Sexual Desire During Periods: पीरियड्स के दौरान महिलाओं में हार्मोनल परिवर्तन होते हैं। इन दिनों एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन में काफी ज्यादा बदलाव होते हैं, इसका असर उनके मूड पर भी पड़ता है। कुछ महिलाएं इन दिनों काफी ज्यादा चिड़चिड़ी हो जाती हैं, तो कुछ महिलाओं को गुस्सा बहुत ज्यादा आता है। ऐसा इसलिए कहा जा सकता है, क्योंकि इन दिनों पेट दर्द, कमर दर्द और शारीरिक रूप से असहजता काफी ज्यादा होती है। इसका नेगेटिव असर मूड पर पड़ना स्वाभाविक है। कुछ लोगों का मानना है कि महिलाओं में पीरियड्स के दौरान सेक्स करने की चाह बढ़ जाती है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या वाकई पीरियड्स की वजह से महिलाओं में यौन इच्छा बढ़ जाती है? आइए, जानते हैं Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता की क्या राय है।
क्या पीरियड्स में सेक्स की इच्छा बढ़ जाती है?- Does Sexual Desire Increase During Periods
-1768214208473.jpg)
यह सच है कि पीरियड्स के दौरान हो रहे हार्मोनल बदलाव की वजह से महिलाओं में यौनेच्छा प्रभावित होती है। वैसे भी इन दिनों एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन में काफी ज्यादा बदलाव देखने को मिलते हैं। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि कुछ महिलाओं में पीरियड्स के दौरान सेक्स की चाह बढ़ सकती है, तो ऐसी महिलाओं की संख्या भी कम नहीं है, जिनकी यौन इच्छा घट जाती है। थकान और कमजोरी इसका मुख्य कारण होते हैं। विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि पीरियड्स में यौन इच्छा बढ़ना या घटना दोनों ही पूरी तरह नॉर्मल है। यह सब साइकोलॉजिकल फैक्टर और फिजिकल सेंसेशन के कारण होता है। NCBI की एक रिपोर्ट भी इस बात की पुष्टि करती है कि एस्ट्रोजन बढ़ने पर कामेच्छा बढ़ सकती है।
इसे भी पढ़ें: Sexual Health: सेक्सुअल हेल्थ से जुड़े इन 5 लक्षणों को महिलाएं न करें नजरअंदाज, हो सकता है नुकसान
पीरियड्स में सेक्स इच्छा क्यों बढ़ जाती है
1. एस्ट्रोजन में बढ़ोतरीः पीरियड्स के दौरान महिलाओं में एस्ट्रोजन का स्तर काफी ज्यादा बढ़ जाता है। इसे सेक्शुअल डिजायर के साथ जोड़कर देखा जाता है। विशेषज्ञ भी कहते हैं कि पीरियड्स में एस्ट्रोजन के साथ-साथ टेस्टोस्टेरोन का स्तर भी बढ़ जाता है।
2. हार्मोनल बदलावः ओवुलेशन के बाद प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन के स्तर में तेजी से गिरावट आ जाती है। वहीं, अगर टेस्टोस्टेरोन बढ़ जाता है, तो इस कंडीशन को भी यौन इच्छा बढ़ाने के लिए जिम्मेदार माना जाता है।
3. फिजिकल फैक्टरः विशेषज्ञ इस बात की भी पुष्टि करते हैं कि पीरियड्स के दौरान पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो बढ़ जाता है। ऐसे में पेट के निचले हिस्से में क्रैंप होने लगता है। वहीं, सेक्शुअल रिलेशनशिप बनाने से क्रैंप में कमी आती है और महिलाओं को अच्छा फील होता है।
इसे भी पढ़ें: संबंध बनाने के बाद फॉलो करें वजाइनल हाइजीन से जुड़े ये 5 नियम, नहीं होगा संक्रमण
निष्कर्ष
वैसे तो यह जरूरी नहीं कि पीरियड्स के दौरान हर महिला में सेक्शुअल डिजायर बढ़ जाए। कुछ महिलाओं में इसका प्रभाव उल्टा होता है। विशेषज्ञ दोनों ही स्थितियों को नॉर्मल मानते हैं। इसलिए, इस संबंध में महिलाओं को परेशान नहीं होना चाहिए। हां, अगर किसी महिला को अपनी लिबिडो (यौन इच्छा) से संबंधित कोई सवाल है, तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से बात करनी चाहिए। डॉक्टर जांच करके उन्हें सही सुझाव दे सकते हैं।
All Image Credit: Freepik
FAQ
पीरियड्स में लड़कियां क्या फील करती हैं?
पीरिड्स के दौरान हर महिला के शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं। ऐसे में उन्हें पेट में ऐंठन, दर्द, पीठ और पैरों में दर्द, थकान, मूड स्विंग्स (चिड़चिड़ापन या उदासी), पेट फूलना, सिरदर्द और ब्रेस्ट में टेंडरनेस महसूस करना जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।पीरियड में कंडोम लगाने से क्या होता है?
पीरियड्स में सेक्शुअल रिलेशनशिप बनाते हुए कंडोम लगाना अच्छा होता है। इससे न सिर्फ एसटीआई (STI) जैसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का रिस्क कम होता है, बल्कि असमय गर्भावस्था से भी बचा जा सकता है।शारीरिक संबंध कब नहीं बनाने चाहिए?
शारीरिक संबंध कब नहीं बनाना चाहिए, इस संबंध में सबकी अपनी निजी राय हो सकती है। हां, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मानसिक समस्या, स्वास्थ्य समस्या, थकान, कमजोरी, संक्रमण आदि में यौन संबंध बनाने से बचना चाहिए।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jan 12, 2026 16:08 IST
Modified By : Meera Tagore Jan 12, 2026 16:08 IST
Modified By : Meera TagoreJan 12, 2026 16:08 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta