Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

क्या आपकी इम्यूनिटी सच में कमजोर है? डॉक्टर से जानें इसके संकेत कैसे पहचानें

क्या आपकी इम्यूनिटी कमजोर है? लगातार थकान, बार-बार बीमार पड़ना, घाव का देर से भरना और पेट से जुड़ी समस्याएं कमजोर इम्यूनिटी के संभावित संकेत हो सकते हैं। डॉक्टर से जानें इन्हें कैसे पहचानें।

क्या आप बिना किसी भारी काम या मेहनत के खुद को थका हुआ महसूस करते हैं या मौसम में हल्का बदलाव होने पर ही सर्दी-जुकाम और खांसी जैसी समस्याओं के गिरफ्त में आ जाते हैं? अगर हां, तो यह आपके इम्यून सिस्टम के कमजोर होने का संकेत हो सकता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव और पूरी नींद न लेने जैसी आदतों का सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida का कहना है कf कमजोर इम्यूनिटी सिर्फ बार-बार सर्दी-जुकाम का कारण नहीं बनती है, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों को न्यौता देती है। इसलिए, इम्यूनिटी कमजोर होने के लक्षणों को समय रहते पहचानना जरूरी है, ताकि गंभीर समस्याओं को बढ़ने से रोका जा सके। इसलिए, आइए इस लेख में जानते हैं कि इम्यूनिटी कमजोर होने के क्या लक्षण हैं?

कमजोर इम्युनिटी के मुख्य लक्षण

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि इम्यूनिटी कमजोर होने पर शरीर कई तरह के संकेत देता है, जिन्हें नजरअंदाज करना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए, आप इन लक्षणों की मदद से इम्यूनिटी के कमजोर होने की स्थिति के बारे में पता लगा सकते हैं।

1. बार-बार बीमार पड़ना

बार-बार सर्दी, जुकाम, गले में खराश और बुखार जैसी समस्याओं से परेशान होना, कमजोर इम्यून सिस्टम का सीधा संकेत होता है। एक नॉर्मल व्यक्ति को साल में 1 से 2 बार हल्का-फुल्का जुकाम होना होना नॉर्मल है, लेकिन अगर यह समस्या हर महीने या बहुत जल्दी-जल्दी होती है तो इसका मतलब है कि आपका शरीर बाहरी बैक्टीरिया से ठीक तरह से लड़ नहीं पा रहा है।

2. घाव या चोट का धीरे-धीरे भरना

छोटी-मोटी चोट लगने या कट लगने पर आपकी स्किन सेल्स और इम्यून सिस्टम उस जगह को जल्दी ठीक करने के लिए काम पर लग जाते हैं। लेकिन, अगर आपकी इम्यूनिटी कमजोर है तो घाव को सूखने या भरने में नॉर्मल से बहुत ज्यादा समय लगता है। कई बार छोटे-मोटे घाव में भी इंफेक्शन या मवाद बनने लगता है।

3. पाचन क्रिया से जुड़ी समस्याएं

हमारी आंतों में मौजूद गुड बैक्टीरिया पाचन को सही रखते हैं और इंफेक्शन से बचाते हैं। इम्यून सिस्टम कमजोर होने पर पेट खराब रहना, कब्ज, एसिडिटी, दस्त या पेट में सूजन और एसिडिटी की समस्या हो सकती है।

साल 2021 में Nutrients Journals में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, हमारे आंत के माइक्रोबायोटा और इम्यून सिस्टम के बीच गहरा कनेक्शन होता है। जब यह संतुलन बिगड़ता है या इम्यून सिस्टम प्रभावित होता है, तो इसका सीधा असर पाचन और शरीर की संक्रामक बीमारियों से लड़ने की क्षमता पर पड़ता है।

4. हर समय थकान और सुस्ती महसूस होना

पर्याप्त मात्रा में नींद लेने के बाद भी अगर आप दिनभर थका हुआ, बेजान और कमजोर महसूस कर रहे हैं तो इसे सिर्फ काम का तनाव मानना सही नहीं होगा। जब इम्यून सिस्टम कमजोर होता है तो शरीर बची हुई एनर्जी को इंफेक्शन से लड़ने में लगा देता है, जिससे आप बिना किसी काम के थकान महसूस करते हैं।

