Fri Sep 11, 2026 | 06:56 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

दिन में 3 बार खाना बेहतर है या कई बार छोटे-छोटे मील्स लेना? जानें रिसर्च और डायटीशियन की राय

कई लोग द‍िनभर में 3 बार पेट भरकर खाना खाते हैं, तो कुछ लोग द‍िनभर छोटे-छोटे ह‍िस्‍साें में खाना पसंद करते हैं। जानें दोनों में से कौन सा तरीका हेल्‍दी रहने के ल‍िए ज्‍यादा असरदार है और इनके फायदे-नुकसान क्या हैं?

स्‍वस्‍थ रहने के ल‍िए आजकल लोग खाने के पैटर्न पर गौर करने लगे हैं। शुरू से द‍िनभर में तीन बड़े मील्‍स लेने का र‍िवाज रहा है, लेक‍िन जैसे-जैसे समय बदला एक्‍सपर्ट्स की सलाह मानकर लोग छोटे-छोटे 5 से 6 मील्‍स लेने लगे। हालांक‍ि, सभी मील्‍स हेल्‍दी होने चाह‍िए, पर आजकल की ब‍िजी द‍िनचर्या के चलते लोग हेल्‍दी फूड्स को डाइट में शाम‍िल नहीं कर पाते और सेहत खराब हो जाती है। इस वजह से अक्‍सर लोगों के मन में कंफ्यूजन रहता है क‍ि वे द‍िनभर में छोटे-छोटे मील्‍स लें या द‍िनभर में तीन बड़े मील्‍स लें। एक्‍सपर्ट से समझते हैं कौन सा ईट‍िंग पैटर्न ज्‍यादा अच्‍छा है? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

द‍िनभर में छोटे-छोटे मील्‍स लेने के फायदे

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  • इससे शुगर स्‍पाइक से बचने में मदद म‍िलती है। जब आप कम मात्रा में खाते हैं, तो शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता।
  • जो लोग एक बार में ज्‍यादा कैलोरी नहीं लेना चाहते, उनके लि‍ए यह मील प्‍लान बेहतर है।
  • छोटे-मील्‍स लेने से सुस्‍ती या थकान महसूस नहीं होती है और बॉडी एनर्जेट‍िक रहती है।
  • द‍िनभर में छोटे-छोटे मील्‍स ब्रेन हेल्‍थ के ल‍िए भी फायदेमंद माने जाते हैं। साल 2024 में Journal Of Nutrition में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, 40 साल से ज्‍यादा उम्र के लोगों ने जब द‍िनभर में 5 से 6 मील्‍स ल‍िए, तो कम मील्‍स लेने वाले लोगों के मुकाबले उनकी मेमोरी में ज्‍यादा सुधार नजर आया।

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छोटे मील्‍स लेने के नुकसान

  • छोटे मील्‍स लेने से बार-बार भूख लग सकती है और पेट नहीं भरता।
  • कई लोगों को लगता है क‍ि छोटे मील्‍स लेने से डाइजेशन अच्‍छा रहता है, लेक‍िन बार-बार खाने से पाचन तंत्र को आराम नहीं म‍िलता है और इससे भी गैस या ब्‍लोट‍िंग जैसी समस्‍या हो सकती है।
  • जो लोग व्‍यस्‍त रहते हैं, नौकरी करते हैं या अक्‍सर यात्रा करते हैं उनके ल‍िए द‍िनभर में बार-बार छोटे मील्‍स लेना संभव नहीं हो पाता है।

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दिन में 3 बार पेट भरकर खाना सही है?

