ठंडा पानी या कोल्ड ड्रिंक पीना, मौसम बदलने या अन्य कारणों से खांसी आना किसी भी व्यक्ति के लिए आम समस्या हो सकती है। खांसी एक नॉर्मल शारीरिक प्रक्रिया है, जिसके जरिए हमारा शरीर सांस की नली और फेफड़ों में मौजूद धूल, बलगम, धुएं और अन्य बाहरी कणों को बाहर निकालने की कोशिश करता है। ज्यादातर मामलों में खांसी की समस्या कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन जब खांसी लंबे समय तक बनी रहती है या बार-बार वापस आती है तो इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida का कहना है कि लगातार रहने वाली खांसी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। कई बार अस्थमा, एलर्जी, टीबी, फेफड़ों के इंफेक्शन या गंभीर श्वसन से जुड़ी बीमारियों का शुरुआती संकेत हो सकती है।
लंबे समय तक खांसी रहने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?
साल 2025 में The Journal of Allergy and Clinical Immunology: In Practice में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, लगातार या क्रॉनिक खांसी होना अपर एयरवे कफ सिंड्रोम, अस्थमा, गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज और नॉन-अस्थमैटिक, अस्थमा, गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज और नॉन-अस्थमैटिक इोसिनोफिलिक ब्रोंकाइटिस शामिल हैं।
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि लगातार खांसी होने के कई कारण हो सकते हैं। सही कारण की पहचान करना इलाज की पहली और सबसे जरूरी प्रक्रिया है।
1. अस्थमा
अस्थमा के मरीजों में सांस की नलियों में सूजन और सेंसिटिविटी बढ़ जाती है। इसके कारण बार-बार सूखी खांसी, सांस लेने में परेशानी और सीने में जकड़न की समस्या हो सकती है। कई लोगों में रात के समय, सुबह जल्दी या शारीरिक गतिविधि के दौरान खांसी ज्यादा बढ़ जाती है।
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2. एलर्जी और साइनस की समस्या
धूल मिट्टी, परागकण, पालतू जानवरों के बाल और प्रदूषण के संपर्क में आने से एलर्जी हो सकती है। वहीं साइनस की समस्या में नाक से निकलने वाला बलगम गले के पीछे की तरफ आने लगता है, जिसे पोस्ट नेजल ड्रिप कहते हैं। इससे बार-बार गला साफ करने की इच्छा और लगातार खांसी हो सकती है।
3. टीबी
भारत में लंबे समय तक रहने वाली खांसी का एक अहम कारण फेफड़ों की टीबी भी हो सकती है। अगर खांसी दो हफ्ते या उससे ज्यादा समय तक बनी रहे, खासकर उसके साथ बलगम में खून, बुखार, रात में पसीना आना, भूख कम लगना या वजन घटना जैसे लक्षण हों तो टीबी की जांच कराना जरूरी है।
4. क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस और COPD
लंबे समय तक स्मोकिंग करने वाले लोगों में फेफड़ों की सांस की नलियों में सूजन और डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके कारण लगातार बलगम वाली खांसी, सांस फूलना और सीने में भारीपन महसूस हो सकता है। COPD एक गंभीर फेफड़ों की बीमारी है, जिसका समय पर इलाज और मैनेज करना जरूरी है।
5. एसिड रिफ्लक्स
कई बार पेट से बनने वाला एसिड भोजन नली के रास्ते ऊपर गले तक पहुंच जाता है। इससे गले में जलन, खट्टी डकार, आवाज में भारीपन और लगातार सूखी खांसी हो सकती है। कुछ मरीजों में सीने में जलन न होने के बाद भी एसिड रिफ्लक्स के कारण खांसी की समस्या बनी रहती है।
6. फेफड़ों का इंफेक्शन और अन्य बीमारियां
निमोनिया, कुछ अन्य सांस से जुड़ी इंफेक्शन और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियां भी लंबे समय तक खांसी का कारण बन सकती हैं। कुछ मामलों में फेफड़ों का कैंसर भी लगातार खांसी के रूप में सामने आ सकता है, खासकर अगर खांसी का स्वरूप बदल रहा हो या उसके साथ खून आ रहा हो।
खांसी के साथ दिखने वाले इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
Dr. Akshay Chugh के मुताबिक, लंबे समय तक खांसी रहने के साथ अगर ये लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए-
- खांसते समय बलगम में खून आना
- बिना किसी साफ कारण के वजन कम होना
- लगातार बुखार रहना या रात में ज्यादा पसीना आना
- सांस लेने में परेशानी या सांस फूलना
- सीने में दर्द या लगातार भारीपन महसूस होना
- भूख कम लगना और शरीर में कमजोरी रहना
- रात के समय खांसी का बहुत ज्यादा बढ़ जाना
Causes-of-Persistent-Cough-Problem
लंबे समय तक रहने वाली खांसी की जांच कैसे की जाती है?
