Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Edwina Raj , Nutritionist & Dietician

क्या तीन टाइम खाना जरूरी है या छोटे-छोटे मील्स बेहतर हैं? एक्सपर्ट से जानें

क्या दिन में 3 बार खाना जरूरी है या 6 बार छोटे-छोटे मील्स लेना बेहतर है? खाने के इन तरीकों को लेकर अक्सर लोग कंफ्यूज हो जाते हैं, लेकिन इनमें से क्या ज्यादा अच्छा है आइए जानते हैं? 

हम सभी अक्सर सुबह का नाश्ता, लंच और डिनर दिन में इन 3 मील को फॉलो करते हैं। खाना खाने का सही तरीका और इनके बीच का अंतर आपकी सेहत का राज होता है। एक तरफ ट्रेडिशनल लाइफस्टाइल में दिन में 3 बार भरपेट भोजन करने पर जोर दिया जाता है। वहीं, दूसरी ओर, मॉडर्न फिटनेस और डाइट कल्चर में दिन में कई बार लेकिन छोटे-छोटे मील लेने पर फोकस किया जाता है, जिसमें हर 2 से 3 घंटे में थोड़ा-थोडा खाने की सलाह दी जाती है। अक्सर वजन कम करने, मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने और शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए लोगों को इनमें से किसी एक तरीकों को चुनने की सलाह दी जाती है। ऐसे में आइए Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bangalore से जानते हैं कि दिन में 3 बार भोजन करना या कई बार छोटे-छोटे मील लेना सही है?

क्या तीन टाइम खाना जरूरी है या छोटे-छोटे मील्स बेहतर हैं?

न्यूट्रिशनिस्ट एडविना राज बताती हैं कि दिन में तीन बार भोजन करना हर किसी के लिए कोई मुश्किल काम या नियम नहीं है और थोड़ी-थोड़ी देर में बार-बार भोजन करना अपने आप बेहतर नहीं बनता है। सबसे अच्छा खाने का पैटर्न व्यक्ति की लाइफस्टाइल, भूख के लेवल, हेल्थ कंडीशन और डेली रूटीन पर निर्भर करता है। कुछ लोग दिन में तीन बैलेंस्ड मील खाकर संतुष्ट और एनर्जेटिक महसूस करते हैं, जबकि कुछ लोग दिन में हर 3 से 4 घंटे में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लेकर कई बार खाना खाते हैं, जिससे उन्हें बेहतर महसूस होता है। इसलिए, आपके स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है कि आप अपनी डाइट में न्यूट्रिशन, पोर्शन कंट्रोल और खाने की क्वालिटी पर ध्यान दें न कि सिर्फ यह कि आप कितनी बार खाते हैं।

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3 टाइम मील्स और छोटे-छोटे मील्स में क्या अंतर है?

न्यूट्रिशनिस्ट एडविना राज के अनुसार, दिन में तीन रेगुलर मील एक स्टेबल रूटीन बनाने में मदद कर सकते हैं और आपको बार-बार स्नैकिंग की समस्या से बचा जा सकता है। अगर आपके दिन की इन 3 मील में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट शामिल हैं तो वो आपके लिए बेहतर हो सकता है। इससे आपको ब्लड शुगर लेवल को स्टेबल रखने में मदद करता है, जिससे क्रेविंग कम हो सकती है। दिन की छोटी-छोटी मील उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है, जिन्हें एसिडिटी, लो ब्लड शुगर या मील के बीच बहुत ज्यादा भूख लगती है। हालांकि, अगर पोर्शन साइज को कंट्रोल नहीं किया जाए तो बार-बार खाने से कभी-कभी ज्यादा खाने की बुरी आदत पड़ सकती है।

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नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिसर्च के अनुसार दिन में बार-बार खाने से वजन जल्दी कम नहीं होता है, न ही शरीर की चर्बी ज्यादा बर्न होती है। वजन कम करने के लिए यह मायने नहीं रखता है कि आप कितनी बार खाते हैं, बल्कि यह जरूरी है कि आप कुल कितनी कैलोरी ले रहे हैं। बार-बार खाना खाने से भूख कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है, लेकिन मेटाबॉलिज्म तेज करने में इसका कोई खास असर नहीं पाया गया है।

एक्सपर्ट की सलाह

न्यूट्रिशनिस्ट एडविना राज का कहना है कि, सिर्फ ज्यादा बार खाना खाने से मेटाबॉलिज्म ज्यादा नहीं बढ़ता है। वेट मैनेजमेंट आमतौर पर कुल कैलोरी इनटेक और फिजिकल एक्टिविटी पर निर्भर करता है। डायबिटीज़, थायराइड डिसऑर्डर या पाचन से जुड़ी समस्या से पीड़ित लोगों को डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह पर पर्सनलाइज्ड मील टाइमिंग फायदेमंद हो सकता है। व्यक्ति के नेचुरल भूख और पेट भरा होने के सिग्नल पर ध्यान देना जरूरी है। एक ही खाने के पैटर्न को अच्छे और सख्ती से फॉलो करने की जगह आपको बैलेंस्ड मील, पर्याप्त मात्रा में पानी, नियमित शारीरिक गतिविधियां और अच्छी नींद लेने पर ध्यान देना जरूरी है।

निष्कर्ष

दिन में 3 बार भोजन करना या फिर दिनभर में थोड़ी-थोड़ी देर में कम कम मात्रा में खाना दोनों ही तरीके आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं। बशर्ते आपको अपने खाने में पोषक तत्वों से भरपूर होना और संतुलित होना बहुत जरूरी है।
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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Feb 27, 2026 22:09 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Feb 27, 2026 22:09 IST

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  • Feb 27, 2026 22:09 IST

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