Fri Sep 11, 2026 | 07:35 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

पेट साफ करने के लिए फायदेमंद हैं ये 3 सीड्स, न्‍यूट्र‍िशन‍िस्‍ट से जानें फायदे

पेट साफ रखने और डाइजेशन को इंप्रूव करने के ल‍िए कुछ सीड्स का सेवन फायदेमंद होता है। सीड्स में मौजूद फाइबर से गट हेल्‍थ बेहतर होती है और पेट को साफ रखने में मदद म‍िलती है। इन सीड्स के सेवन का सही तरीका जानना भी जरूरी है वरना सीड्स के फायदे शरीर में अब्‍जार्ब नहीं होंगे। चल‍िए जानते हैं तीन सीड्स के बारे में।

पाचन तंत्र का सही तरीके से काम करना पूरे शरीर की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। जब पेट ठीक से साफ नहीं होता, तो कब्ज, पेट फूलना, भारीपन, गैस और सुस्ती जैसी समस्याएं होने लगती हैं। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहे, तो शरीर में टॉक्सिन्स जमा हो सकते हैं। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, कम फाइबर वाला आहार, पर्याप्त पानी न पीना और शारीरिक गतिविधि की कमी पेट से जुड़ी समस्याओं के मुख्य कारण बन रहे हैं। ऐसे में लोग अक्सर तुरंत राहत पाने के लिए दवाओं का सहारा लेते हैं, लेकिन बार-बार दवा लेना लंबे समय में पाचन तंत्र को कमजोर कर सकता है। दवा के बजाय हेल्‍दी सीड्स का सेवन कर सकते हैं। सीड्स की मदद से पेट साफ रखने में मदद मिल सकती है और पाचन तंत्र के ल‍िए भी कई सीड्स फायदेमंद होते हैं।

Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow ने बताया क‍ि पेट को प्राकृतिक रूप से साफ रखने के लिए फाइबर से भरपूर और पाचन को सपोर्ट करने वाले सीड्स को डाइट में शामिल करना सबसे बेहतर तरीका है। कुछ सीड्स ऐसे होते हैं, जो आंतों की मूवमेंट को बेहतर बनाते हैं और मल त्याग को आसान बनाने में मदद करते हैं। इनमें मौजूद घुलनशील और अघुलनशील फाइबर आंतों में पानी को सोखकर मल को नर्म बनाते हैं, जिससे कब्ज की समस्या कम हो सकती है। इसके अलावा, ये आंतों के गुड बैक्टीरिया को भी सपोर्ट करते हैं, जो पाचन को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। आइए जानते हैं पेट और गट हेल्‍थ के ल‍िए तीन फायदेमंद सीड्स के बारे में।

1. च‍िया सीड्स- Chia Seeds

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इसमें सॉल्‍यूबल फाइबर होता है और इसे भ‍िगाने के बाद यह जेल के फॉर्म में बन जाता है। ये जेल तीन काम करता है-

  1. शुगर अब्‍जार्ब होने की प्रक्र‍िया को धीमा कर देता है।
  2. गट में मौजूद गुड बैक्‍टीर‍िया को बढ़ावा देता है।
  3. इससे आप बेहतर ढंग से मल त्‍याग कर पाते हैं।

MDPI की एक स्‍टडी के मुता‍ब‍िक, कब्‍ज के मरीजों के ल‍िए च‍िया सीड्स का सेवन फायदेमंद होता है। च‍िया सीड्स की मदद से बाउल मूवमेंट में सुधार होता है। च‍िया सीड्स में सॉल्‍यूबल फाइबर होता है जो स्‍टूल को नर्म बनाता है और पेट को साफ करने में मदद करता है।

कैसे खाएं च‍िया सीड्स?

  • इसे ड्राई फॉर्म में न खाएं।
  • च‍िया सीड्स को रातभर भीगाकर ही खाएं।
  • अगर रातभर नहीं भ‍ीगाकर रखा है, तो खाने से 15 से 20 म‍िनट पहले जरूर भीगा लें और फ‍िर इसे खाएं।
  • इसे बादाम के दूध या योगर्ट के साथ म‍िलाएं और बेरीज डालकर भी खा सकते हैं।

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2. फ्लैक्‍स सीड्स- Flax Seeds

  • फ्लैक्‍स सीड्स ओमेगा 3 से भरपूर होते हैं और इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।
  • ब्‍लोट‍िंग, हार्मोनल संतुल‍िन और कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को बेहतर करने में फ्लैक्‍स सीड्स का सेवन फायदेमंद है।
  • नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेड‍िस‍िन की एक स्‍टडी के मुताब‍िक, फ्लैक्‍स सीड्स का सेवन करने से आंतों की मूवमेंट बेहतर होती है जि‍ससे पेट साफ होने में मदद म‍िलती है।

कैसे खाएं फ्लैक्‍स सीड्स?

  • फ्लैक्‍स सीड्स को रॉ खाने के बजाय इसे पीसकर खाना जरूरी है तभी शरीर इसके गुणोंं को अब्‍जार्ब कर पाएगा।
  • एक टेबलस्‍पून पीसे हुए फ्लैक्‍स सीड्स को स्‍मूदी या ओटमील के साथ म‍िलाकर खा सकते हैं।
  • हफ्ते में 3 से 4 बार इसका सेवन कर सकते हैं।

3. सब्‍जा या बेस‍िल सीड्स- Basil Seeds

  • तुलसी के सीड्स को सब्‍जा सीड्स भी कहते हैं।
  • इनकी तासीर ठंडी होती है और इसमें भी च‍िया सीड्स की तरह सॉल्‍यूबल फाइबर होता है।
  • डाइजेशन की आयुर्वेद‍िक मेड‍िस‍िन में तुलसी के सीड्स का काफी इस्‍तेमाल होता है।
  • नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेड‍िस‍िन की एक स्‍टडी के मुताब‍िक, सब्‍जा सीड्स में डाइटरी फाइबर होता है जो आंतों की मूवमेंट को बेहतर बनाता है। स्टडी के मुताब‍िक, बेसिल सीड्स का हाई फाइबर कंटेंट गट हेल्थ को सपोर्ट करता है और स्टूल मूवमेंट सुधारने में मदद कर सकता है, जिससे पेट साफ रखने में मदद म‍िलती है।

कैसे खाएं सब्‍जा सीड्स?

  • सब्‍जा सीड्स को ओटमील में डालकर खा सकते हैं।
  • इसे बादाम के दूध या बादाम के दही के साथ भी म‍िलाकर खा सकते हैं।

न‍िष्‍कर्ष:

पेट को साफ करने के ल‍िए च‍िया सीड्स, सब्‍जा सीड्स और फ्लैक्‍स सीड्स का सेवन फायदेमंद होता है। डॉक्‍टर की सलाह पर इन्‍हें अपनी डाइट में शा‍म‍िल कर सकते हैं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Modified By : Yashaswi Mathur
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