Sat Oct 31, 2026 | 01:05 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

महिलाओं में पेल्विक फ्लोर कमजोर होने के क्या संकेत हैं और क्या इससे यूरिन लीकेज हो सकता है?

अधिक उम्र की महिलाओं को अक्सर यूरिन लीकेज की समस्या हो जाती है। ऐसा पेल्विक फ्लोर कमजोर होने के कारण होता है। जानें इनका आपस में क्या कनेक्शन है? खुद डॉक्टर समझा रही हैं।
महिलाओं में पेल्विक फ्लोर कमजोर होने के क्या संकेत हैं और क्या इससे यूरिन लीकेज हो सकता है?महिलाओं में पेल्विक फ्लोर कमजोर होने के क्या संकेत हैं और क्या इससे यूरिन लीकेज हो सकता है?

महिलाओं में यूरिन लीकेज यानी पेशाब पर नियंत्रण न रह पाना एक ऐसी समस्या है, जिसके बारे में आज भी कई महिलाएं खुलकर बात नहीं करतीं। कुछ महिलाएं इसे बढ़ती उम्र का सामान्य हिस्सा मान लेती हैं, तो कुछ प्रसव के बाद होने वाले बदलाव समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन अगर खांसते, छींकते, हंसते, दौड़ते या भारी सामान उठाते समय पेशाब की कुछ बूंदें निकल जाती हैं, तो यह पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों के कमजोर होने का संकेत हो सकता है। पेल्विक फ्लोर महिलाओं के शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो मूत्राशय, गर्भाशय और मलाशय जैसे अंगों को सहारा देने का काम करता है। इस बारे में जानने के लिए हमने वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से बात की।

क्या है पेल्विक फ्लोर और क्यों जरूरी हैं इसकी मांसपेशियां?

Signs And Symptoms Of Weak Pelvic Floor In WomanSigns And Symptoms Of Weak Pelvic Floor In Woman

पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों और सहायक ऊतकों का एक समूह है, जो श्रोणि यानी पेल्विस के निचले हिस्से में मौजूद होता है। ये मांसपेशियां मूत्राशय, गर्भाशय और आंतों को सही स्थिति में बनाए रखने में मदद करती हैं। साथ ही पेशाब और मल त्याग पर नियंत्रण रखने तथा यौन स्वास्थ्य में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब ये मांसपेशियां कमजोर या क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, तो महिलाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

National Institutes of Health के शोध पृष्ठ के अनुसार पेल्विक फ्लोर डिसऑर्डर जैसे यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस, पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स और बाउल इनकॉन्टिनेंस महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती हैं। ऐसा खासकर बुजुर्ग महिलाओं के साथ अधिक होता है।

इसे भी पढ़ें: क्या पेल्विक फ्लोर डिस्फंक्शन से कब्ज हो सकती है? जानें डॉक्टर से

पेल्विक फ्लोर कमजोर होने के संकेत- Signs Of Weak Pelvic Floor In Woman

NIH के StatPearls में प्रकाशित चिकित्सीय अध्ययन के अनुसार पेल्विक फ्लोर डिसफंक्शन के कारण यूरिनरी इनकंटीनेंस (पेशाब का रिसाव), पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स (अंगों का अपनी जगह से खिसकना), क्रोनिक पेल्विक दर्द, कब्ज, शौच करने में कठिनाई जैसी समस्याएं होने लगती हैं।

  1. खांसने और छींकने पर यूरिन लीकेज: यह पेल्विक फ्लोर की कमजोरी का एक प्रमुख संकेत हो सकता है। खांसने, छींकने, हंसने, कूदने या व्यायाम करने के दौरान पेट पर दबाव बढ़ता है। कमजोर पेल्विक फ्लोर इस दबाव को संभाल नहीं पाता, जिसके कारण पेशाब की कुछ बूंदें बाहर निकल सकती हैं। इसे स्ट्रेस यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस कहा जाता है।
  2. बार-बार पेशाब आने की इच्छा: कुछ महिलाओं को बार-बार पेशाब जाने की जरूरत महसूस होती है। कई बार अचानक इतनी तेज इच्छा होती है कि शौचालय पहुंचने से पहले ही पेशाब निकल जाता है। हालांकि, इसके पीछे ओवरएक्टिव ब्लैडर, यूरिन इन्फेक्शन या अन्य कारण भी हो सकते हैं।
  3. योनि में भारीपन या दबाव महसूस होना: पेल्विक फ्लोर कमजोर होने पर कुछ महिलाओं को योनि के आसपास भारीपन, खिंचाव या नीचे की ओर कुछ खिसकने जैसा एहसास हो सकता है। यह पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स का संकेत हो सकता है, जिसमें गर्भाशय या अन्य पेल्विक अंग अपनी सामान्य स्थिति से नीचे की ओर आने लगते हैं।
  4. कमर और पेल्विक क्षेत्र में दर्द: पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों में कमजोरी या उनके सही तरीके से काम न करने पर पेल्विक क्षेत्र, कमर या निचले पेट में असहजता हो सकती है। हालांकि, इन लक्षणों के अन्य कारण भी हो सकते हैं।
  5. यौन संबंधों के दौरान परेशानी: कुछ महिलाओं को यौन संबंध बनाते समय दर्द, असहजता या पेल्विक क्षेत्र में दबाव महसूस हो सकता है। पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों में कमजोरी के साथ-साथ उनका अत्यधिक तनावग्रस्त होना भी ऐसी परेशानी का कारण बन सकता है।

किन महिलाओं में बढ़ जाता है जोखिम?

गर्भावस्था और सामान्य प्रसव के दौरान पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों पर काफी दबाव पड़ता है। इसलिए प्रसव के बाद कुछ महिलाओं में इन मांसपेशियों की कमजोरी देखी जा सकती है। इसके अलावा बढ़ती उम्र, मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन में कमी, मोटापा, लगातार कब्ज, लंबे समय तक खांसी, भारी वजन उठाना और पेल्विक क्षेत्र की सर्जरी भी जोखिम बढ़ा सकती है। जिन महिलाओं का बार-बार प्रसव हुआ है, उनमें भी इसकी आशंका अधिक हो सकती है।

पेल्विक फ्लोर को मजबूत कैसे बनाएं?

पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए कीगल एक्सरसाइज उपयोगी हो सकती हैं। इसमें उन मांसपेशियों को सिकोड़ना और फिर ढीला छोड़ना होता है, जिनका इस्तेमाल पेशाब रोकने के लिए किया जाता है। शुरुआत में कुछ सेकंड तक मांसपेशियों को सिकोड़कर रखें और फिर पूरी तरह आराम दें। इसे नियमित रूप से दोहराया जा सकता है। हालांकि, कीगल एक्सरसाइज करते समय पेट, जांघों और कूल्हों की मांसपेशियों को कसने से बचना चाहिए। पेशाब करते समय बार-बार धार रोककर इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए।

इसके अलावा वजन नियंत्रित रखें, कब्ज से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और भारी वजन उठाने से बचें। यदि यूरिन लीकेज लगातार हो रहा है, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। जरूरत पड़ने पर पेल्विक फ्लोर फिजियोथेरेपी, ब्लैडर ट्रेनिंग, दवाओं या अन्य उपचारों की मदद ली जा सकती है।

इसे भी पढ़ें: एक्सरसाइज से मजबूत बनेंगी पेल्विक फ्लोर की मसल्स, जानें कौन-से व्यायाम करें? 

निष्कर्ष

यूरिन लीकेज ऐसी समस्या नहीं है जिसे शर्मिंदगी या उम्र का सामान्य हिस्सा समझकर नजरअंदाज कर दिया जाए। सही समय पर जांच और उपचार से अधिकांश महिलाओं को काफी राहत मिल सकती है। यदि पेशाब में खून आए, पेशाब करने में परेशानी हो या बार-बार संक्रमण हो, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। सही जानकारी और समय पर देखभाल महिलाओं को बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने में मदद कर सकती है।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या सिजेरियन डिलीवरी (C-Section) होने पर भी पेल्विक फ्लोर कमजोर हो सकता है?

    हां, 9 महीने तक गर्भ में पल रहे शिशु का लगातार वजन और गर्भावस्था के दौरान निकलने वाला रिलैक्सिन (Relaxin) हार्मोन सी-सेक्शन के बाद भी पेल्विक फ्लोर को ढीला कर सकता है।
  • क्या ज्यादा कॉफी या कैफीनयुक्त चाय पीने से यूरिन लीकेज की समस्या बढ़ सकती है?

    कैफीन ब्लैडर इरिटेंट है, जो मूत्राशय की मांसपेशियों में अनियंत्रित संकुचन पैदा कर सकता है। उससे यूरिन लीकेज की समस्या बढ़ जाती है।

Read Next

→ क्या बार-बार वजाइनल इंफेक्शन होना डायबिटीज का शुरुआती संकेत हो सकता है? डॉक्टर ने खुद दी जानकारी

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 31, 2026 11:24 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta