Fri Sep 11, 2026 | 08:25 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

बच्चों को दूध में सत्तू मिलाकर पिलाने से मिलते हैं कई फायदे, जानें एक्सपर्ट से

इस गर्मी के मौसम में बच्चों को दूध में सत्तू मिलाकर पीने के लिए जरूर दें। यह उनकी हड्डियों को मजबूती प्रदान करेगा और इम्यूनिटी को भी बूस्ट करेगा।

गर्मियों के दिनों में ज्यादातर पेरेंट्स अपने बच्चों की डाइट को लेकर काफी सावधानी बरतते हैं। ऐसी चीजों को उनकी डाइट का हिस्सा बनाते हैं, जिससे उनका पेट ठंडा रहे और अपच जैसी समस्या न हो। इसी बात का ध्यान रखते हुए कई पेरेंट्स अपने बच्चों की डाइट में दूध में सत्तू मिलाकर पिलाते हैं। क्या आप जानते हैं कि दूध में सत्तू मिलाकर पिलाना काफी फायदेमंद है? यहां हम आपको बता रहे हैं दूध में सत्तू मिलाकर पिलाने से बच्चों को किस तरह के फायदे मिलते हैं? इस बारे में जानने के लिए हमने रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा (Ayurvedic doctor Shrey Sharma from Ramhans Charitable Hospital) से बात की।

बच्चों के लिए दूध में सत्तू मिलाकर पीने के फायदे

benefits of sattu with milk for children 01 (17)

ग्रोथ में फायदेमंद

बच्चों को दूध में सत्तू मिलाकर देना उनकी फिजिकल ग्रोथ के लिए बहुत फायदेमंद है। असल में, ये एनर्जी ड्रिंक प्रोटीन का बहुत अच्छा स्रोत है। इसका सेवन करने से बच्चों में मांसपेशियों का विकास होता है और वे रिपेयर भी होते हैं। इसके अलावा, इसमें कैल्शियम और जरूरी पोषक तत्व भी होते हैं, जो कि ग्रोथ में मदद करते हैं।

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हड्डियों को मजबूती

चूंकि बच्चे ग्रोइंग एज में होते हैं। इन दिनों उन्हें हर तरह के पोषक तत्वों की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। सत्तू और दूध में मौजूद कैल्शियम, विटामिन डी और मैग्नीशियम बच्चों की हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है। इससे बोन डेंसिटी में सुधार होता है और उन्हें स्ट्रेंथ भी मिलती है।

पाचन में सुधार

गर्मी के दिन हैं। इन दिनों दूध में सत्तू मिलाकर पीने से बच्चों को पर्याप्त मात्रा में फाइबर मिलता है। जिन बच्चों में कब्ज की समस्या होती है, उन्हें इसका सेवन जरूर करना चाहिए। इससे उनमें पेट संबंधी समस्या दूर हो जाती हैं।

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ऊर्जा में बढ़ोतरी

दूध में सत्तू मिलाकर पीने से बच्चों में ऊर्जा का स्तर भी बढ़ता है। दरअसल, यह हाई प्रोटीन, फाइबर, कॉम्प्लेक्स कार्ब्स का बेहतरीन स्रोत है। यह ब्लड शुगर को भी नियंत्रण में रखने में मदद करता है। इस तरह यह बच्चे में एनर्जी के स्तर को भी बढ़ाता है, जिससे बच्चे अधिक सक्रिय रहते हैं।

पोषक तत्वों से भरपूर

दूध में सत्तू मिलाकर पीने से बच्चों को आयरन, मैंगनीज और मैग्नीशियम जैसे कई पोषक तत्व मिलते हैं। इसका सेवन करने से बच्चों में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है, जो उनके समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। इसके अलावा, दूध में सत्तू मिलाकर पीने से पेट ठंडा रहता है यानी गर्मी के दिनों में यह बेहतरीन ड्रिंक है, जो स्कूल जाते बच्चों की बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा जरूरी तौर पर बन सकता है।

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निष्कर्ष

पेरेंट्स को चाहिए कि वे बच्चों को दूध में सत्तू मिलाकर पीने के लिए जरूर दें। यह एनर्जी का बेहतरीन स्रोत है और गर्मी में पेट को ठंडा रखता है, जिससे पाचन संबंधी समस्याएं भी दूर होती हैं। हालांकि, बच्चों को सत्तू का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए और अगर कोई बच्चा बहुत कमजोर है, तो उन्हें बिना एक्सपर्ट की सलाह इसे अपनी बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए। साथ ही अगर किसी बच्चे को दूध या सत्तू से एलर्जी है, तो बेहतर है कि वे इसका सेवन न करे।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • किस उम्र के बच्चों को दूध में सत्तू मिलाकर दे सकते हैं?

    आमतौर पर 1 साल से ऊपर के बच्चों को दूध में सत्तू मिलाकर दिया जा सकता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
  • क्या रात के समय बच्चे को दूध में सत्तू मिलाकर पीने के लिए दे सकते हैं?

    सत्तू फाइबर से भरपूर होता है, इसे सुबह के नाश्ते या शाम के समय देना सबसे अच्छा है।
  • क्या सत्तू के दूध में चीनी मिलाना जरूरी है?

    नहीं, स्वाद बढ़ाने के लिए चीनी की जगह गुड़ का पाउडर मिला सकते हैं।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    May 06, 2026 08:36 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • May 06, 2026 08:36 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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