Common Causes Of Pelvic Pain In Women: पेट के निचले हिस्से में हो रहे दर्द को हम पेल्विक पेन कहते हैं। यह एक्चुअल में नाभि और ग्रोइन के बीच का हिस्सा होता है। वैसे तो पेल्विक पेन पुरुष और महिला, दोनों को हो सकता है। हालांकि, दोनों में यह समस्या होने के अलग-अलग कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। आमतौर पर पेल्विक पेन की बात आते ही हम इसे महिला स्वास्थ्य से जोड़ देते हैं। इसमें कोई दो राय नहीं है कि महिलाओं में पेल्विक पेन अधिक देखा जाता है। आइए, Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता से जानते हैं कि महिलाओं में पेल्विक पेन होने के पीछे क्या-क्या कारण जिम्मेदार हैं।
महिलाओं में पेल्विक पेन होने के कारण- Causes Of Pelvic Cramps In Women
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1. मासिक धर्म
पीरियड्स के दौरान लगभग हर महिला किसी न किसी तरह की परेशानी से दो-चार होती है। जैसे उन्हें पेट दर्द, पीठ दर्द, मूड स्विंग जैसी कई समस्याएं होती हैं। इसी तरह उन्हें पेल्विक पेन भी होता है। विशेषज्ञों की मानें, तो महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान यूटेराइन कॉन्ट्रैक्शन की वजह से पेल्विक पेन होता है। कुछ महिलाओं में यह डिसमेनोरिया कंडीशन तक पहुंच जाता है। डिसमेनोरिया का मतलब है पेनफुल पीरियड्स।
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2. एंडोमेट्रियोसिस
एंडोमेट्रियोसिस भी एक मेडिकल कंडीशन है। इसमें महिलाओं में गर्भाशय के बाहर यूटेराइन लाइनिंग ग्रो करने लगता है। आपको बता दें कि गर्भाशय के अंदर की परत को एंडोमेट्रियम कहा जाता है। जब यही परत गर्भाशय से बाहर यानी ओवरीज या फैलोपियन ट्यूब में विकसित होने लगती है, तभी एंडोमेट्रियोसिस होता है। एंडोमेट्रियोसिस होने पर कई तरह के लक्षण नजर आते हैं, जैसे पीरियड्स के दौरान काफी दर्द होना, इंफर्टिलिटी, थकान, पेनफुल इंटरकोर्स और पेल्विक एरिया में दर्द।
3. ओवरियन सिस्ट

महिलाओं में पेल्विक पेन होने का एक मुख्य कारण ओवरियन सिस्ट भी है। इसे हम हिंदी में अंडाशय में गांठ के नाम से जानते हैं। यह असल में अंडाशय में तरल पदार्थ से भरी एक थैली के आकार का सिस्ट होता है। वैसे तो इसका कोई नुकसान नहीं है, लेकिन कुछ मामलों में देखने में आता है कि इसकी वजह से महिलाओं को पेट के निचले हिस्से में दर्द, अनियमित पीरियड्स आदि होते हैं। यहां तक कि संभोग के दौरान दर्द भी हो सकता है।
4. गर्भाशय फाइब्रॉएड
गर्भाशय में होने वाली गैर कैंसर-युक्त गांठों को गर्भाशय फाइब्रॉएड या गर्भाशय की रसौली कहा जाता है। विशेषज्ञों की मानें, तो गर्भाशय फाइब्रॉएड होने पर विशेष कोई लक्षण नजर नहीं आते हैं, लेकिन अपवाद हर जगह हो सकते हैं। इसी तरह, गर्भाशय फाइब्रॉएड से पीड़ित कुछ महिलाओं को मासिक धर्म में दर्द, पेल्विक एरिया में दर्द और प्रजनन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। NCBI की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि पेल्विक एरिया में पेन का एक बड़ा कारण गर्भाशय में फाइब्रॉएड होना भी है।
5. एक्टोपिक प्रेग्नेंसी
एक्टोपिक प्रेग्नेंसी एक तरह की मेडिकल इमरजेंसी है। इस कंडीशन में गर्भ गर्भाशय में न ठहरकर इसके बाहर जैसे फैलोपियन ट्यूब में प्रत्यारोपित होकर विकसित होने लगता है। विशेषज्ञ इसे जानलेवा कहते हैं और जैसे ही किसी महिला को एक्टोपिक प्रेग्नेंसी होती है, उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह देते हैं। यह कंडीशन होने पर पेट दर्द, पेल्विक पेन, वजाइनल ब्लीडिंग आदि संकेत नजर आ सकते हैं।
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निष्कर्ष
यूं तो पेल्विक पेन किसी सामान्य कारण से भी हो सकता है। कभी-कभी यह गंभीर स्थिति पैदा करता है। इसलिए, अगर किसी को लंबे समय से पेल्विक पेन हो रहा है, दर्द बार-बार आ-जा रहा है, तो इसे इग्नोर न करें। बेहतर होगा कि आप इस संबंध में डॉक्टर से मिलें और तुरंत अपना ट्रीटमेंट करवाएं। हां, अगर आपको पेल्विक पेन के साथ-साथ अन्य लक्षण दिखे, जैसे ब्लीडिंग होना, चक्कर आना, कंधे में दर्द होना आदि तो आपको इसे किसी भी कंडीशन में इग्नोर नहीं करना चाहिए।
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FAQ
पेल्विक एरिया में दर्द होने के क्या कारण हैं?
पेल्विक एरिया यानी नाभि के नीचे वाले हिस्से में दर्द होने कई कारणों से हो सकते हैं, जैसे मूत्र, पाचन, प्रजनन (एंडोमेट्रियोसिस, ओवरी सिस्ट) समस्याएं।पेल्विक कैंसर के क्या लक्षण हैं?
पेल्विक कैंसर के पहले लक्षण की बात करें, तो इसमें पेशाब में खून आने लगता है। इसके अलावा, पेशाब में जलन और दर्द होना भी इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं।पेल्विक एरिया को मजबूत कैसे करें?
पेल्विक एरिया को मजबूत करने के लिए आप कीगल एक्सरसाइज करें। इससे पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है।
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Jan 13, 2026 17:54 IST
Modified By : Meera Tagore Jan 13, 2026 17:54 IST
Modified By : Meera TagoreJan 13, 2026 17:54 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta