Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Rhitika Sharma , Nutrition and Dietetics

क्या आपकी डाइट सच में हेल्दी है? ये 8 संकेत बताते हैं कि आपको है डाइट में बदलाव की जरूरत

हेल्दी खाकर भी सही नतीजे न मिलना डाइट में किसी जरूरी चीज की कमी की तरफ इशारा करता है। डायटिशियन ऋतिका शर्मा से जानें कि आपकी डाइट में क्या कमी है और शरीर को सही न्यूट्रिशन देने के लिए कौन-से बदलाव करने चाहिए।

आमतौर पर खुद को हेल्दी रखने के लिए कभी चीनी छोड़ देते हैं, तो कुछ लोग सिर्फ सलाद ही खाते हैं। कुछ लोग स्नैक्स तो खाते हैं, लेकिन पैकेज्ड हेल्दी स्नैक्स पर भरोसा करते हैं, लेकिन सिर्फ कुछ चीजें छोड़ देने या किसी ट्रेंडिंग डाइट को फॉलो करने से आपकी डाइट संतुलित नहीं हो जाती। हमने Rhitika Sharma, Senior Dietitian (Nutrition Consultant), Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की।

उन्होंने बताया कि सही डाइट वही है, जो शरीर को उसकी जरूरत के अनुसार एनर्जी, प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स और फाइबर दे। अगर ऐसा नहीं हो रहा है, तो शरीर धीरे-धीरे कुछ संकेत देने लगता है। इन्हें समय रहते पहचान लिया जाए, तो कई बीमारियों से बचाव हो सकता है।

डाइट में बदलाव के 8 संकेत

Senior Dietitian Rhitika Sharma ने कहा, “अगर हेल्दी डाइट लेने के बावजूद अक्सर थकान, वजन तेजी से बढ़ना, डायजेशन खराब रहना या दिनभर कुछ न कुछ खाने का मन करने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं,तो शायद डाइट में बदलाव की जरूरत है।

1. खाने में फाइबर की कमी

Rhitika Sharma ने बताया कि अगर हर खाने में मैदा, सफेद चावल या रिफाइंड आटा ज्यादा और साबुत अनाज कम है, तो डाइट में फाइबर की कमी हो सकती है। फाइबर डाइजेशन को बेहतर बनाने, लंबे समय तक पेट भरा रखने और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। इसलिए अपनी प्लेट में ब्राउन राइस, ओट्स, दलिया, मल्टीग्रेन रोटी, ज्वार, बाजरा और दूसरे साबुत अनाज शामिल करें।

2. पूरा दिन फल और सब्जियां न खाना

Senior Dietitian Rhitika Sharma कहती हैं, “अक्सर लोग मौसमी फल और सब्जियां दिनभर लेते ही नहीं। इसमें फल न खाने वाले लोगों की तादाद ज्यादा होती है। इससे शरीर में कई जरूरी विटामिन और मिनरल्स की कमी हो जाती है। इसलिए लोगों रोजाना कम से कम 5 सर्विंग फल और सब्जियां खाना चाहिए। इससे इम्यूनिटी मजबूत रहती है, पाचन बेहतर होता है और कई पुरानी बीमारियों का खतरा भी कम हो सकता है। रोजाना फल और सब्जियों की खुराक पूरा करने के लिए नाश्ते में फल, दोपहर के खाने में सलाद और शाम के स्नैक में मौसमी फल शामिल किया जा सकता है।”

3. डाइट में प्रोटीन और ओमेगा-3 की कमी

Rhitika Sharma के अनुसार, कुछ लोग हफ्ते भर में कभी मछली, दाल, पनीर, अंडे, सोया या दूसरी प्रोटीन वाली चीजें खाते हैं, तो इससे डाइट बैलेंस्ड नहीं होती।