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5. बार-बार स्किन इंफेक्शन होना

हमारी स्किन शरीर की पहली सुरक्षा परत होती है। ऐसे में इम्यूनिटी कमजोर होने वाले लोगों के स्किन पर चकत्ते, दाद, खुजली, पपड़ी पड़ना या बार-बार एक्ने और फोड़े-फुंसी होने की संभावना बढ़ जाती है। साल 2014 में Cold Spring Harbor Perspectives in Medicine में प्रकाशित एक जर्नल के अनुसार, इम्यूनिटी कमजोर होने पर शरीर में S. aureus और Candida जैसे बैक्टीरिया के फैलने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

6. जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द

Dr. Akshay Chugh कहते हैं कि अगर आपको बिना किसी भारी कसरत या चोट के जोड़ों और मांसपेशियों में लगातार हल्का दर्द या जकड़न महसूस होती है, तो यह शरीर में अंदरूनी सूजन और इम्यूनिटी के कमजोर होने का लक्षण हो सकता है।

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7. तनाव और एंग्जाइटी बढ़ना

लंबे समय तक तनाव में रहने के कारण शरीर में कोर्टिसोल लेवल बढ़ता है, जो इम्यून सिस्टम के काम करने की क्षमता पर प्रभावित करता है। अगर आप हमेशा तनाव में रहते हैं तो आपकी बीमारियों से लड़ने की क्षमता अपने आप कम हो जाएगी।

इम्युनिटी मजबूत बनाने के लिए क्या करें

Dr. Akshay Chugh कहते हैं कि अगर आपका इम्यून सिस्टम कमजोर है और आपको ऊपर बताए गए लक्षण नजर आते हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप इन आसान आदतों को अपनाकर अपनी इम्यूनिटी को दोबारा बूस्ट कर सकते हैं।

  • अपनी रोजाना की डाइट में विटामिन सी से भरपूर चीजें जैसे आंवला, संतरा, नींबू, हरी पत्तेदार सब्जियां, दही, छाछ और ड्राई फ्रूट्स शामिल करें।
  • रोजाना 30 मिनट हल्का-फुल्का योग, वॉक या एक्सरसाइज करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है और इम्यून सेल्स एक्टिव होते हैं।
  • रात को समय पर सोएं और कम से कम 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेने की कोशिश करें।
  • दिनभर खुद को हाइड्रेट रखने के लिए कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं।
  • मेडिटेशन, प्राणायाम और अपनी पसंद के कामों के लिए समय निकालें, ताकि तनाव कम किया जा सके।

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डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

अगर आपको बार-बार तेज बुखार आ रहा है, कोई घाव है, जिसे भरने में समय लग रहा है, अचानक वजन कम होने लगा, कमजोरी बहुत ज्यादा महसूस हो तो इन स्थितियों में खुद से दवा लेने से बचना चाहिए। यह सभी समस्याएं इम्यूनिटी के कमजोर होने का संकेत हो सकती है, जिसमें आपको तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करने की जरूरत है।

निष्कर्ष

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि इम्यूनिटी कमजोर होने पर बार-बार बीमार पड़ना और थका हुआ महसूस होना आम बात है। खराब लाइफस्टाइल, तनाव और नींद में कमी जैसे कारक इम्यूनिटी की कार्यक्षमता को प्रभावित करती है। इसलिए, समय पर इम्यूनिटी के कमजोर होने के संकेतों को पहचानें और किसी भी तरह की समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • इम्यून सिस्टम कमजोर होने पर क्या करना चाहिए?

    इम्यून सिस्टम कमजोर होने पर संतुलित आहार लें, रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लें, नियमित रूप से हल्की शारीरिक गतिविधियां करें और तनाव से दूर रहें।
  • इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करने के लिए क्या खाना चाहिए?

    इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आप अपनी डाइट में संतरा, नींब और आंवला जैसे विटामिन सी से भरपूर फूड्स, हल्दी और अदरक शामिल कर सकते हैं।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 05, 2026 16:25 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh

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