Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

अंडा-च‍िकन नहीं प्‍लांट प्रोटीन से पूरी करें डेली डोज, एक्‍सपर्ट से जानें सही तरीका

क्‍या आप भी प्रोटीन के ल‍िए केवल वीगन व‍िकल्‍पों की न‍िर्भर हैं? च‍िंता न करें, रोज की प्रोटीन जरूरतों के ल‍िए अंडा-च‍िकन खाने की जरूरत नहीं है। इसके बगैर भी प्रोटीन की जरूरतों को प्‍लांंट व‍िकल्‍पों से पूरा क‍िया जा सकता है। एक्‍सपर्ट से जानते हैं इसका आसान तरीका। 

हमारे शरीर की अच्‍छी ग्रोथ के ल‍िए प्रोटीन एक खास पोषक तत्‍व है। मांसपेश‍ियों, हड्ड‍ियों की सेहत, त्‍वचा, सेल्‍स और लगभग हर काम के ल‍िए शरीर को प्रोटीन की जरूरत होती है। लोगों में एक म‍िथक बहुत प्रचलि‍त है क‍ि प्रोटीन की कमी को दूर करने के ल‍िए अंडा और च‍िकन खाना जरूरी है। जबक‍ि प्रोटीन की कमी को प्‍लांट बेस्‍ड प्रोटीन से भी दूर क‍िया जा सकता है और रोज की प्रोटीन की जरूरत को प्‍लांट बेस्‍ड व‍िकल्‍पों से दूर कर सकते हैं।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Council of Medical Research) के मुताब‍िक, द‍िनभर में आपको कम से कम 0.66 ग्राम प्रोटीन प्रत‍ि क‍िलो प्रत‍ि द‍िन के ह‍िसाब से लेना चाह‍िए। अगर आप शाकाहारी हैं, तो सब्‍ज‍ियां, बीन्‍स, नट्स और सीड्स का सेवन करके प्रोटीन की जरूरत को पूरा कर सकते हैं। साथ ही डाइट में प्रोटीन और अनाज को शाम‍िल करके शरीर को सभी जरूरी नौ अम‍िनो एस‍िड्स म‍िल जाते हैं। इस लेख में हम जानेंगे प्रोटीन की कमी को प्‍लांट बेस्‍ड व‍िकल्‍पोंं से कैसे पूरा क‍िया जा सकता है? इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

1. अलग-अलग प्रोटीन स्रोतों को शाम‍िल करें- Include Mix Of Protein Sources

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अगर आप सोच रहे हैं क‍ि केवल एक प्रोटीन स्रोत को डाइट में शाम‍िल करके प्रोटीन इंटेक बढ़ जाएगा, तो ऐसा नहीं है। इससे शरीर को सभी जरूरी अमीनो एस‍िड्स नहीं म‍िल पाते हैं। शरीर में प्रोटीन इंटेक बढ़ाने के ल‍ि‍ए प्रोटीन के अलग-अलग व‍िकल्‍पों को डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएं। अंडे, टोफू, पनीर, सोया, साबुत अनाज, चना वगैरह का सेवन कर सकते हैं।

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2. नट्स और सीड्स को डेली डाइट में शाम‍िल करें- Include Nuts And Seeds In Daily Diet

डाइट में प्रोटीन के अब्‍जार्ब होने की प्रक्र‍िया को बेहतर करना है, तो नट्स और सीड्स को डाइट में शाम‍िल करना अच्‍छा व‍िकल्‍प है। नट्स और सीड्स में प्रोटीन के साथ-साथ हेल्‍दी फैट्स और म‍िनरल्‍स भी पाए जाते हैं। द‍ि‍नभर के प्रोटीन इंटेक को बढ़ाने के ल‍िए इन्‍हें स्नैक्स, दही या सलाद के साथ ले सकते हैं। च‍िया सीड्स, कद्दू के बीज, च‍िया सीड्स, बादाम, मूंंगफली, अखरोट वगैरह को डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएं।

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3. द‍िनभर में प्रोटीन को बांटकर लें- Divide Protein Intake Throughout The Day

अगर आप सोच रहे हैं क‍ि केवल सुबह या केवल शाम को प्रोटीन का सेवन करने से शरीर में प्रोटीन की कमी दूर हो जाएगा, तो यह सही नहीं है। शरीर प्रोटीन को तब बेहतर ढंंग से अब्‍जार्ब कर पाता है जब उसे पूरे द‍िन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ल‍िया जाए। मसल्‍स को जब इस मील से प्रोटीन म‍िलता है, तो वह उसे बेहतर ढंग से अब्‍जार्ब कर पाता है।

न‍िष्‍कर्ष:

प्रोटीन की डेली डोज को पूरा करने के ल‍िए अंडा-च‍िकन खाना जरूरी नहीं है। द‍िनभर प्रोटीन को अलग-अलग मील्‍स का ह‍िस्‍सा बनाएंं, नट्स और सीड्स का सेवन करें और प्रोटीन के अलग-अलग व‍िकल्‍पों का सेवन करने से रोज की प्रोटीन जरूरत को आसानी से पूरा क‍िया जा सकता है।

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FAQ

  • प्रोटीन र‍िच फूड्स कौन से हैं?

    अंडा, च‍िकन, टोफू, पनीर, राजमा, दूध, दही, बादाम, अखरोट, च‍िया सीड्स, कद्दू के बीज, लीन मीट, सैल्‍मन मछली प्रोटीन के अच्‍छे स्रोत माने जाते हैं।
  • प्रोटीन की कमी के क्‍या नुकसान हैं?

    प्रोटीन की कमी से मांसपेश‍ियां कमजोर हो जाती हैं, बाल झड़ने लगते हैं, थकान होती है, हड्ड‍ियांं कमजोर होने लगती हैं और धीरे-धीरे इम्‍यून‍िटी भी कमजोर हो जाती है। 
  • प्रोटीन क्‍या होता है?

    प्रोटीन हमारे शरीर के ल‍िए एक जरूरी पोषक तत्‍व है ज‍िसकी मदद से सेल्‍स को र‍िपेयर करने, त्‍वचा और बालों को स्‍वस्‍थ रखने, मसल्‍स और हड्ड‍ियों की सेहत को बेहतर बनाने में मदद म‍िलती है। 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 12, 2026 18:21 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Feb 12, 2026 18:21 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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