  • मांसाहारी लोगों के लिए फैटी फिश जैसे सैल्मन, सार्डिन और मैकेरल में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड हार्ट और दिमाग की सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।
  • शाकाहारी लोगों को अलसी के बीज, अखरोट और चिया सीड्स जैसे विकल्पों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

4. मीठा और सैचुरेटेड फैट जरूरत से ज्यादा खाना

Rhitika Sharma ने बताया कि कुछ लोग रोजाना अपनी डाइट में बिस्किट, केक, मिठाइयां, कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, तली हुई चीजें और फास्ट फूड शामिल करते हैं। जो लोग ऐसा करते हैं, उन्हें मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज और दांतों की समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। वहीं सैचुरेटेड फैट ज्यादा खाने से खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है, जो हार्ट की बीमारियों के रिस्क को बढ़ा सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि मक्खन और घी की ज्यादा मात्रा के बजाय सीमित मात्रा में सरसों, मूंगफली या ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करें और प्रोसेस्ड फूड कम से कम खाएं।

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5. नमक जरूरत से ज्यादा खाना

Senior Dietitian Rhitika Sharma कहती हैं, “मैंने कई लोगों को देखा है, जो खाने में तो कम नमक डालते हैं, लेकिन सलाद में नमक या फिर दही में नमक डाल लेते हैं। इससे शरीर में नमक की मात्रा जरूरत से ज्यादा चली जाती है। कुछ लोग अक्सर चिप्स, नमकीन, इंस्टेंट नूडल्स, रेडी-टू-ईट फूड और पैकेज्ड स्नैक्स खाते हैं। इससे भी शरीर में सोडियम की मात्रा जरूरत से ज्यादा हो सकती है।”

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) वयस्कों को रोजाना 5 ग्राम से कम नमक, जो लगभग एक छोटी चम्मच के बराबर है, लेने की सलाह देता है। ज्यादा नमक खाने से हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट की बीमारियां और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए पैकेज्ड फूड खरीदते समय उसका न्यूट्रिशन लेबल जरूर पढ़ना चाहिए।

6. फिजिकल एक्टिविटी न करना

Rhitika Sharma ने कहा, “अक्सर लोग डाइट प्लान तो ले लेते हैं, लेकिन फिजिकल एक्टिविटी बिल्कुल या बहुत कम करते हैं। अगर हेल्दी खाने के बाद सारा दिन बैठे ही रहते हैं, तो इसका पूरा फायदा शरीर को नहीं मिल पाता। अच्छी डाइट और रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी से ही शरीर को बेहतर फायदा मिलता है।”

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक,18 से 64 साल के वयस्कों को हफ्ते में कम से कम मॉडरेटटेंसिटी एक्सरसाइज करनी चाहिए। मांसपेशियों की मजबूती के लिए हफ्ते में दो या इससे ज्यादा दिन मसल स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जरूर करनी चाहिए।

Rhitika Sharma ने बताया कि अगर पेट के आसपास फैट बढ़ रहा है, सीढ़ियां चढ़ने में सांस फूलती है या थोड़ी-सी मेहनत में थकान महसूस होती है, तो यह संकेत है कि अब लाइफस्टाइल में बदलाव की जरूरत है। वजन को हेल्दी रखने के लिए सिर्फ खाना कम करने के बजाय संतुलित डाइट और रेगुलर एक्सरसाइज पर ध्यान देना चाहिए। वहीं बहुत कम वजन होना भी शरीर के लिए अच्छा नहीं माना जाता।

7. पूरे दिन पानी कम पीना

Rhitika Sharma का कहना है, “अक्सर लोग भूख और प्यास में फर्क नहीं कर पाते। कई बार शरीर को सिर्फ पानी की जरूरत होती है, लेकिन लोग स्नैक्स खाना शुरू कर देते हैं। अगर किसी को बार-बार सिरदर्द, थकान, मुंह सूखना, कब्ज या गहरे रंग का यूरिन आता है, तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है। इसलिए दिनभर में कम से कम 6 से 8 गिलास पानी जरूर पिएं। गर्मियों में या कसरत करने पर पसीना आने से पानी की जरूरत बढ़ भी सकती है। मीठे कोल्ड ड्रिंक और पैकेज्ड जूस की बजाय सादा पानी, नारियल पानी, छाछ और बिना चीनी वाले ड्रिंक्स लेने चाहिए।”

