Vegetarian Protein Sources: शाकाहारी हैं और हाई प्रोटीन आहार ढूंढ रहे हैं, तो आपको बता दें कि कई ऐसे आहार हैं, जो प्रोटीन से भरपूर होते हैं जैसे सोया चंक्स, सत्तू, काले चने, टोफू, ओट्स, कद्दू के बीज, मूंगफली वगैरह। इन सभी प्रोटीन फूड्स को सलाद, सब्जी, चाट, टिक्की, पराठा, चीला या अन्य फॉर्म में अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। जो लोग वेट लॉस कर रहे हैं, वे भी सीमित मात्रा में इन फूड्स को डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। हड्डियों, मांसपेशियों के निर्माण, शरीर की ताकत को बढ़ाने के लिए प्रोटीन का सेवन जरूरी है। आइए जानते हैं ऐसे 7 स्रोत के बारे में जो प्रोटीन की जरूरत पूरा कर सकते हैं। बेहतर जानकारी के लिए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।
National Health Service, UK के मुताबिक,
दालों में फैट कम होता है, जबकि प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। मेवे और बीज भी प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों के अच्छे स्रोत हैं। शरीर की कोशिकाओं के निर्माण और मरम्मत के लिए अमीनो एसिड की जरूरत होती है। इनकी सही मात्रा पाने के लिए अलग-अलग तरह के प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ खाने चाहिए।
| प्रोटीन स्रोत | प्रोटीन की मात्रा प्रति 100 ग्राम | हेल्दी रेसिपी विकल्प |
| 1. सोया चंक्स | लगभग 50 से 52 ग्राम | सोया चंक्स की सब्जी बनाएं या सलाद में मिलाकर खाएं। |
| 2. कद्दू के बीज | लगभग 25 से 30 ग्राम | कद्दू के बीज को पीसकर हेल्दी लड्डू बनाएं, सलाद में भी मिला सकते हैं। |
| 3. मूंगफली | लगभग 25 से 26 ग्राम | मूंगफली को रोस्ट करके खाएं या सलाद बनाएं। |
| 4. काले चने | लगभग 20 से 22 ग्राम | चाट या सलाद में डालकर खाएं, टिक्की बनाएं। |
| 5. सत्तू | लगभग 20 से 22 ग्राम | सत्तू का चीला खा सकते हैं या शरबत बनाकर पी सकते हैं। |
| 6. ओट्स | लगभग 13 ग्राम | ओट्स को दूध, दही, फलों के साथ मिलाकर खा सकते हैं, नमकीन ओट्स भी बना सकते हैं। |
| 7. टोफू | लगभग 8 से 17 ग्राम | टोफू को सलाद में मिलाकर खा सकते हैं। |
आहार में प्रोटीन की दैनिक आवश्यकता
- एक मील में 20 से 35 ग्राम प्रोटीन ले सके हैं।
- दिनभर में करीब 1.3 से 1.7 ग्राम प्रोटीन वजन के प्रति किलोग्राम लेना चाहिए।
उदाहरण:
किसी का वजन अगर 60 किलो है, तो उसे हर दिन 90 ग्राम प्रोटीन का सेवन करना चाहिए।
(60 kg x 1.5 g = 90 ग्राम प्रोटीन)
सोया चंक्स और टोफू: प्रोटीन के पावरहाउस
soya-chunks-protein-source
वेजिटेरियन फूड्स पसंद करने वाले लोगों के लिए सोया चंक्स और टोफू प्रोटीन का पावरहाउस हैं। 100 ग्राम सोया चंक्स में करीब 50 से 52 ग्राम प्रोटीन होता है, वहीं 100 ग्राम टोफू में करीब 8 से 17 ग्राम प्रोटीन होता है। सोया चंक्स में प्रोटीन के अलावा आयरन और फाइबर भी होता है। इसे खाकर पेट देर तक भरा रहता है, वहीं टोफू से शरीर को कैल्शियम मिलता है जिससे मांसपेशियों के निर्माण और रिपेयर में मदद मिलती है।
John Hopkins Medicine के मुताबिक, सोया में मौजूद फोलेट और विटामिन बी6, बी12, बढ़ते बालों को पोषण देने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद कैल्शियम दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करते हैं।
यह भी पढ़ें- नाश्ते में प्रोटीन के लिए अंडे का विकल्प ढूंढ रहे हैं, तो खाएं ये 5 हाई प्रोटीन मील्स
मूंगफली और कद्दू के बीज: प्रोटीन के साथ हेल्दी फैट्स
