Tue Oct 6, 2026 | 07:50 PM IST

Medically Reviewed by Edwina Raj , Nutritionist & Dietician

भिगोकर या स्नैक के रूप में, खुबानी खाने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?

खुबानी फाइबर से भरपूर फल है जिसे खाने से आप कब्ज समेत सेहत जुड़ी कई समस्याओं से बच सकते हैं। हालांकि, हमेशा से सवाल यह रहा है कि खुबानी कैसे खाएं? भिगोकर या स्नैक के रूप में, जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
भिगोकर या स्नैक के रूप में, खुबानी खाने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?भिगोकर या स्नैक के रूप में, खुबानी खाने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?

सूखी खुबानी बनाम ताजी खुबानी, इन दोनों की तुलना हमेशा से होती रही है और जवाब वही रहा है कि ताजी खुबानी खाना ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि इसमें ज्यादा पोषक तत्व होते हैं। हालांकि, सूखी खुबानी को लोग अपने नाश्ता और रात के खाने का हिस्सा बनाते हैं। बहुत से लोग इसे दूध में भिगोकर, दलिया में डालकर और ओट्स में डालकर खाते हैं। दरअसल, सूखी खुबानी की खास बात यह है कि जब आप इसे दूध या किसी भी रेसिपी में भिगोकर खाते हैं तो, इससे शरीर का फाइबर बढ़ता है, मेटाबॉलिज्म तेज होता है और पेट से जुड़ी बीमारियों से बचाव होता है। हालांकि, इस सब के बीच भी सवाल यह है कि खुबानी खाने का सही तरीका क्या है, जानते हैं इस बारे में Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bangaluru

खुबानी खाने का सही तरीका क्या है?

Ms. Edwina Raj बताते हैं कि खुबानी को ताजा या सूखे, दोनों तरह से डाइट में शामिल किया जा सकता है। कौन सा विकल्प बेहतर है, यह व्यक्ति की पोषण संबंधी जरूरतों और मात्रा पर निर्भर करता है। जैसे

ताजी खुबानी

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि ताजी खुबानी में पानी की मात्रा ज्यादा और कैलोरी कम होती है, इसलिए यह स्नैक के तौर पर एक ताजगी देने वाला फल है। जब आप ताजी खुबानी खाते हैं तो इससे शरीर को कुछ खास फायदे मिलते हैं जैसे

  • ताजी खुबानी में बीटा-कैरोटीन, ल्यूटिन और जैक्सैंथिन भरपूर मात्रा में होते हैं। ये शरीर में विटामिन A में बदल जाते हैं, जिससे आंखों की रोशनी बढ़ती है।
  • ताजी खुबानी में विटामिन सी होता है जो कि इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ आपको कई बीमारियों से बचा सकते हैं।
  • खुबानी में घुलनशील और अघुलनशील डाइटरी फाइबर के साथ-साथ नेचुरल सॉर्बिटोल भी होता है जो मल को मुलायम बनाकर कब्ज से राहत दिलाता है और गुड बैक्टीरिया भी बढ़ाता है। इससे पाचन क्रिया बेहतर होती है।

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सूखी खुबानी

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि सूखी खुबानी ज्यादा कंसंट्रेटेड होती है क्योंकि उसका ज्यादातर पानी निकाल दिया जाता है, इसलिए कम मात्रा में भी ज्यादा कैलोरी और नेचुरल शुगर मिलती है। सूखी खुबानी से फाइबर, पोटेशियम और दूसरे पोषक तत्व भी मिलते हैं लेकिन यह ताजी खुबानी की तुलना उतना फायदेमंद नहीं होते।

Molecules जर्नल में प्रकाशित स्टडी बताती है कि खुबानी और इसके बीज (kernels) में एंटीऑक्सीडेंट, सूजन कम करने, रोगाणुरोधी और कैंसर से लड़ने वाले गुण पाए जाते हैं। यह फल विटामिन ए, सी और ई से भरपूर होता है। यह मिनरल्स, पोटैशियम, मैग्नीशियम और फाइबर का एक बेहतरीन स्रोत है, जो पाचन और दिल की सेहत को बेहतर रखता है। नियमित सेवन से पुरानी बीमारियों जैसे दिल की बीमारी और डायबिटीज के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।

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खुबानी खाने का सही तरीका क्या है?

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि खुबानी खाने का सही तरीका यह है कि आप दलिया, दही या सलाद में मिलाकर खाएं। कोशिश करें कि खुबानी को भिगोकर खाएं। हालांकि, पेट भरने के लिए इसे आप स्नैक की तरह खा सकते हैं जिसमें कि दूसरे ड्राई फ्रूट्स को भी शामिल कर सकते हैं। इन्हें प्रोटीन या हेल्दी फैट के स्रोत, जैसे बिना चीनी वाला दही, नट्स या बीजों के साथ मिलाकर खाया जा सकता है, जिससे स्नैक ज्यादा पेट भरने वाला बन सकता है और ब्लड ग्लूकोज के स्तर को तेजी से बढ़ने से रोकने में मदद मिल सकती है।

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क्या खुबानी को भिगोकर खाना जरूरी है?

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि हेल्दी डाइजेशन या न्यूट्रिएंट्स के एब्जॉर्प्शन के लिए सूखे खुबानी (Dried Apricots) को रात भर भिगोना जरूरी नहीं है, लेकिन कुछ लोगों को भीगे हुए फल ज्यादा नरम और चबाने व पचाने में आसान लग सकते हैं। भिगोने से सूखे खुबानी का स्वाद भी बेहतर हो सकता है और उनमें पानी की मात्रा बढ़ सकती है। हालांकि, भिगोने से खुबानी न्यूट्रिशन के मामले में बहुत ज्यादा बेहतर नहीं हो जाते।

कितनी मात्रा में खाएं खुबानी?

एक बार में मुट्ठी भर खाने के बजाय, कुछ सूखे खुबानी को नट्स या बीजों के साथ खाना एक अच्छा तरीका हो सकता है। डायबिटीज वाले लोगों या ब्लड ग्लूकोज पर नजर रखने वालों को मात्रा का खास ध्यान रखना चाहिए क्योंकि सूखे मेवों में नैचुरल शुगर ज्यादा मात्रा में होती है।

निष्कर्ष:

ज्यादातर लोगों के लिए, सबसे आसान तरीका यह है कि जब ताजे खुबानी मिलें तो उन्हें खाएं और सूखे खुबानी को एक सुविधाजनक, न्यूट्रिएंट्स से भरपूर स्नैक के तौर पर सीमित मात्रा में खाएं। अगर कोई अपनी कैलोरी या शुगर इनटेक पर नजर रख रहा है, तो फल को भिगोने के बजाय उसकी मात्रा (portion control) पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। बिना चीनी वाली सूखी खुबानी चुनना, चीनी मिली हुई किस्मों की तुलना में बेहतर है।

FAQ

  • क्या गर्भावस्था में खुबानी खा सकते हैं?

    गर्भावस्था में खुबानी खाना फायदेमंद है क्योंकि इसमें आयरन और फोलेट होता है जो प्रेग्नेंसी में आपको हेल्दी रखने में मदद कर सकता है।
  • 1 दिन में कितनी खुबानी खानी चाहिए?

    एक दिन में आपको 1 या 2 से ज्यादा खुबानी नहीं खानी चाहिए। इसका फाइबर शरीर से पानी को सोखकर कब्ज की वजह बन सकता है।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 06, 2026 18:01 IST

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    Reviewed By : Edwina Raj