मां बनना किसी भी महिला के जीवन के सबसे सुखद और जीवन बदल देने वाला अनुभव होता है। हालांकि, बच्चे के जन्म के बाद कई महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में काफी बदलाव आते हैं। खासकर प्रेग्नेंसी के तुरंत बाद महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करती हैं, जिसमें उनके इमोशनल हेल्थ में कई तरह के उतार-चढ़ाव आते हैं। इस स्थिति को पोस्टपार्टम ब्लूज या पोस्टपार्टम डिप्रेशन कहा जाता है। यह कोई मानसिक बीमारी नहीं होती है, बल्कि प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों और लाइफस्टाइल में अचानक आए बदलावों के कारण होने वाली एक सामान्य स्थिति है। आमतौर पर यह बच्चे के जन्म के 2 से 5 दिन में शुरू होती है और 1-2 हफ्ते में अपने आप ठीक हो सकती है। ऐसे में आइए दिल्ली के आनंद निकेतन में स्थित गायनिका: एवरी वुमन मैटर क्लीनिक की सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन (Dr. (Col.) Gunjan Malhotra Sarin, Senior Consultant, Obstetrics and Gynecologist, Gynecology: Every Woman Matters Clinic, located in Anand Niketan, Delhi) से जानते हैं कि पोस्टपार्टम ब्लूज के क्या लक्षण हैं और इससे निपटने के लिए क्या करना चाहिए?
पोस्टपार्टम ब्लूज़ क्या है?
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन के अनुसार, पोस्टपार्टम ब्लूज वह कंडीशन है, जिसमें नई मां बिना किसी कारण के उदास, इमोशनल या परेशान महसूस करती हैं। लगभग 70 से 80 प्रतिशत महिलाओं को डिलीवरी के बाद इस स्थिति का अनुभव होता है। यह स्थिति कुछ समय में खुद ठीक हो जाती है, लेकिन इस दौरान उन्हें सही समझ और सहयोग की खास जरूरत होती है।
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पोस्टपार्टम ब्लूज के लक्षण
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन का कहना है कि, पोस्टपार्टम ब्लूज से गुजर रही महिलाओं (postpartum depression ke lakshan) में कई तरह के लक्षण नजर आ सकते हैं, जिसमें:
- महिला कभी बहुत खुश महसूस करती है और अगले ही पल अचानक उदास हो जाती है या रोने लगती है। छोटी-छोटी बातों पर उनके इमोशन्स उन पर हावी हो जाती है।
- बिना किसी खास कारण रोने का मन करना पोस्टपार्टम ब्लूज का सबसे आम लक्षण होता है, जिसमें महिला खुद भी समझ नहीं पाती है कि वह क्यों रो रही है।
- नई मां को जल्दी गुस्सा आना, बेचैन रहना या छोटी-छोटी बातों पर झुंझलाहट महसूस होने लगती है।
- डिलीवरी के बाद शरीर कमजोर महसूस करता है, साथ ही नींद की कमी भी रहती है, जिसके कारण मानसिक और शारीरिक थकान बढ़ जाती है।
- कई बार पोस्टपार्टम ब्लूज के कारण बच्चे के सो जाने के बाद भी मां को नींद नहीं आती है या बच्चे की सही देखभाल करने में उन्हें समस्या होती है।
- बच्चे की सेहत, भविष्य या अपनी जिम्मेदारियों को लेकर अक्सर वह जरूरत से ज्यादा चिंता होना भी इसका एक आम लक्षण है।
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पोस्टपार्टम ब्लूज से निपटने के उपाय
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन के मुताबिक, पोस्टपार्टम ब्लूज से निपटने के लिए आप इन उपायों को अपना सकती हैं:
- सबसे जरूरी है कि आप यह समझे कि पोस्टपार्टम ब्लूज एक आम बात है। इसलिए किसी भी चीज के लिए खुद को कमजोर या दोषी महसूस न करें। अपनी भावनाओं को दबाने के स्थान पर उन्हें स्वीकार करें।
- अपने पति, माता-पिता या किसी करीबी दोस्त से खुलकर बात करें। अपनी भावनाओं को शेयर करने से आपका मन हल्का होता है और तनाव कम होता है।
- जब भी बच्चा सोए तो आप भी आराम करने की कोशिश करें। नींद की कमी मानसिक स्थिति को और खराब कर सकती है।
- दिन में थोड़ा समय सिर्फ अपने लिए निकालें, जिसमें आप हल्के गाने सुने, गहरी सांस ले या कुछ मिनट टहलना भी आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
- पोषक तत्वों से भरपूर भोजन आपके शरीर और मन दोनों से मजबूत बनाने में मदद करता है। इसलिए, आप अपनी डाइट में आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर फूड्स का सेवन करें।
- नई मां के लिए हर चीज तुरंत परफेक्ट होना जरूरी नहीं है। आपसे गलतियां होना आम बात है, इसलिए धीरे-धीरे सीखना ही आपके लिए सही तरीका है।
निष्कर्ष
पोस्टपार्टम ब्लूज नई मां की लाइफ का एक आम लेकिन सेंसिटिव हिस्सा होता है। सही जानकारी, परिवार का सहयोग और खुद की देखभाल में इस स्थिति से आसानी से निपटा जा सकता है। हालांकि, अगर आपको खुद को संभालने में समस्या हो तो आप बिना देर किए अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें।
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Jan 10, 2026 11:44 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Jan 10, 2026 11:44 IST
Modified By : Katyayani TiwariJan 10, 2026 11:44 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Gunjan Sarin