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि लगातार खांसी का इलाज करने से पहले उसके सही कारण का पता लगाना जरूरी है। डॉक्टर मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, खांसी की अवधि, बलगम की प्रकृति, स्मोकिंग की आदत और अन्य लक्षणों के बारे में जानकारी लेते हैं। जरूरत के अनुसार, डॉक्टर ये जांचें करवाने की सलाह दे सकते हैं-
- चेस्ट एक्स-रे- फेफड़ों में इंफेक्शन, टीबी या अन्य असामान्यताओं का पता लगाने के लिए
- स्पाइरोमेट्री- फेफड़ों की कार्यक्षमता और अस्थमा या COPD जैसी बीमारियों की जांच के लिए
- बलगम की जांच- टीबी और अन्य इंफेक्शनों की पहचान के लिए
- एलर्जी टेस्ट- एलर्जी के संभावित कारणों का पता लगाने के लिए
- सीटी स्कैन- जरूरत पड़ने पर फेफड़ों की ज्यादा बेहतर तरीके से जांच के लिए
लंबे समय तक रहने वाली खांसी का इलाज क्या है?
Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि खांसी का इलाज पूरी तरह उसके कारण पर निर्भर करता है। अगर खांसी अस्थमा के कारण है तो डॉक्टर इनहेलर और अन्य जरूरी दवाइयां दे सकते हैं। एलर्जी की स्थिति में एलर्जी पैदा करने वाले कारकों से बचने और सही दवाएं लेने की सलाह दी जाती है। अगर टीबी की पुष्टि होती है तो मरीज को तय समय तक इलाज लेना चाहिए। वहीं, एसिड रिफ्लक्स के कारण होने वाली खांसी में खान-पान और लाइफस्टाइल में बदलाव के साथ जरूरी दवाएं दी जाती है। मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार कफ सिरप, एंटीबायोटिक्स या खांसी रोकने वाली दवाइयां नहीं लेनी चाहिए। ऐसा करने से बीमारी का कारण छिप सकता है और सही इलाज में देरी हो सकती है।
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लंबे समय तक खांसी से बचाव के लिए क्या करें?
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि कुछ आसान सावधानियां अपनाकर सांस से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है-
- स्मोकिंग और तंबाकू के सेवन से पूरी तरह बचें।
- धूल, धुएं और वायु प्रदूषण से बचने की कोशिश करें।
- घर और आस-पास साफ-सफाई बनाए रखने की कोशिश करें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और संतुलित आहार लें।
- एलर्जी होने पर उसके कारणों की पहचान कर उससे दूरी बनाए रखना।
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार जरूरी वैक्सीनेशन कराएं।
- सांस से जुड़ी समस्या होने पर डॉक्टर से नियमित जांच कराएं।
निष्कर्ष
लंबे समय तक रहने वाली खांसी को सिर्फ मौसम में बदलाव, नॉर्मल सर्दी-जुकाम या गले की परेशानी मानकर टालना सही नहीं है। यह शरीर का एक संकेत हो सकता है कि श्वसन तंत्र में कोई समस्या विकसित हो रही है। समय पर जांच कराने से अस्थमा, टीबी, COPD और अन्य फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों की पहचान जल्दी की जा सकती है और सही इलाज शुरू किया जा सकता है।
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FAQ
बार-बार खांसी आना किसका लक्षण है?
बार-बार खांसी आना मुख्य रूप से सर्दी-जुकाम, गले में इंफेक्शन, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या एलर्जी जैसी समस्याओं का लक्षण हो सकता है।रात में लगातार खांसी आने पर क्या करें?
रात में लगातार खांसी आने पर गुनगुना पानी पिएं, शहद का सेवन करें, सिर को थोड़ा ऊंचा करके सोएं और कमरे में हवा की नमी को बनाए रखें।
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Nov 07, 2026 19:46 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh
