Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

नाश्‍ते में प्रोटीन के लिए अंडे का व‍िकल्‍प ढूंढ रहे हैं, तो खाएं ये 5 हाई प्रोटीन मील्‍स

नाश्‍ते में अंडा बेस्‍ट व‍िकल्‍प माना जाता है क्‍योंक‍ि इसमें प्रोटीन होता है, लेक‍िन अंडे के अलावा भी कई हेल्‍दी व‍िकल्‍प हैं ज‍िससे प्रोटीन की भरपाई हो सकती है। जानें ऐसे 5 हेल्‍दी व‍िकल्‍पों के बारे में।

प्रोटीन एक पावरहाउस न्‍यूट्र‍िएंट है जो बॉडी को र‍िपेयर करने और हेल्‍दी रखने के ल‍िए जरूरी है। अंडे के बगैर भी कई ऐसे हाई प्रोटीन ब्रेकफास्‍ट व‍िकल्‍प हैं जो प्रोटीन की कमी को दूर करते हैं और एनर्री लेवल को बढ़ाते हैं। साथ ही हाई प्रोटीन डाइट लेने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है और बार-बार भूख लगने की समस्‍या नहीं होती है और ओवरईट‍िंग से बचने में मदद म‍िलती है। जब शरीर में प्रोटीन ब्रेक डाउन होता है, तो मेटाबॉल‍िज्‍म और इम्‍यून‍िटी बढ़ती है। वयस्‍क द‍िनभर में 45 से 55 ग्राम प्रोटीन का सेवन कर सकते हैं। आइए जानते हैं 5 ऐसे हाई प्रोटीन ब्रेकफास्‍ट व‍िकल्‍पों के बारे में ज‍िसे खाकर अंडे की याद नहीं आएगी। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

1. सफेद चना

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एक कप सफेद चने में करीब 30 ग्राम प्रोटीन होता है। चने कॉम्‍प्‍लेक्‍स कार्ब्स का अच्‍छा स्रोत माने जाते हैं। इसका सेवन करने से ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। नाश्‍ते में चने को सलाद के फॉर्म में एड करना सबसे हेल्‍दी तरीका है। इसे ताजी सब्‍ज‍ियों के साथ सलाद बनाकर खाएं।

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2. टोफू

नाश्‍ते में टोफू का सेवन भी कर सकते हैं। टोफू में 12 ग्राम प्रोटीन होता है। प्रोटीन में आयरन, मैग्नीशियम और अन्‍य जरूरी न्‍यूट्र‍िएंट्स पाए जाते हैं। टोफू का सेवन करने से बैड कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर कम करने में मदद म‍िलती है।

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3. पीनट बटर

दो चम्‍मच पीनट बटर में करीब सात ग्राम प्रोटीन होता है। पीनट बटर का सेवन करने से शरीर को हेल्‍दी फैट्स भी म‍िलते हैं, ले‍क‍िन जरूरत से ज्‍यादा पीनट बटर लेने से वजन बढ़ सकता है इसल‍िए सीम‍ित मात्रा में इसे खाएं। साल 2026 में Journal Of Cachexia, Sarcopenia And Muscle नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, बुजुर्गों को पीनट बटर का सेवन करने से वजन बढ़ाए बगैर मसल पॉवर बढ़ाने में मदद म‍िली।

4. ओट्स

एक कप ओट्स में करीब 26 ग्राम प्रोटीन होता है। ओट्स सॉल्‍युबल फाइबर का अच्‍छा व‍िकल्‍प है। यह डाइजेशन के ल‍िए भी फायदेमंद माना जाता है। ओट्स का सेवन करने से हार्ट ड‍िजीज से बचाव होता है।

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5. मूंगदाल चीला

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मूंग दाल चीना में करीब 10 ग्राम प्रोटीन होता है। इसमें डाइटरी फाइबर, व‍िटाम‍िन्‍स और म‍ि‍नरल्‍स भी पाए जाते हैं। मूंग दाल चीला खाकर शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है और यह ग्‍लूटेन-फ्री व‍िकल्‍प है ज‍िसे ब्रेकफास्‍ट का ह‍िस्‍सा बनाया जा सकता है।

हाई प्रोटीन डाइट क्‍यों है फायदेमंद?

  • हाई प्रोटीन डाइट से शरीर को एनर्जी म‍िलती है और थकान दूर होती है।
  • स्‍क‍िन और बालों की अच्‍छी सेहत के ल‍िए प्रोटीन डाइट फायदेमंद है। हेयर लॉस से बचने के ल‍िए प्रोटीन का सेवन फायदेमंद है।
  • प्रोटीन बीपी कंट्रोल करने में मदद करता है ज‍िससे हार्ट हेल्‍थ बेहतर होती है और स्‍ट्रोक का खतरा कम होता है।
  • हाई प्रोटीन डाइट लेने से हंगर लेवल और भूख को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।
  • मसल मास और स्‍ट्रेंथ बढ़ाने के ल‍िए हाई प्रोटीन डाइट असरदार है।

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हाई प्रोटीन डाइट के कुछ नुकसान भी हैं

एक हेल्‍दी व्‍यक्‍त‍ि हाई प्रोटीन डाइट का सेवन कर सकता है, लेक‍िन जरूरत से ज्‍यादा प्रोटीन लेने से सेहत को नुकसान हो सकता है जैसे-

  • ज्‍यादा प्रोटीन से क‍िडनी फंक्‍शन खराब हो सकता है और क‍िडनी स्‍टोन का खतरा भी बढ़ सकता है।
  • हाई प्रोटीन डाइट से कुछ लोगों में कैल्‍श‍ियम लॉस का खतरा बढ़ सकता है।
  • ज्‍यादा प्रोटीन र‍िच फूड्स का सेवन करने से कब्‍ज और डायर‍िया जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।

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क‍िन लोगों को नहीं लेनी चाह‍िए हाई प्रोटीन डाइट?

अगर आप स्‍वस्‍थ हैं, तो हेल्‍दी डाइट के साथ हाई प्रोटीन फूड्स का सेवन कर सकते हैं। हालांक‍ि, अगर आप हाई प्रोटीन डाइट को लंबे समय तक लेते हैं, तो सेहत ब‍िगड़ सकती है। हाई प्रोटीन डाइट लेने से शरीर में फाइबर की कमी हो सकीत है ज‍िससे स‍िरदर्द या कब्‍ज की समस्‍या हो सकती है।

Mayo Clinic में प्रकाश‍ित एक लेख के मुताब‍िक, ज‍िन लोगों को क‍िडनी की समस्‍या है, उन्‍हें हाई प्राेटीन डाइट नहीं लेना चाह‍िए। ऐसा इसल‍िए क्‍योंक‍ि उनके शरीर में क‍िडनी के ठीक से काम न कर पाने की स्‍थ‍िति‍ में प्रोटीन ठीक से ब्रेक डाउन नहीं हो पाएगा। इसल‍िए हाई प्रोटीन डाइट लेने से पहले डॉक्‍टर से सलाह लेकर अपनी मेड‍िकल कंडीशन को समझना जरूरी है।

न‍िष्‍कर्ष:

हाई प्रोटीन डाइट लेना चाहते हैं और अंडा नहीं खाना, तो मूंग दाल चीला, सफेद चना, पीनट बटर, ओट्स, टोफू जैसे हेल्‍दी व‍िकल्‍प चुन सकते हैं। जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, मसल मास बढ़ाना चाहते हैं और ज‍िन्‍हें भरपूर एनर्जी की जरूरत है उन्‍हें हाई प्रोटीन डाइट लेना चाह‍िए। एक वयस्‍क द‍िनभर में 45 से 55 ग्राम प्रोटीन का सेवन कर सकता है। वहीं जो लोग क‍िडनी के मरीज है उन्‍हें हाई प्रोटीन डाइट से परहेज करना चाह‍िए।

FAQ

  • द‍िनभर में क‍ितना प्रोटीन लें?

    शि‍शुओं को दि‍नभर में 10 ग्राम प्रोटीन दे सकते हैं, स्‍कूल जाने वाले बच्‍चों को 20 से 30 ग्राम और वयस्‍क पुरुष 56 ग्राम और मह‍िला 46 ग्राम प्रोटीन का सेवन कर सकते हैं।
  • हाई प्रोटीन डाइट के साथ क‍िन चीजों को नहीं खाना चाह‍िए?

    अगर आप हाई प्रोटीन डाइट ले रहे हैं, तो प्रोसेस्‍ड मीट्स, डीप फ्राइड स्नैक्स और ज्‍यादा र‍िफाइंड ग्रेन्‍स के सेवन से बचें।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 03, 2026 13:17 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
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