  • कुछ लोग बार-बार मील्‍स नहीं खाना चाहते या उनकी द‍िनचर्चा व्‍यस्‍त हो सकती है और इस कारण उनके ल‍िए द‍िनभर में तीन बड़े मील्‍स लेना फायदेमंद है।
  • बड़े मील्‍स खाकर पेट भर जाता है और बार-बार भूख नहीं लगती।
  • ओवरईट‍िंग से बचने के ल‍िए द‍िन में तीन बड़े मील्‍स लेना अच्‍छा व‍िकल्‍प है।

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पेट भरकर खाने के नुकसान

  • जो लोग वेट लॉस कर रहे हैं, उन्‍हें पेट भरकर खाने या द‍िनभर में तीन बड़े मील्‍स लेने से बचना चाह‍िए।
  • पेट भरकर खाने के कारण कई बार व्‍यक्‍त‍ि ओवरईट‍िंग कर लेता है और मोटापे का श‍िकार हो सकता है।
  • थायराइड के मरीजों को डॉक्‍टर पेट भरकर खाने की सलाह नहीं देते हैं।
  • साथ ही डायबि‍टीज में ज्‍यादा खा लेने से शुगर स्‍पाइक हो सकती है इसल‍िए द‍िनभर में तीन बड़े मील्‍स लेने से बचना चाह‍िए।

भोजन करने का कौन सा तरीका है ज्‍यादा बेहतर?

भोजन करने के क‍िसी एक तरीके को बेस्‍ट नहीं कह सकते। दोनों ईट‍िंग पैटर्न को अपनी द‍िनचर्या के अनुसार अपनाया जा सकता है। हालांक‍ि, स्‍वस्‍थ रहने के ल‍िए हेल्‍दी फूड्स पर फोकस होना चाह‍िए। कैलोरी की जरूरत के मुताब‍िक डाइट लेना चाह‍िए। साथ ही डाइट में ट्रांस फैट्स, सैचुरेटेड फैट्स और एडेड शुगर को शाम‍िल करने से बचना चाह‍िए।

साल 2024 में Clinical Nutrition नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी में शोधकर्ताओं ने पाया क‍ि आप द‍िन में क‍ितनी बार खाते हैं, केवल यह फोकस नहीं होना चाह‍िए। हेल्‍दी रहने के ल‍िए भोजन की क्‍वॉल‍िटी, कुल कैलोरी, स्‍वास्‍थ्‍य स्‍थि‍त‍ि पर भी गौर करना जरूरी है। स्‍टडी के मुताब‍िक, छोटे मील्‍स हर क‍िसी के ल‍िए फायदेमंद नहीं होते इसल‍िए भोजन की जरूरत के अनुसार मील पैटर्न तय करना चाह‍िए।

द‍िनभर में क‍ितने मील्‍स लेने चाह‍िए?

एक सामान्‍य व्‍यक्‍त‍ि द‍िनभर में तीन मील्‍स लेता है जैसे नाश्‍ता, लंच और ड‍िनर। हालांक‍ि, मेटाबोल‍िक हेल्‍थ, रूटीन और फ‍िज‍िकल एक्‍ट‍िव‍िटी पर मील्‍स की संख्‍या और मात्रा न‍िर्भर करती है।

न‍िष्‍कर्ष:

अगर समय कम रहता है, ओवरईट‍िंग से बचना चाहते हैं, तो द‍िनभर में तीन बड़े मील्‍स लेना सही है, लेक‍िन इससे शुगर स्‍पाइक हो सकता है। वहीं छोटे मील्‍स लेंगे, तो शुगर स्‍पाइक से बचेंगे और द‍िनभर एनर्जेट‍िक रहेंगे, हालांक‍ि बार-बार खाने से पेट को आराम नहीं म‍िलता और पाचन समस्‍याएं हो सकती हैं। अपनी द‍िनचर्या के मुताब‍िक सही मील चुनें और हेल्‍दी फूड्स को डाइट में शाम‍िल करें।

FAQ

  • वेट लॉस के ल‍िए द‍िनभर में क‍ितने मील्‍स लें?

    कुछ डाइट प्‍लान 5 से 6 छोटे मील्‍स से फुल होते हैं, तो कुछ 3 मील्‍स वाले होते हैं। अपनी मेटाबोल‍िक हेल्‍थ और रूटीन के मुताब‍िक तय क‍रें क‍ि मील्‍स कब-कब और कैसे लेने हैं। 
  • दो मील्‍स के बीच क‍ितना गैप होना चाह‍िए?

    दो मुख्‍य मील्‍स के बीच कम से कम चार से पांच घंटे का गैप रखें। इतने समय में खाना पच सकेगा और पेट को रेस्‍ट म‍िलेगा।  

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 07, 2026 11:40 IST

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