8. नाश्ता न करना

Senior Dietitian Rhitika Sharma ने कहा, “मेरे पास बहुत लोग यह सवाल लेकर आते हैं कि हमने सुबह का नाश्ता छोड़ दिया है, तो क्या यह सही है? हालांकि, कुछ लोगों के लिए ठीक हो सकता है, लेकिन जिन्हें पेट से जुड़ी समस्या है या फिर कोई बीमारी है। उन्हें नाश्ता बिल्कुल नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से फास्टिंग समय बढ़ जाता है। इससे उन्हें हाइपरग्लाइमिया हो सकता है, माइग्रेन रोगियों को सिरदर्द की समस्या बढ़ सकती है और जिन मरीजों को हाइपरटेंशन की समस्या है, उन्हें हाइपोटेंशन हो सकती है। इसलिए सुबह के नाश्ते में ये चीजें जरूर शामिल की जा सकती है।”

  • ओट्स या दलिया
  • पोहा या उपमा
  • अंडे
  • दूध या दही
  • मौसमी फल
  • मल्टीग्रेन ब्रेड या रोटी
  • अंकुरित अनाज

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हेल्दी डाइट रोज इन आदतों को जरूर अपनाएं

Rhitika Sharma ने लोगों को अपने लाइफस्टाइल में ये आसान आदते अपनाने की सलाह दी है।

  • हर दिन अलग-अलग तरह के फल और सब्जियां खाएं।
  • सफेद चावल और मैदे के बजाय साबुत अनाज ज्यादा लें।
  • तली-भुनी और प्रोसेस्ड चीजें सीमित करें।
  • नमक और चीनी की मात्रा कम रखें।
  • पर्याप्त पानी पिएं।
  • रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्टिव रहें।
  • खाना खाते समय टीवी या मोबाइल न देखें।
  • रात का खाना बहुत लेट में न खाएं।
  • खाने के लेबल पढ़ने की आदत डालें।

निष्कर्ष
Senior Dietitian Rhitika Sharma ने सलाह दी है कि हेल्दी डाइट का मतलब सिर्फ कैलोरी गिनना नहीं है। हेल्दी डाइट वही है, जो शरीर को सभी न्यूट्रिशन दे, वजन को बैलेंस्ड रखें और फिजिकल एक्टिविटी जरूर करें। लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव करके हेल्दी रहा जा सकता है।

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FAQ

  • वजन बिल्कुल न घटना या अचानक बहुत तेजी से बढ़ना डाइट में किस गड़बड़ी का संकेत है?

    अगर कोई कम खा रहा है, फिर भी वजन नहीं घट रहा या अचानक बढ़ रहा है, तो यह आपकी डाइट में प्रोटीन की कमी और बहुत ज्यादा शुगर का संकेत है। इससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है। साथ ही, यह थायराइड या इंसुलिन रेजिस्टेंस का भी संकेत हो सकता है।
  • क्या बार-बार मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन भी गलत डाइट का नतीजा हो सकता है?

    आंतों और दिमाग का सीधा संबंध होता है और इसे गट-ब्रेन एक्सिस कहा जाता है। डाइट में बहुत ज्यादा चीनी, प्रोसेस्ड फूड या बहुत ज्यादा कैफीन लेने से ब्लड शुगर अचानक बढ़ता और घटता है, जिससे मूड स्विंग्स, घबराहट और चिड़चिड़ापन होने लगता है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 06, 2026 19:02 IST

    Published By : Aneesh Rawat
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