100 ग्राम मूंगफली में करीब 25 से 26 ग्राम और कद्दू के बीजों में 25 से 30 ग्राम प्रोटीन हो सकता है। मूंगफली में अनसैचुरेटेड फैट, नियासिन और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं और इसका सेवन करने से शरीर को ताकत मिलती है, एनर्जी बढ़ती है। वहीं कद्दू के बीजों में प्रोटीन, मैग्नीशियम, जिंक और हेल्दी फैट्स मौजूद होते हैं जो मांसपेशियों की मरम्मत के लिए जरूरी माने जाते हैं।
सत्तू और काले चने: संपूर्ण प्रोटीन के स्रोत
black-chickpea-protein-sources
100 ग्राम सत्तू और 100 ग्राम काले चने में करीब 20 से 22 ग्राम प्रोटीन होता है। भुने चने से बने सत्तू में प्रोटीन, फाइबर, आयरन और अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इसे खाकर पेट भरता है और ओवरईटिंग की संभावना कम होती है। वहीं, काले चने में प्रोटीन के अलावा फोलेट भी मौजूद होता है।है। इसे खाकर पेट देर तक भरा रहता है और इसे वेट लॉस डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
यह भी पढ़ें- इंडियन थाली में इन 4 तरीकों से लगाएं प्रोटीन का तड़का, आसानी से होगा वेट लॉस
ओट्स के फायदे
100 ग्राम ओट्स में करीब 13 ग्राम प्रोटीन होता है। इसके अलावा ओट्स में फाइबर, कार्ब्स और बीटा-ग्लूकान नाम का घुलनशील फाइबर होता है। बीटा-ग्लूकान से कोलेस्ट्रॉल लेवल को बनाए रखने में मदद मिलती है। वहीं इसमें मौजूद फाइबर से पेट भरा रहता है।
शाकाहारी प्रोटीन को डाइट में शामिल करने के तरीके
- दिन की शुरुआत प्रोटीन रिच नाश्ते से करें। नाश्ते में सत्तू का चीला, टोफू भुर्जी या नमकीन ओट्स खा सकते हैं।
- लंच में रोजाना दाल खाने के बजाय कभी सोया चंक्स, टोफू या काले चने की सब्जी बनाएं।
- सलाद में प्रोटीन बढ़ाएं। खीरा, टमाटर और गाजर के सलाद में उबले काले चने या टोफू के टुकड़े मिलाएं।
- शाम के स्नैक्स बदलें। चिप्स और बिस्कुट की जगह भुने काले चने, भुनी मूंगफली या कद्दू के बीज खाएं।
- रोटी के साथ प्रोटीन वाले फूड्स खाएं जैसे टोफू की सब्जी, सोया चंक्स या काले चने की सब्जी लें।
- दिनभर प्रोटीन को बांटकर खाएं। प्रोटीन सिर्फ रात के खाने में लेने के बजाय नाश्ते, दोपहर और रात के भोजन में शामिल करें। इससे रोज की प्रोटीन जरूरत पूरी करना आसान हो सकता है।
निष्कर्ष:
एक मील में 20 से 35 ग्राम प्रोटीन ले सके हैं। दिनभर में करीब 1.3 से 1.7 ग्राम प्रोटीन वजन के प्रति किलोग्राम लेना चाहिए। अगर आप वेजिटेरियन फूड्स में प्रोटीन के विकल्प ढूंढ रहे हैं और प्रोटीन के लिए दाल और पनीर खाकर थक चुके हैं, तो कई ऐसे अन्य फूड्स हैं जो शाकाहारी भी हैं और इनमें प्रोटीन की भरपूर मात्रा पाई जाती है जैसे सोया चंक्स, सत्तू, काले चने, टोफू, ओट्स, कद्दू के बीज, मूंगफली वगैरह। सोया चंक्स खाकर पेट देर तक भरा रहता है और टोफू से शरीर को कैल्शियम मिलता है, यह मांसपेशियों के निर्माण के लिए फायदेमंद है। सत्तू में फाइबर होता है इसे खाकर पेट भरता है और ओवरईटिंग की संभावना घटती है और काले चने को वेट लॉस डाइट में शामिल कर सकते हैं। मूंगफली खाने से शरीर को एनर्जी मिलती है और कद्दू के बीजों का सेवन करके मांसपेशियों को रिपेयर करने में मदद मिलती है, वहीं ओट्स कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करता है और पेट को लंबे समय तक भरा रखता है।
image credit: magnific
FAQ
क्या प्रोटीन वजन घटाने में मदद करता है?
हां। प्रोटीन लेने से लंबे समय तक भरा रहता है। इससे बार-बार भूख नहीं लगती और स्नैकिंग की लत से बचने में मदद मिलती है।हाई प्रोटीन डाइट के नुकसान क्या हैं?
हाई प्रोटीन डाइट लेने से पाचन बिगड़ सकता है, किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है और अन्य पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Oct 21, 2026 14:53 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Smita Singh
