगे बताया गया है जैसे अगर किसी को थायराइड से जुड़ी समस्या है, तो इसका सही ट्रीटमेंट करके स्खलन संबंधी समस्याओं, जैसे शीघ्रपतन में काफी सुधार किया जा सकता है।

यूरिन इंफेक्शन

जिन पुरुषों में यूरिन इंफेक्शन की दिक्कत होती है, उन्हें भी शीघ्रपतन जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। International Journal Of Impotence Research की मानें, तो यूरिन इंफेक्शन के लक्षणों जैसे बार-बार पेशाब आना, पेशाब रोकने में कठिनाई या प्रोस्टेट की समस्या महसूस होना और शीघ्रपतन के बीच गहरा संबंध है। रिपोर्ट से पता चलता है कि पेशाब संबंधी इन समस्याओं से जूझ रहे 12 से 77 फीसदी पुरुषों में शीघ्रपतन की शिकायत पाई जाती है। निष्कर्ष यह निकलता है कि पुरुषों में शीघ्रपतन का इलाज करते समय मूत्र मार्ग और प्रोस्टेट से जुड़े लक्षणों की जांच करना भी जरूरी होता है, ताकि शीघ्रपतन की समस्या का निवारण किया जा सके।

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डॉक्टर के पास कब जाएं?

शीघ्रपतन जैसी समस्या होने पर इसके कारण को सबसे पहले समझने की कोशिश करें। अगर परफॉर्मेंस एंजायटी है, तो इसे लेकर ज्यादा चिंतित न हों। अपने पार्टनर के साथ रिश्ते में सुधार करें। इससे धीरे-धीरे अंतरंग संबंधों में सुधार होने लगता है, जिससे यह समस्या खत्म हो जाती है। बहरहाल, अगर शीघ्रपतन होने का कोई अन्य कारण हैं, तो इस पर विचार किया जाना चाहिए और लक्षणों को भी नोटिस करना चाहिए, जैसे-

  • जब शीघ्रपतन की समस्या बार-बार हो और लंबे समय तक बनी रहती है।
  • अगर यौन संबंध शुरू होने से पहले या शुरू होने के 1 मिनट के भीतर ही स्खलन हो जाना।
  • संभोग के दौरान स्खलन को रोकने या उसे कंट्रोल करने में दिक्कत महसूस करना।
  • किसी वजह से आपके या आपके पार्टनर के बीच असंतोष, दुविधा या दूरी आ जाना।
  • शीघ्रपतन के साथ कई अन्य लक्षण नजर आना, जैसे इरेक्शन पाने या उसे बनाए रखने में भी कठिनाई महसूस करना।

निष्कर्ष

शीघ्रपतन पुरुषों की एक समस्या है। ऐसा नहीं है कि इसे कंट्रोल नहीं किया जा सकता है। अगर किसी के साथ यह समस्या बार-बार हो, तो उन्हें सबसे पहले इसके कारणों पर गौर करना चाहिए। इसके बाद इस संबंध में डॉक्टर से संपर्क कर अपना इलाज करवाना चाहिए। उनकी दी हुई सलाह पर गौर करें और समय पर हर दवा लें।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jul 23, 2026 18:04 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Vijay S Dahiphale

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