Fri Sep 11, 2026 | 08:19 PM IST

Medically Reviewed by Vandana Rajput , Antenatal and Postnatal Nutrition & Diabetes Educator

क्या आप भी एसिडिटी में कॉफी पीते हैं? जानें इसका सेहत पर असर

Coffee and Acid Reflux: एसिडिटी में कॉफी पीना सही नहीं होता है। अगर आप इस तरह की गलती करते हैं, तो आपके लक्षण बिगड़ सकते हैं।

Is Coffee Bad For Acid Reflux: आपने सुना होगा कि एसिडिटी होने पर चाय या कॉफी नहीं पीनी चाहिए। इससे एसिड रिफ्लक्स की दिक्कत बढ़ जाती है, जिससे एसिडिटी के साथ-साथ सीने में जलन भी होने लगती है। इसके बावजूद, आपने देखा होगा कि ऐसा लोगों की कमी नहीं है, जो एसिडिटी होने के बावजूद कॉफी पीना पसंद करते हैं। हालांकि, जो लोग कॉफी के शौकीन हैं, वही लोग ऐसा करते हैं, लेकिन फिर भी समझने वाली बात ये है कि एसिडिटी में कॉफी नहीं पीनी चाहिए। आइए, जानते हैं कि एसिडिटी होने के बावजूद कॉफी पीने का आपकी सेहत पर क्या असर पड़ सकता है? इस बारे में जानने के लिए हमने  नोएडा सेक्टर 71 स्थित कैलाश अस्पताल में Consultant - Dietetics वंदना राजपूत से बात की है।

एसिडिटी में कॉफी पीने का आपकी सेहत पर असर- What Happens If You Drink Coffee With Acid Reflux

what happens if you drink coffee with acid reflux 1 (7)

सीने में जलन

जब आप एसिडिटी होने के बावजूद कॉफी पीते हैं, तो ऐसे में सीने की जलन बढ़ जाता है। असल में, एसिडिटी में कॉफी पीने की वजह से एसोफेगस में मौजूद सबसे निचली वॉल्व रिलैक्स हो जाती है, जिससे पेट के जरिए एसिड ऊपर की ओर पहुंचने लगता है। जाहिर है, इस तरह की स्थिति में व्यक्ति अधिक असहज होता है और सीने की जलन भी बढ़ जाती है।

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गैस्ट्रिक एसिड

क्या आप जानते हैं कि एसिडिटी में कॉफी पीने से गैस्ट्रिक एसिड का प्रोडक्शन बढ़ जाता है। यह कंडीशन भी नहीं है। जब पेट में एसिड बढ़ता है, तो इससे एसोफेगस और स्टमक लाइनिंग में इरिटेशन पैदा हो जाती है। कहने का मतलब है कि पेट में गैस्ट्रिक एसिड बढ़ने से एसिडिटी के लक्षण भी बढ़ने लगते हैं।

धीमी पाचन क्रिया 

वंदना राजपूत कहती हैं, "जब पहले से ही एसिडिटी की समस्या हो रही है, ऐसे में कॉफी पीने से पाचन प्रक्रिया पर भी बुरा असर पड़ता है। पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। ध्यान रखें कि जब पाचन क्रिया धीमी हो जाती है, तो ऐसे में पेट मौजूद एसिड लंबे समय तक उसी स्थिति में मौजूद रहता है। नतीजनत, एसिडिटी कम होने के बजाय लंबे समय तक बनी रहती है।"

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एसिडिटी होने पर आप क्या करें?

  • कॉफी से रहें दूरः एसिडिटी होने पर जरूरी है कि आप कॉफी का सेवन न करें। यहां तक कि कैफीन युक्त किसी भी तरह के ड्रिंक से दूर रहें।
  • बेहतर विकल्प चुनेंः एसिडिटी होने पर ऐसी चीजें या ड्रिंक पिएं, जिससे इस समस्या में कमी आ सके। विशेषज्ञों के अनुसार नॉन-एसिडिक और नॉन-कैफीनेटेड पेयर पदार्थ अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
  • डॉक्टर से मिलेंः अगर आपको एसिडिटी की दिक्कत लंबे समय से बनी हुई है, तो ऐसे में घरेलू उपायों को कम अपनाएं। इसके बजाय, आप डॉक्टर से मिलें और अपना ट्रीटमेंट करवाएं। हालांकि, साथ ऐसी चीजों को डाइट से बाहर निकाल दें, जिससे एसिडिटी बढ़ सकती है।

निष्कर्ष

एसिडिटी में कॉफी पीना बिल्कुल सही नहीं है। जब आप एसिडिटी में कॉफी पीते हैं, तो इसकी वजह से पेट में लंबे समय तक एसिड बना रहता है, जिससे आपके लक्षण बिगड़ने लगते हैं। एसिडिटी होने पर बेहतर है कि आप कुछ समय के लिए कॉफी और कैफीन युक्त ड्रिंक्स न पिएं। इसके बजाय हेल्दी चीजों को चुनें।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या कॉफी पीने से गैस बनती है?

    हां, कॉफी पीने से कुछ लोगों को गैस की समस्या हो सकती है। दरअसल, कॉफी पीने से पेट में एसिड का प्रोडक्शन बढ़ जाता है। इससे पाचन क्रिया पर बुरा असर पड़ता है, जो कि गैस और एसिडिटी जैसी समस्या का कारण बन सकती है।
  • क्या कॉफी में एसिड होता है?

    कॉफी में कई तरह के एसिड मौजूद हैं। इसलिए, इसका सेवन करने से पेट में एसिड बनने लगता है। अगर किसी को पहले स ही एसिडिटी की दिक्कत हो, तो उन्हें कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • कॉफी के तीन नुकसान क्या हैं?

    लंबे समय तक कॉफी पीने से कई तरह के नुकसान हो सकते हैं, जैसे एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है, जी मिचलाना और हार्ट बीट तेज होना। यहां तक कि जिन लोगों को ब्लड प्रेशर की दिक्कत है, उन्हें भी कॉफी का सेवन कम करना चाहिए।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 26, 2025 12:01 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Sep 26, 2025 12:01 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Vandana Rajput

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