बढ़ती उम्र में हार्मोनल बदलावों के कारण मेनोपॉज होता है, जो नेचुरल प्रक्रिया है। आमतौर पर यह प्रक्रिया 50 की उम्र के आसपास होती है, लेकिन कुछ मामलों में महिलाओं को मेनोपॉज 40 की उम्र से पहले ही हो जाता है। अगर किसी महिला को 40 की उम्र से पहले मेनोपॉज होता है, तो इसे प्रीमेच्योर मेनोपॉज (Premature Menopause) कहा जाता है। वहीं, 40 से 45 साल की उम्र के बीच मेनोपॉज होने को अर्ली मेनोपॉज कहते हैं। ऐसे में अक्सर महिलाओं के मन में सवाल होता है कि प्रीमेच्योर मेनोपॉज होने का क्या कारण हो सकता है? इसी सवाल का जवाब जानने के लिए हमने Dr. Jasleen Kaur Malhotra, Obstetrician and Gynaecologist, Cloudnine Group of Hospitals, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि कम उम्र में मेनोपॉज का मतलब सिर्फ पीरियड्स बंद होना नहीं होता, बल्कि इससे महिलाओं की फर्टिलिटी, हड्डियों, हार्ट हेल्थ और मेंटल हेल्थ पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए इसके कारणों को समझना जरूरी है।
समय से पहले मेनोपॉज क्यों होता है?
Dr. Jasleen Kaur Malhotra कहती हैं, “मेनोपॉज के दौरान ओवरी का फंक्शन कम होने लगता है और इसके साथ ही एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर भी कम होने लगता है। इस वजह से पीरियड्स पहले अनियमित होते हैं और फिर धीरे-धीरे पूरी तरह से बंद हो जाते हैं। आमतौर पर महिलाओं में यह प्रक्रिया 50 साल की उम्र के बाद धीरे-धीरे शुरू होती है और कई बार इसे पूरा होने में 5 से 7 साल तक भी लग सकते हैं, लेकिन अगर पीरियड्स ही 40 की उम्र से पहले बंद हो जाए, तो इसे प्रीमेच्योर मेनोपॉज कहा जाता है। कुछ मामलों में इसके कोई स्पष्ट कारण नहीं मिलते हैं। हालांकि, ऐसा होने पर महिलाओं में इन कारणों को चेक किया जा सकता है।”
1. फैमिली हिस्ट्री होना
Cleveland Clinic के मुताबिक, अगर किसी महिला की मां या बहन को कम उम्र में मेनोपॉज हुआ है, तो इससे अन्य महिलाओं को भी उम्र से पहले मेनोपॉज होने की संभावना बढ़ सकती है। कुछ मामलों में इसका कारण अनुवंशिक हो सकता है। इसलिए अगर किसी महिला के परिवार में ऐसा है, तो उसे डॉक्टर से कंसल्ट करके जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।
2. ऑटोइम्यून बीमारियां
Dr. Jasleen Kaur Malhotra ने बताया कि कुछ महिलाओं में ऑटोइम्यून कंडीशन होने पर इम्यून सिस्टम गलती से सेहतमंद टिश्यू को नष्ट करने लगता है। इसका असर ओवरी पर भी पड़ता है और इससे ओवरी एग्ज ओव्यूलेट करने में देरी कर सकती है या बंद भी कर सकती है। इस वजह से भी 40 से पहले मेनोपॉज होने की संभावना बढ़ सकती है।
3. कैंसर का इलाज
Dr. Jasleen Kaur Malhotra का कहना है, “कैंसर के इलाज के दौरान अगर महिलाओं को पेल्विक के आस-पास रेडिएशन या कीमोथेरेपी दी जाती है, तो ओवरी को नुकसान पहुंच सकता है। इससे हार्मोन पर भी असर पड़ सकता है और पीरियड्स बंद हो सकते हैं।”
early menopause causes
यह भी पढ़ें- जल्दी मेनोपॉज से क्यों अल्जाइमर का रिस्क बढ़ सकता है? डॉक्टर ने समझाए कारण
4. ओवरी की सर्जरी
Dr. Jasleen Kaur Malhotra ने बताया कि कुछ महिलाओं को यूटरस या ओवरी में गांठें बन सकती हैं और कई बार किसी न किसी परेशानी की वजह से ओवरी को सर्जरी के जरिए निकाल दिया जाता है। ऐसी कंडीशन में तुरंत ही मेनोपॉज हो जाता है, क्योंकि ओवरी ही एस्ट्रोजन हार्मोन बनाने में मदद करती है। ऐसे मामलों में अक्सर महिलाओं को पहले ही बता दिया जाता है कि ओवरी की सर्जरी के बाद मेनोपॉज हो सकता है।
5. कम उम्र में पीरियड्स होना और स्मोकिंग
Cleveland Clinic के मुताबिक, कुछ मामलों में देखा गया है कि जिन लड़कियों को बहुत कम उम्र में पीरियड्स शुरू हो जाते हैं, उन्हें मेनोपॉज जल्दी होने का रिस्क रहता है। इसके अलावा, जो महिलाएं स्मोक करती हैं, उन्हें भी उम्र से पहले मेनोपॉज होने का खतरा रहता है। हालांकि, हर महिला पर इसका असर एक जैसा नहीं होता। इसलिए मेनोपॉज के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
समय से पहले मेनोपॉज के लक्षण क्या हैं?
Dr. Jasleen Kaur Malhotra कहती हैं कि कम उम्र में मेनोपॉज होने पर कुछ महिलाओं को स्पष्ट लक्षण दिखाई देते हैं, जबकि कुछ में शुरुआत में कोई खास परेशानी नहीं होती। इसलिए लक्षणों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।
- पीरियड्स का अनियमित होना या बंद हो जाना
- अचानक शरीर में गर्मी महसूस होना
- रात में ज्यादा पसीना आना
- नींद आने या सोते रहने में परेशानी
- मूड में बदलाव या चिड़चिड़ापन
- योनि में सूखापन
- सेक्शुअल इंटरकोर्स करने की इच्छा न होना
- फोकस करने में दिक्कत होना
डॉक्टर की सलाह
Dr. Jasleen Kaur Malhotra महिलाओं को सलाह देते हुए कहती हैं कि अगर किसी महिला को 40 साल की उम्र से पहले मेनोपॉज हो गया है, तो उन्हें हड्डियों, हार्ट और पेशाब से जुड़ी समस्याएं हो सकती है। इसलिए जल्दी मेनोपॉज होने पर महिलाओं को डॉक्टर की सलाह लेकर अपने लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव करने चाहिए। कुछ मामलों में जरूरत पड़ने पर हार्मोन से जुड़ी जांच की सलाह भी दी जा सकती है, ताकि सही कारणों का पता लगाया जा सके।
यह भी पढ़ें- क्या मेनोपॉज के बाद भी संभव है प्रेग्नेंसी? डॉक्टर से जानें किन महिलाओं के लिए IVF हो सकता है विकल्प
निष्कर्ष
समय से पहले मेनोपॉज होने पर महिलाओं को इसके कारणों को जानना बहुत जरूरी है, ताकि वजह पता चलने पर सही इलाज हो सके। जल्दी मेनोपॉज होने से महिलाओं को सेहत से जुड़ी कई परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए जल्दी मेनोपॉज के लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए और समय रहते डॉक्टर से चेकअप कराना चाहिए।
All Image Credit: Magnific
FAQ
क्या पीसीओडी की वजह से समय से पहले मेनोपॉज हो सकता है?
पीसीओडी में हार्मोनल असंतुलन के कारण ओव्यूलेशन न होने से पीरियड्स महीनों तक रुक सकते हैं। पीसीओडी से पीड़ित महिलाओं में अक्सर मेनोपॉज सामान्य उम्र से एक से दो साल देरी से हो सकता है। इसमें मेनोपॉज पहले होने का चांस कम होता है।क्या प्रीमैच्योर मेनोपॉज होने पर त्वचा और बालों पर भी उम्र का असर जल्दी दिखने लगता है?
एस्ट्रोजन हार्मोन त्वचा में कोलेजन और नमी बनाए रखने में मदद करता है। अगर इसका स्तर कम हो जाए, तो झुर्रियां, बहुत ज्यादा सूखापन और खुजली होने लगती हैं।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Nov 04, 2026 20:32 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Jasleen Kaur Malhotra
